
PM मोदी ने India Energy Week 2026 में वैश्विक ऊर्जा निवेश के अवसरों पर बल दिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गोवा में India Energy Week 2026 में वैश्विक ऊर्जा निवेश, भारत की रिफाइनिंग क्षमता और EU समझौते पर बल दिया।
PM मोदी ने गोवा में India Energy Week 2026 में वैश्विक ऊर्जा निवेश के अवसरों पर बल दिया
गोवा | 27 जनवरी 2026 |भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने India Energy Week 2026 के नए संस्करण के उद्घाटन अवसर पर कहा कि भारत वैश्विक ऊर्जा निवेश के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण और आकर्षक गंतव्य बनता जा रहा है। इस कार्यक्रम में दुनिया के लगभग 150 देशों के प्रतिनिधि उपस्थित हैं, जो एनर्जी सिक्योर और सस्टेनेबल फ्यूचर पर चर्चा करने भारत आए हैं। प्रधानमंत्री ने सभी प्रतिनिधियों का स्वागत किया और उन्हें अभिनंदन किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि India Energy Week ने तेजी से ऊर्जा क्षेत्र में संवाद और कार्रवाई के लिए वैश्विक मंच का रूप ले लिया है। उन्होंने बताया कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक है और यहाँ ऊर्जा की मांग लगातार बढ़ रही है। इस अवसर का उपयोग कर भारत वैश्विक ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए उपयुक्त साझेदारी और निवेश के अवसर प्रदान करता है।
प्रधानमंत्री ने उल्लेख किया कि आज भारत पेट्रोलियम उत्पादों के शीर्ष निर्यातकों में शामिल है और हमारी सप्लाई दुनिया के 150 से अधिक देशों तक पहुँचती है। उन्होंने कहा कि भारत की यह क्षमता वैश्विक ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए निवेशकों और अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के लिए एक बड़ा लाभ है।
प्रधानमंत्री ने कल हुए भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच समझौते का जिक्र करते हुए कहा कि इसे वैश्विक स्तर पर ‘Mother of All Deals’ के रूप में देखा जा रहा है। यह समझौता न केवल 140 करोड़ भारतीय और यूरोप के करोड़ों लोगों के लिए अवसर लेकर आया है, बल्कि यह वैश्विक GDP के 25 प्रतिशत और वैश्विक व्यापार के एक-तिहाई हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह समझौता ट्रेड के साथ-साथ लोकतंत्र और रूल ऑफ लॉ के प्रति साझा प्रतिबद्धता को भी मजबूत करता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की रिफाइनिंग क्षमता पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि भारत वर्तमान में दुनिया में रिफाइनिंग क्षमता में दूसरे स्थान पर है और जल्द ही पहले स्थान पर पहुंचने की तैयारी कर रहा है। वर्तमान में भारत की रिफाइनिंग क्षमता लगभग 260 MMTPA है, और इसे 300 MMTPA तक बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। यह क्षमता निवेशकों के लिए अत्यंत लाभकारी अवसर प्रदान करती है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि India Energy Week एक ऐसा मंच है जहाँ वैश्विक निवेशक और ऊर्जा उद्योग के विशेषज्ञ साझेदारी और सहयोग के अवसर तलाश सकते हैं। उन्होंने कहा कि भारत न केवल ऊर्जा उत्पादन में आत्मनिर्भर है बल्कि वैश्विक ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए भी रणनीतिक रूप से तैयार है।
प्रधानमंत्री के इस संबोधन ने स्पष्ट किया कि भारत ऊर्जा क्षेत्र में निवेश और साझेदारी के लिए वैश्विक दृष्टिकोण से उपयुक्त देश है। उनका संदेश निवेशकों और उद्योगपतियों के लिए अवसरों का स्वागत करते हुए भारत को एक स्थायी और भरोसेमंद वैश्विक ऊर्जा केंद्र के रूप में स्थापित करता है।












