छत्तीसगढ़ में साइबर सुरक्षा पर कार्यशाला संपन्न, डिजिटल सुशासन को लेकर सरकार गंभीर

साइबर सुरक्षा पर एक दिवसीय कार्यशाला संपन्न

डिजिटल सुरक्षा की दिशा में राज्य शासन की गंभीर पहल

 

रायपुर, 10 मई 2025।छत्तीसगढ़ शासन द्वारा डिजिटल युग की चुनौतियों से निपटने और प्रशासनिक तंत्र को साइबर खतरों से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से नवा रायपुर में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग तथा चिप्स (CHiPS) के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुई।

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कार्यशाला का मुख्य आकर्षण रहे साइबर सिक्योरिटी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, हैदराबाद के सीईओ डॉ. श्रीराम बिरुदावोलू, जिन्होंने साइबर खतरों, उनके वैश्विक प्रभाव और बचाव रणनीतियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि, “साइबर सुरक्षा अब तकनीकी विषय भर नहीं, बल्कि प्रशासनिक उत्तरदायित्व है। इससे उपेक्षा करना सुनामी जैसे संकट को न्योता देना है।”

इस अवसर पर चिप्स के सीईओ प्रभात मलिक ने कहा, “साइबर सुरक्षा नागरिकों को निर्बाध सेवाएं देने की आधारशिला बन चुकी है। शासकीय अधिकारियों को अब इन खतरों की जटिलता को समझते हुए सुदृढ़ रणनीतियों को अपनाने की आवश्यकता है।”

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कार्यशाला में निम्नलिखित प्रमुख विषयों पर चर्चा और प्रस्तुतीकरण हुए:

  • साइबर खतरों की पहचान और रोकथाम

  • साइबर हमलों की नवीन प्रवृत्तियाँ

  • डेटा सुरक्षा के कानूनी और विनियामक प्रावधान

  • शासकीय डिजिटल संपत्तियों की सुरक्षा रणनीति

कार्यशाला में राज्य के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। इनमें लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, समाज कल्याण विभाग की संचालक सुश्री रोक्तिमा यादव, राज्य ग्रामीण लाइवलीहुड मिशन की संचालक सुश्री जयश्री जैन, सीजीएमएससी की महाप्रबंधक सुश्री पद्मिनी भोई साहू, चिप्स के एसीईओ शशांक पांडे, और ज्वाइंट सीईओ अनुपम आशीष टोप्पो प्रमुख थे। इसके अलावा गृह, वन और शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने भी कार्यशाला में सक्रिय भागीदारी की।

कार्यशाला का उद्देश्य प्रशासनिक तंत्र को साइबर सुरक्षा के प्रति अधिक संवेदनशील बनाना और डिजिटल सुशासन की दिशा में राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को और मजबूती देना था।