भाषाएँ अनेक, वेश अनेक, पर भाव एक — भारत
गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ उस समय भारत की आत्मा का जीवंत प्रतीक बन गया, जब देश के कोने-कोने से आए कलाकारों, झांकियों और टुकड़ियों ने विविधता में एकता की अद्भुत झलक पेश की। अलग-अलग भाषाएं, परंपराएं और वेशभूषाएं होने के बावजूद मंच पर एक ही भावना दिखाई दी — राष्ट्रप्रेम और भारत पर गर्व।
गणतंत्र दिवस परेड 2026 ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि भारत की ताकत उसकी विविधता में ही निहित है। यही भाव “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” की संकल्पना को साकार करता है।













