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अब कचरे से बनेंगी भारत की सड़कें : नितिन गडकरी बोले – 2027 तक सभी ठोस कचरे का सड़कों में होगा उपयोग

अब कचरे से बनेंगी भारत की सड़कें : नितिन गडकरी का बड़ा ऐलान

पर्यावरण संरक्षण और विकास को जोड़ेगी नई ‘ग्रीन रोड पॉलिसी’

 

नई दिल्ली | 10 अक्टूबर 2025 | ब्यूरो रिपोर्ट| भारत सरकार अब सड़क निर्माण को एक नए रूप में बदलने जा रही है, जहां विकास के साथ पर्यावरण की सुरक्षा भी समान प्राथमिकता होगी।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि देश में अब सड़क निर्माण में कचरे और अपशिष्ट पदार्थों का उपयोग किया जाएगा। इस कदम से न केवल स्वच्छ भारत मिशन को बल मिलेगा, बल्कि भारत को टिकाऊ विकास (Sustainable Development) की दिशा में भी गति मिलेगी।


कचरे से सड़कों का निर्माण : लागत घटेगी, प्रदूषण कम होगा

कार्यक्रम के दौरान गडकरी ने कहा —

“सड़क निर्माण केवल विकास का प्रतीक नहीं है, बल्कि अब इसे पर्यावरण संरक्षण से जोड़ना भी जरूरी है। कचरे का उपयोग सड़कों में करने से न केवल लागत घटेगी बल्कि प्रदूषण में भी भारी कमी आएगी।”

उन्होंने बताया कि अब तक करीब 80 लाख टन कचरे का उपयोग सड़क निर्माण में किया जा चुका है। मंत्रालय का लक्ष्य है कि साल 2027 तक देश के सभी ठोस कचरे का उपयोग सड़कों के निर्माण में किया जाए।

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दिल्ली के ‘कचरे के पहाड़’ होंगे समतल

गडकरी ने दिल्ली के कचरे के बड़े-बड़े ढेरों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा —

“दिल्ली में चार ऐसे कचरे के पहाड़ हैं जिन्हें देखकर अच्छा नहीं लगता। हमारा लक्ष्य है कि इन्हीं जगहों के कचरे से सड़कों का निर्माण किया जाए ताकि पर्यावरण को भी राहत मिले और राजधानी को नया रूप दिया जा सके।”


भारत बनेगा दुनिया का सबसे बड़ा ऑटोमोबाइल बाजार

गडकरी ने इस मौके पर भारत की तेजी से बढ़ती ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री पर भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि फिलहाल यह इंडस्ट्री 22 लाख करोड़ रुपये के आकार की है, जिससे भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा ऑटोमोबाइल बाजार बन चुका है।

“आने वाले पांच सालों में भारत अमेरिका और चीन को भी पीछे छोड़ सकता है,” उन्होंने कहा।


ग्रीन रोड मिशन : पर्यावरण और अर्थव्यवस्था दोनों को लाभ

सरकार का लक्ष्य सड़क निर्माण को ग्रीन, सस्ता और सस्टेनेबल बनाना है। इससे एक ओर निर्माण लागत कम होगी, वहीं दूसरी ओर कार्बन उत्सर्जन घटेगा और रीसायक्लिंग उद्योग को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

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