राजनांदगांव : पिछले वर्ष समर्थन मूल्य में धान बेचने वाले किसान को नहीं कराना पड़ेगा राजीव गांधी किसान न्याय योजना में पंजीयन

राजनांदगांव : पिछले वर्ष समर्थन मूल्य में धान बेचने वाले किसान को नहीं कराना पड़ेगा राजीव गांधी किसान न्याय योजना में पंजीयन

ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_14_44 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_53_50 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_08_26 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_16_13 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_22_41 PM

राजनांदगांव 17 जुलाई 2021

66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-05-10 at 2.46.41 PM (1)
17a09f88-37fa-496a-8923-b0e0bac9f15d

छत्तीसगढ़ शासन द्वारा खरीफ 2021 में राजीव गांधी किसान न्याय योजना के संबंध में किसानों के पंजीयन में संशोधन निर्देश जारी किया गया है। जिसके अनुसार पिछले वर्ष खरीफ में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले पंजीकृत किसानों को राजीव गांधी किसान न्याय योजना में पंजीयन नहीं कराना पड़ेगा। इन किसानों की पूर्व में पंजीकृत जानकारी के आधार पर योजना में शामिल किये जाएगे। पिछले वर्ष 1 लाख 95 हजार 714 किसानों के द्वारा 256815.8 हेक्टेयर में धान बेचने के लिए पंजीयन कराया था, जिसमें धान बेचने वाले सभी किसानों को राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत प्रोत्साहन राशि का लाभ प्राप्त हुआ है। इसके अलावा इस वर्ष सोयाबीन, अरहर, मक्का, कोदो, कुटकी एवं गन्ना उत्पादन लेने वाले किसानों को पंजीयन कराना होगा। तभी योजना के तहत 9 हजार रूपए प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि का लाभ प्राप्त होगा। किसान ने पिछले वर्ष जिस खसरे में धान बेचा था, यदि उस खसरे में धान के बदले फसल परिवर्तन करते है, तो उसे अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि का लाभ प्राप्त होगा। पंजीयन कराने पर फसल परिवर्तन के तहत सुगंधित धान, जिंक धान, दलहन, तिलहन, कोदो- कुटकी, मक्का, केला, पपीता लेने पर किसान को पंजीयन के बाद 10 हजार रूपए प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि दी जायेगा। वृक्षारोपण करने वाले किसानों को लगातार तीन वर्षों तक 10 हजार प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि मिलेगी। इसके अतिरिक्त संयुक्त खातेदार कृषक का पंजीयन नंबरदार के नाम से किया जाना है। जिस हेतु कृषक को स्वघोषणा पत्र दिया जाना
अनिवार्य है।
पात्र कृषक-
समस्त श्रेणी के भू-स्वामी एवं वन पट्टाधारी कृषक योजना का लाभ प्राप्त कर सकते है। संस्थागत भू-धारक, रेगहा, बटाईदार, कृषक अपात्र होंगे।
आवश्यक दस्तावेज-
योजनांतर्गत पंजीयन कराने के लिए ऋण पुस्तिका, बी-1, आधार कार्ड, बैंक पासबुक की छायाप्रति के साथ आवेदन प्रपत्र आवश्यक है। आवेदन प्रपत्र संबंधित क्षेत्र के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी के माध्यम से प्राप्त कर सकते है। इसके साथ ही आवेदन प्रपत्र एवं अन्य जानकारी वेबसाइट 222.ह्म्द्दद्मठ्ठ4.द्दश1.द्बठ्ठ से प्राप्त की जा सकती है।
पंजीयन –
कृषक 1 जून से 30 सितम्बर 2021 तक पंजीयन करा सकते है। ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी के द्वारा खसरा एवं फसल का सत्यापन उपरांत संबंधित सेवा सहकारी समितियों से समयावधि में पंजीयन कराना होगा। अपंजीकृत कृषक की पात्रता नहीं होगी। राजीव गांधी किसान न्याय योजना में चयनित फसलों का उत्पादन लेने वाले किसान नियत तिथि 30 सितंबर से पूर्व पंजीयन कराकर योजनांतर्गत आदान सहायता राशि का लाभ ले सकते है। योजना के संबंध में विस्तृत जानकारी के लिए अपने क्षेत्र के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी से सम्पर्क कर सकते है।

[contact-form][contact-field label=”Name” type=”name” required=”true” /][contact-field label=”Email” type=”email” required=”true” /][contact-field label=”Website” type=”url” /][contact-field label=”Message” type=”textarea” /][/contact-form]