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मौनी अमावस्या पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से कथित पुलिस अभद्रता, सरगुजा कांग्रेस की प्रेसवार्ता

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से पुलिस अभद्रता के विरोध में सरगुजा जिला कांग्रेस की प्रेसवार्ता

अंबिकापुर, 21 जनवरी 2026/ मौनी अमावस्या के अवसर पर प्रयागराज माघ मेले में शाही स्नान के लिए जा रहे ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती एवं उनके दल के संतों के साथ उत्तरप्रदेश पुलिस प्रशासन द्वारा की गई कथित अभद्रता के विरोध में आज जिला कांग्रेस कमेटी सरगुजा द्वारा प्रेसवार्ता आयोजित की गई। कांग्रेस नेताओं ने इस घटना को सनातन परंपरा पर सीधा हमला बताते हुए केंद्र एवं उत्तरप्रदेश सरकार से तत्काल माफी और न्याय की मांग की।

प्रेसवार्ता में बताया गया कि मौनी अमावस्या के दिन शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद अपने दल के संतों के साथ संगम स्नान के लिए प्रयागराज जा रहे थे। इस दौरान पुलिस ने न केवल उन्हें स्नान के लिए जाने से रोका, बल्कि उनके साथ मौजूद बुजुर्ग संतों के साथ मारपीट भी की गई। आरोप है कि पुलिस की आक्रामक कार्रवाई में शंकराचार्य द्वारा उपयोग किए जा रहे रथ की सनातन धर्म की प्रतीक छतरी टूट गई तथा कई संतों की चुटिया खींचकर उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया। इस घटना में कई संत घायल हुए हैं, जिनका उपचार अस्पताल में जारी है।

कांग्रेस ने बताया कि इस घटना के बाद से शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद 18 जनवरी से धरने पर बैठे हैं, किंतु स्वयं को सनातन धर्म का हितैषी बताने वाली भाजपा सरकार ने अब तक न तो उनसे माफी मांगी है और न ही उनके स्नान की कोई व्यवस्था की है। इसी के विरोध में छत्तीसगढ़ के सभी जिला मुख्यालयों में कांग्रेस द्वारा प्रेसवार्ताएं आयोजित की गई हैं।

भाजपा ने सनातन परंपरा का अपमान किया – बालकृष्ण पाठक

प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस अध्यक्ष बालकृष्ण पाठक ने कहा कि शंकराचार्य के साथ जो घटना घटी है, वैसी न तो औरंगजेब के समय हुई और न ही अंग्रेजों के शासनकाल में। उन्होंने कहा कि 2014 के चुनाव से पहले भाजपा ने गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा देने और गौवध बंद करने का वादा किया था, लेकिन सत्ता में आने के बाद भाजपा अपने वादों से पलट गई।

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उन्होंने आरोप लगाया कि गौ रक्षा के मुद्दे पर सवाल उठाने के कारण शंकराचार्य भाजपा सरकार के विरोध में हैं और इसी वजह से सरकार उनके प्रति दुर्भावनापूर्ण रवैया अपना रही है। ध्यान भटकाने के लिए भाजपा उनकी पदवी पर विवाद खड़ा कर रही है, जबकि गुरु-शिष्य परंपरा के तहत उनकी पदवी के पर्याप्त प्रमाण मौजूद हैं।

सनातन परंपरा पर भाजपा का काला धब्बा – द्वितेंद्र मिश्रा

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री द्वितेंद्र मिश्रा ने कहा कि उत्तरप्रदेश की भाजपा सरकार द्वारा शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के साथ की गई घटना सनातन परंपरा पर भाजपा की ओर से लगाया गया काला धब्बा है। इससे स्पष्ट हो गया है कि भाजपा धर्म और संतों का उपयोग केवल अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए करती है।

उन्होंने कहा कि भाजपा के लिए वही संत स्वीकार्य हैं जो उसके राजनीतिक एजेंडे को पूरा करें। जो संत सनातन परंपरा की रक्षा की बात करते हैं, उन्हें भाजपा राजनीतिक चुनौती मानती है और उनके साथ दुर्व्यवहार करती है।

भाजपा सत्ता की भूखी, धर्म से नहीं – मो. इस्लाम

जिला कांग्रेस के उपाध्यक्ष मो. इस्लाम ने कहा कि यह घटना साबित करती है कि भाजपा सभी धर्मों की विरोधी है और उसे केवल सत्ता से मतलब है। एक ओर गौ रक्षा की मांग करने वाले शंकराचार्य के साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर बीफ कंपनियों से सैकड़ों करोड़ रुपये का चंदा लिया जा रहा है।

हिंदू धर्म पर भाजपा का असली चेहरा उजागर – इंद्रजीत सिंह धंजल

ब्लॉक कांग्रेस अंबिकापुर के अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह धंजल ने कहा कि शंकराचार्य के साथ किया गया व्यवहार आंखें खोलने वाला है। यह घटना हिंदू धर्म के नाम पर राजनीति करने वाली भाजपा का असली चेहरा उजागर करती है।

इस दौरान पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष हेमंत सिन्हा, रामविनय सिंह, अनूप मेहता, गुरुप्रीत सिंह सिद्धू, नरेंद्र विश्वकर्मा, जमील खान, चंद्रप्रकाश सिंह, रजनीश सिंह, सोहन जायसवाल, अमित सिन्हा, अमित सिंह, अविनाश कुमार और विकास शर्मा मौजूद रहे।

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