गरियाबंद जिले की सहकारी समितियों में बीज और खाद का पर्याप्त भंडारण, किसानों को उठाव की अपील

गरियाबंद में खरीफ फसलों की बुवाई जोरों पर है, और किसानों की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए, जिला प्रशासन ने सहकारी समितियों में पर्याप्त मात्रा में बीज और रासायनिक उर्वरकों का भंडारण किया है.

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बीज और उर्वरक का भंडारण व वितरण

जिले की 67 सहकारी समितियों में अब तक 18,062.70 क्विंटल धान बीज और 21,501 मीट्रिक टन रासायनिक उर्वरक का भंडारण किया गया है. किसानों को अब तक 15,918 क्विंटल धान बीज और 17,000 मीट्रिक टन उर्वरक वितरित किया जा चुका है. फिलहाल 2,144 क्विंटल बीज और 4,505 मीट्रिक टन उर्वरक सहकारी समितियों में उपलब्ध हैं.

उपलब्ध किस्में और उर्वरक

धान बीज की प्रमुख किस्में:

  • एमटीयू-1010
  • एमटीयू-1001
  • एमटीयू-1156
  • स्वर्णा
  • स्वर्णा सब-1
  • महामाया
  • विक्रम-टीसीआर
  • सीजी-देवभोग
  • आईआर-64

रासायनिक उर्वरक:

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  • यूरिया
  • सिंगल सुपर फास्फेट (SSP)
  • पोटाश
  • एनपीके (20:20:0:13, 28:28:0, 12:32:16)
  • डीएपी

उर्वरकों के उपयोग और लाभ

  • एनपीके 20:20:0:13: इसमें नाइट्रोजन, फास्फोरस और सल्फर होते हैं, जो फसलों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं और क्लोरोफिल व प्रोटीन के निर्माण में मदद करते हैं.
  • सिंगल सुपर फास्फेट (SSP): इसमें सल्फर और कैल्शियम की मौजूदगी से मिट्टी की अम्लीयता में सुधार होता है और जड़ों का विकास बेहतर होता है.

कालाबाजारी पर रोक और किसानों के लिए निर्देश

कलेक्टर श्री बी.एस. उइके ने कृषि विभाग, विपणन अधिकारी और सहकारी संस्थाओं को बीज और उर्वरक की नियमित आपूर्ति, कालाबाजारी पर रोक, और निर्धारित दर पर बिक्री सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं.

किसानों से अपील की गई है कि वे:

  • अधिकृत विक्रेता से ही शून्य प्रतिशत ब्याज पर किसान क्रेडिट कार्ड द्वारा बीज-खाद खरीदें.
  • सामग्री का पक्का बिल लेना न भूलें.
  • किसी भी प्रकार की शिकायत होने पर वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी या उप संचालक कृषि कार्यालय में संपर्क करें.