छत्तीसगढ़ के सक्ती में 1.31 करोड़ के धान घोटाले के आरोपी शशिकांत महंत का कलेक्ट्रेट में टॉयलेट साफ करते वीडियो वायरल है। शशिकांत का कहना था कि कलेक्टर अमृत विकास तोपनो के कहने पर वह टॉयलेट साफ कर रहा था। वीडियो वायरल होने के बाद कलेक्टर ने आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें झूठा और भ्रामक बताया है।
कलेक्टर अमृत विकास तोपनो ने कहा कि यह वीडियो एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा है। उसके खिलाफ चल रही भ्रष्टाचार की कार्रवाई से बचने के लिए ऐसे आरोप लगा रहा है। अगर हमने ऐसा कराया होता तो उसके पास वीडियो कैसे आता। वह कहीं भी जाकर टॉयलेट साफ कर वीडियो बना सकता है।
बता दें कि मामले की शिकायत छत्तीसगढ़ मानवाधिकार आयोग में भी की गई है। हालांकि, वीडियो एक सप्ताह पुराना बताया जा रहा है। जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वहीं, इस मामले में डभरा थाना पुलिस ने शशिकांत महंत को गिरफ्तार कर लिया है।
जानिए क्या है पूरा मामला ?
दरअसल, पुटीडीह धान खरीदी केंद्र का मामला नवंबर 2025 में सामने आया था। उस समय अधिकारियों को धान की बोरियों में मिट्टी मिलाए जाने की सूचना मिली थी। जांच के दौरान करीब 4200 क्विंटल धान की कमी मिली। आरोप है कि कमी को छिपाने के लिए धान की बोरियों में मिट्टी मिलाकर भेजने की तैयारी की जा रही थी।
इससे सरकार को करीब 1.31 करोड़ रुपए के नुकसान का अनुमान है। मामले में शुरुआत में धान खरीदी केंद्र प्रभारी प्रकाश महंत के खिलाफ ही FIR दर्ज की गई थी। बाद में सहकारिता विभाग की जांच में संस्था प्रबंधक शशिकांत महंत, कंप्यूटर ऑपरेटर द्रोण प्रताप शांडिल्य और कर्मचारी श्याम बाई की भूमिका भी सामने आई।














