छत्तीसगढ़ताजा ख़बरेंब्रेकिंग न्यूज़राजनीतिराज्यसूरजपुर

लिंग आधारित हिंसा के विरुद्ध राष्ट्रीय अभियान के तहत साधु राम सेवा कुंज में हुआ कार्यक्रम

लिंग आधारित हिंसा के विरुद्ध राष्ट्रीय अभियान के तहत साधु राम सेवा कुंज में हुआ कार्यक्रम

file_000000000ae07206b6dd6cb6073112cd
WhatsApp Image 2026-03-12 at 6.47.26 PM (1)
c3bafc7d-8a11-4a77-be3b-4c82fa127c77 (1)
mantr
66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b

सूरजपुर/कलेक्टर रोहित व्यास के निर्देशन में जिला कार्यक्रम अधिकारी चन्द्रबेस सिंह सिसोदिया के मार्गदर्शन में सूरजपुर जिले के विभिन्न क्षेत्र में लिंग आधारित के विरुद्ध अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में सूरजपुर के साधु राम विद्या मंदिर में जिला बाल संरक्षण अधिकारी के नेतृत्व में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें जिला बाल संरक्षण अधिकारी मनोज जायसवाल ने बताया कि सबसे पहले लिंग आधारित हिंसा गर्भस्थ शिशु पर होता है। किसी परिवार में यदि दो बच्ची हो गई तो तीसरे गर्भस्थ शिशु का लिंग परीक्षण कराया जाता है और यदि वह बालिका है तो उसे गर्भ में ही हत्या की जाती है। इसके लिए कानूनी प्रावधान दिये गये है। कोई भी नर्सिंग या अस्पताल गर्भस्थ शिशु का लिंग परीक्षण नहीं कर सकता। इस हेतु महिलाओं को जागरूक होना जरूरी है। उन्होंने बताया की आज कल बाल विवाह के आधार जिले में ज्यादा हो गये है। छोटी-छोटी बच्चियों का विवाह कर दिया जाता है। जिले को बाल विवाह मुक्त कराने हेतु जागरुकता अभियान चलाया जा रहा है।
लैंगिक अपराध भी बच्चों के खिलाफ बढ़ गये है, जबकि लैंगिक अपराध से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 के तहत् यह गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है इस हेतु उन्होने बच्चों को चुप्पी तोड़ने का आह्वान के खिलाफ मुखर होकर विरोध करने के लिए उन्होंने चार सूत्र नो-गो-टेल एफ.आई.आर. बताया। जिसमें बचने की विस्तृत जानकारी दी। इस अधिनियम के तहत् भी जिले में 95 प्रतिषत प्रकरण लड़कियों के आ रहे है। इसलिये हम सभी को इसके प्रति जागरुक रहना पड़ेगा। इस अधिनियम की विस्तृत जानकारी बच्चियों को दी गई। साथ ही बच्चीयों को गुड-टच-बेड-टच की भी जानकारी दी गई। हमें स्पर्श के प्रति जागरूक रहना है और प्रारम्भ में ही अनचाहे स्पर्श का विरोध करना है। कार्यक्रम में बच्चों को टोल फ्रि नं. 1098, 181 एवं 112 के इस्तेमाल करने की जानकारी दी गई साथ ही बताया गया कि यदि बच्चे पर कोई संकट हो तो 1098 और अति आवश्यक होने पर 112 महिलाओं के सहायता हेतु 181 और अति आवश्यक होने पर 112 पर फोन किया जा सकता है।
साथ ही बच्चियों को घरेलु हिंसा, दहेज प्रताड़ना, टोनही प्रताड़ना सखी वन स्टाप सेंटर की सेवाओं के संबंध में बताया गया। स्कूल के बच्चों ने प्रश्नोत्तरी में बढ़-चढ़ कर भाग लिया। सभी बच्चियों को उत्तर देने पर प्रसस्ती पत्र एवं पुरुस्कार से सम्मानित किया गया। बच्चों में काफी उत्साह देखने को मिला कार्यक्रम में जिला बाल संरक्षण अधिकारी मनोज जायसवाल के अतिरिक्त जिला बाल संरक्षण इकाई के काउंसलर जैनेन्द्र दुबे चाईल्ड लाईन के क्वाटीनेटर कात्तिक मजूमदार, पवन धीवर एवं नन्दनी उपस्थित थे।

Pradesh Khabar

e6e82d19-dc48-4c76-bed1-b869be56b2ea (2)
WhatsApp Image 2026-01-04 at 4.02.37 PM
WhatsApp Image 2026-01-04 at 3.36.04 PM
WhatsApp Image 2026-01-04 at 3.39.12 PM
WhatsApp Image 2026-01-04 at 3.44.45 PM (1)

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!