जिले के 46 बच्चे महतारी दुलार योजना से लाभान्वित. पढ़ाई -लिखाई अनवरत जारी रखने में मिली मदद

जिले के 46 बच्चे महतारी दुलार योजना से लाभान्वित. पढ़ाई -लिखाई अनवरत जारी रखने में मिली मदद

प्रभा सिंह यादव/ब्यूरो चीफ/सरगुजा// जिन बच्चो ने कोविड से अपने माता पिता को खोया है उनकी पढ़ाई लिखाई में मदद करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ शासन द्वारा संचालित छत्तीसगढ़ महतारी दुलार योजना से  जिले के 46 बच्चे लाभान्वित हुए।इन 23 बच्चे कक्षा 9वीं से 12वीं तक तथा 6वीं से 8वीं कक्षा तक 23 बच्चे शामिल हैं।कलेक्टर संजीव कुमार झा के निर्देशानुसार स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा स्वास्थ्य विभाग से समन्वय कर जिले के ऐसे 46 बच्चों की सूची तैयार की है जिन्होंने कोविड से अपने माता पिता खोया है।

ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_14_44 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_53_50 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_08_26 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_16_13 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_22_41 PM

इन बच्चों को कक्षा पहली से 8 वी तक 500 रुपये तथा 9 वी से 12 तक 1000 रुपये प्रतिमाह  छात्रवृत्ति मिलेगी। अब इन बच्चो को अपनी पढ़ाई  अनवरत जारी रखने में संबल मिलेगी।ज्ञातब्य है कि छत्तीसगढ़ महतारी दुलार योजना प्रदेश के मूल निवासी परिवारों के लिए है जिसमे  ऐसे बच्चे जिनके परिवार से कमाने वाले माता या पिता या दोनों की मृत्यु कोरोना की वजह से हो गई हो वे इस योजना के दायरे में आएंगे।

66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-05-10 at 2.46.41 PM (1)
17a09f88-37fa-496a-8923-b0e0bac9f15d

ऐसे बच्चे भी इस योजना में शामिल किए जाएंगे जिनके घर में कमाने वाले वयस्क सदस्य के न रहने के कारण भरण-पोषण की समस्या हो गई।महतारी दुलार योजना की पात्रता में आने वाले बच्चों को प्रदेश के शासकीय एवं निजी स्कूलों में निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी।ऐसे बच्चों को राज्य सरकार के स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल में प्रवेश में प्राथमिकता दी जाएगी। उनकी शिक्षा का पूरा खर्च राज्य सरकार उठाएगी।

ऐसे विद्यार्थियों को कक्षा पहली से 8वीं तक 500 रुपए प्रति माह और कक्षा 9वीं से 12वीं तक 1000 रुपए प्रति माह की छात्रवृत्ति दी जाएगी।स्कूली शिक्षा के बाद उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहन दिया जाएगा।प्रतिभावान विद्यार्थियों को व्यावसायिक पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए प्रशिक्षण, कोचिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।