Republic Day 2026: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को दिया अशोक चक्र, अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र जाने वाले पहले भारतीय

गणतंत्र दिवस 2026: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र से किया सम्मानित

नई दिल्ली | गणतंत्र दिवस विशेष |77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर देश को गौरवान्वित करने वाला एक ऐतिहासिक क्षण उस समय देखने को मिला, जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने भारत के सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता पुरस्कार अशोक चक्र से भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को सम्मानित किया। यह सम्मान उन्हें असाधारण साहस, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्र के लिए किए गए अद्वितीय योगदान के लिए प्रदान किया गया।

WhatsApp Image 2026-03-12 at 6.47.26 PM (1)
file_000000009a407207b6d77d3c5cd41ab0
WhatsApp Image 2026-06-26 at 00.16.05 (1)

ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र (International Space Station – ISS) तक पहुंच बनाकर एक नया इतिहास रच दिया। वे अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र पर पदार्पण करने वाले पहले भारतीय बने हैं। उनकी इस उपलब्धि ने न केवल भारतीय वायुसेना, बल्कि पूरे देश का मान बढ़ाया है और भारत की बढ़ती अंतरिक्ष क्षमता को वैश्विक मंच पर मजबूती से स्थापित किया है।

66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-05-10 at 2.46.41 PM (1)

राष्ट्रपति भवन द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, शुभांशु शुक्ला का चयन उनकी असाधारण नेतृत्व क्षमता, तकनीकी दक्षता और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करने की अद्भुत योग्यता को ध्यान में रखते हुए किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने उन्हें अशोक चक्र प्रदान करते हुए कहा कि उनका साहस और समर्पण देश के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है।

कर्तव्य पथ पर आयोजित भव्य समारोह में जब ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को सम्मान प्रदान किया गया, तो पूरा वातावरण तालियों की गूंज से भर उठा। इस अवसर पर प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री, वरिष्ठ सैन्य अधिकारी और अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। देशभर में इस ऐतिहासिक उपलब्धि को लेकर गर्व और उत्साह का माहौल देखने को मिला।

विशेषज्ञों का मानना है कि शुभांशु शुक्ला की यह उपलब्धि भारत के मानव अंतरिक्ष अभियानों के लिए एक मजबूत आधार तैयार करेगी। इससे आने वाले समय में भारत अंतरिक्ष अनुसंधान और रक्षा क्षेत्र में और अधिक ऊंचाइयों को छू सकेगा।

गणतंत्र दिवस 2026 पर दिया गया यह सम्मान यह दर्शाता है कि भारत अपने वीर सपूतों के साहस और योगदान को पूरे सम्मान के साथ स्वीकार करता है। ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला की यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों को देश सेवा, विज्ञान और साहस के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देती रहेगी।