बाढ़ आपदा से निपटने कांकेर में 18 अगस्त को टेबलटॉप एक्सरसाइज: NDMA के निर्देश पर जिला एनआईसी कक्ष में जुटेंगे सभी विभागों के अधिकारी
मुख्य बिंदु (Key Highlights)
- आयोजन तिथि: 18 अगस्त 2026 (मंगलवार)
- समय: प्रातः 10:30 बजे से अपरान्ह 03:00 बजे तक
- स्थान: जिला कार्यालय परिसर स्थित एनआईसी (NIC) कक्ष, कांकेर
- उद्देश्य: वर्षाकाल के दौरान संभावित बाढ़ आपदा के समय त्वरित राहत, बचाव व विभागीय तालमेल की समीक्षा।
- निर्देश: सभी नोडल अधिकारियों एवं संबंधित विभागीय प्रमुखों की अनिवार्य उपस्थिति के आदेश।
NDMA के निर्देश पर बाढ़ आपदा से निपटने की अग्रिम तैयारी
उत्तर बस्तर कांकेर (14 अगस्त 2026): मानसून सत्र के दौरान नदियों एवं जलाशयों के जलस्तर में वृद्धि तथा संभावित अतिवृष्टि व बाढ़ की स्थितियों से निपटने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क मोड पर आ गया है। भारत सरकार, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) नई दिल्ली के दिशा-निर्देशों के परिपालन में जिले में बाढ़ आपदा की पूर्व तैयारियों, त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली और अंतर-विभागीय समन्वय को परखने के लिए विशेष अभ्यास का आयोजन किया जा रहा है।
इसी कड़ी में 18 अगस्त 2026 को जिला कार्यालय कांकेर स्थित एनआईसी (NIC) वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष में प्रातः 10:30 बजे से अपरान्ह 03:00 बजे तक एक उच्चस्तरीय टेबलटॉप एक्सरसाइज (Tabletop Exercise) आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। इस दौरान काल्पनिक आपदा परिदृश्यों (Simulated Emergency Scenarios) के माध्यम से आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र का विश्लेषण किया जाएगा।
कार्यक्रम का समय एवं रूपरेखा
| विशेषता | विवरण |
|---|---|
| कार्यक्रम का नाम | बाढ़ आपदा प्रबंधन टेबलटॉप एक्सरसाइज (Tabletop Exercise) |
| दिनांक | 18 अगस्त 2026 |
| समय | प्रातः 10:30 बजे से अपरान्ह 03:00 बजे तक |
| स्थल | जिला कार्यालय का एनआईसी (NIC) कक्ष, कांकेर |
| मार्गदर्शन संस्थान | राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA), नई दिल्ली |
क्या होती है टेबलटॉप एक्सरसाइज और क्यों है यह आवश्यक?
टेबलटॉप एक्सरसाइज आपदा प्रबंधन का एक अत्यंत महत्वपूर्ण सैद्धांतिक व रणनीतिक चरण है। इसमें किसी वास्तविक आपदा (जैसे अचानक आई बाढ़, बांध टूटना या भारी जलभराव) की स्थिति की परिकल्पना की जाती है। इसके पश्चात विभिन्न हितधारक विभागों—जैसे राजस्व, पुलिस, होमगार्ड, स्वास्थ्य, सिंचाई, खाद्य, लोक निर्माण, बिजली एवं पेयजल विभाग—के अधिकारी एक साथ बैठकर अपनी-अपनी मानक संचालन प्रक्रियाओं (SOPs) की समीक्षा करते हैं।
इस अभ्यास के जरिए यह परखा जाता है कि संकट की स्थिति में कौन सा विभाग कितनी तेजी से निर्णय लेता है, संसाधनों का आवंटन कैसे होता है और प्रभावित नागरिकों व पशुआश्रयों तक राहत एवं बचाव सामग्री बिना किसी देरी के कैसे पहुँचाई जा सकती है।
सभी संबंधित अधिकारियों को अनिवार्य उपस्थिति के निर्देश
प्रशासनिक आदेश: जिला प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, जिले के सभी संबंधित विभागों के विभागाध्यक्षों, नोडल अधिकारियों और आपदा प्रबंधन टीम के सदस्यों को इस टेबलटॉप एक्सरसाइज में समय पर उपस्थित रहने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर जवाबदेही तय की जाएगी।
बैठक में स्वास्थ्य विभाग को घायलों के इलाज, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) को शुद्ध पेयजल, खाद्य विभाग को सूखा राशन तथा राजस्व व पुलिस विभाग को नागरिक सुरक्षा व राहत शिविरों के संचालन संबंधी रणनीतियों पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण और अभ्यास करना होगा।













