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मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी: कलेक्टर तुलिका प्रजापति ने समय-सीमा की बैठक में की योजनाओं की समीक्षा, लंबित कार्यों पर सख्त निर्देश






कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने ली समय-सीमा (TL) की विस्तृत बैठक | शासकीय योजनाओं की समीक्षा


प्रशासनिक समीक्षा / सुशासन

सुशासन तिहार और जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा: कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने समय-सीमा की बैठक में दिए लंबित कार्यों के त्वरित निराकरण के निर्देश

स्थान: मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी (छत्तीसगढ़)
स्रोत: कलेक्ट्रेट जनसंपर्क प्रकोष्ठ
अपडेटेड: जून 2026

बैठक के मुख्य बिंदु (Highlights):

  • विभिन्न शासकीय पोर्टलों पर लंबित प्रकरणों की विभागवार विस्तृत समीक्षा कर त्वरित निराकरण पर जोर।
  • आजीविका संवर्धन: पात्र हितग्राहियों और महिला स्व-सहायता समूहों को पट्टे पर तालाब देने का निर्देश, मत्स्य पालन को मिलेगा बढ़ावा।
  • कृषि इनपुट: खरीफ सीजन के मद्देनजर जिलों में खाद एवं बीज भंडारण और वितरण की अपेक्षित प्रगति की समीक्षा।
  • स्वास्थ्य एवं शिक्षा: आयुष्मान कार्ड, सिकल सेल स्क्रीनिंग और आश्रम-छात्रावासों के बच्चों के अनिवार्य स्वास्थ्य परीक्षण के कड़े निर्देश।

मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी। जिला कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में शासकीय योजनाओं की समीक्षा और लंबित समस्याओं के निराकरण को गति देने के उद्देश्य से एक उच्च स्तरीय ‘समय-सीमा’ (Time-Limit Meeting) बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता जिला कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने की। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित इस महत्वपूर्ण प्रशासनिक बैठक में विभिन्न विभागों के अंतर्गत संचालित जन कल्याणकारी योजनाओं, विकास कार्यों तथा विभिन्न पोर्टलों पर लंबित जन शिकायतों की गहन और विस्तृत समीक्षा की गई।

समीक्षा के दौरान कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने डिजिटल गवर्नेंस और सेवा वितरण प्रणाली पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि राज्य शासन द्वारा संचालित विभिन्न जनहितैषी पोर्टलों पर जितने भी आवेदन या शिकायतें लंबित हैं, सभी संबंधित विभाग पूरी गंभीरता के साथ उनका स्वयं अवलोकन करें। उन्होंने अधिकारियों को कड़े लहजे में निर्देशित किया कि आम जनता से जुड़े इन आवेदनों का बिना किसी विलंब के, समय-सीमा के भीतर न्यायसंगत और त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की रही उपस्थिति

प्रशासनिक मुस्तैदी और अंतर्विभागीय समन्वय को मजबूत करने वाली इस बैठक में जिले के तमाम प्रमुख प्रशासनिक अधिकारी मैदानी स्तर पर फीडबैक देने के लिए मौजूद रहे। बैठक में मुख्य रूप से निम्नलिखित वरिष्ठ अधिकारी एवं विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे:

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अधिकारी का नाम पदनाम / विभाग प्रमुख कार्यक्षेत्र / क्षेत्र
श्री जी.आर. मरकाम अपर कलेक्टर जिला प्रशासनिक समन्वय
श्री हेमेंद्र भुआर्य एसडीएम (SDM) मोहला अनुभाग
श्री अमित नाथ योगी एसडीएम (SDM) मानपुर अनुभाग
श्री डी.आर. ध्रुव डिप्टी कलेक्टर जिला प्रशासन एवं सामान्य शाखा

आजीविका संवर्धन: महिला समूहों और पात्र हितग्राहियों को पट्टे पर मिलेंगे तालाब

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने आजीविका संवर्धन गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) तथा अन्य संबंधित विभागों के कार्यों की प्रगति जानी।

स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित करने के उद्देश्य से उन्होंने मत्स्य पालन विभाग और राजस्व अधिकारियों को संयुक्त निर्देश दिए कि क्षेत्र के चिन्हित और पात्र हितग्राहियों के साथ-साथ स्थानीय महिला स्व-सहायता समूहों (SHGs) को नियमानुसार पट्टे पर तालाब उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने विश्वास जताया कि इस पहल से न केवल ग्रामीण क्षेत्रों में मत्स्य पालन और जल-कृषि (Aquaculture) को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि महिला समूहों की नियमित आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति का निर्देश:
“आजीविका संवर्धन सिर्फ कागजी लक्ष्यों तक सीमित नहीं होना चाहिए। धरातल पर महिला समूहों को जल स्रोतों और संसाधनों का आवंटन तेजी से करें, ताकि वे समय पर मत्स्य पालन और अन्य पूरक गतिविधियां शुरू कर आर्थिक रूप से सशक्त बन सकें।”

कृषि इनपुट समीक्षा: खाद-बीज की उपलब्धता और भंडारण की स्थिति पर नजर

वर्तमान कृषि सीजन और मानसूनी गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर ने खाद एवं उन्नत बीजों की उपलब्धता और उनके वितरण नेटवर्क की भी समीक्षा की। उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों से सहकारी समितियों और गोदामों में वर्तमान खाद भंडारण की वास्तविक स्थिति (Stock Status) की जानकारी ली। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि कृषि कार्य में किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बीज वितरण कार्य में अपेक्षित गति लाई जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि सुदूर वनांचल क्षेत्रों के किसानों तक भी खाद-बीज की आपूर्ति सुगमता से हो।

सुशासन तिहार एवं राजस्व प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण

आम जनता की समस्याओं के त्वरित निपटारे के लिए आयोजित होने वाले ‘सुशासन तिहार’ के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों पर कलेक्टर ने विशेष ध्यानाकर्षण किया। उन्होंने कहा कि सुशासन का असली अर्थ यही है कि जनता को अपनी जायज मांगों या समस्याओं के लिए बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें। सभी विभागों को निर्देश दिए गए कि सुशासन तिहार के आवेदनों की साप्ताहिक मॉनिटरिंग की जाए। इसके साथ ही उन्होंने लंबित राजस्व प्रकरणों (जैसे नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन आदि) के निराकरण में तेजी लाने के लिए समस्त राजस्व अधिकारियों और तहसीलदारों को निर्देशित किया।

स्वास्थ्य एवं शिक्षा: आयुष्मान कार्ड, सिकल सेल स्क्रीनिंग और बच्चों की सेहत सर्वोपरि

स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने जिले में शत-प्रतिशत आयुष्मान कार्ड निर्माण और सिकल सेल एनीमिया स्क्रीनिंग अभियान की वर्तमान प्रगति का लेखा-जोखा लिया। उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारियों से कहा कि वे ग्रामीण व संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष शिविर लगाकर अधिक से अधिक पात्र लोगों को आयुष्मान भारत योजना से लाभान्वित करें।

वहीं दूसरी ओर, नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत को देखते हुए कलेक्टर ने आदिवासी विकास विभाग के अधिकारियों को एक अत्यंत महत्वपूर्ण और संवेदनशील निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जिले में संचालित होने वाले सभी शासकीय और अनुदान प्राप्त आश्रमों तथा छात्रावासों (Ashram-Hostels) में रहने वाले बच्चों का अनिवार्य रूप से व्यापक स्वास्थ्य परीक्षण (Health Check-up) कराया जाए। खेल, पढ़ाई और स्वच्छता के स्तर को भी दुरुस्त रखने की बात कही गई।

मातृ एवं शिशु सुपोषण पर विशेष ध्यान

महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने ‘कुपोषण मुक्ति’ के संकल्प को दोहराया। उन्होंने आंगनबाड़ियों के माध्यम से दी जाने वाली पोषण खुराक की गुणवत्ता की निगरानी करने और मातृ एवं शिशु सुपोषण की दिशा में अधिक प्रभावी और परिणामोन्मुखी कार्य योजना के तहत काम करने के निर्देश दिए।

बैठक के अंतिम चरण में समाज कल्याण, पशुपालन, मत्स्य पालन तथा शिक्षा विभाग सहित अन्य सभी तकनीकी व गैर-तकनीकी विभागों को वित्तीय वर्ष तथा चालू तिमाही के लिए निर्धारित लक्ष्यों को समय पर हासिल करने के लिए माइक्रो-प्लानिंग (Detailed Work Plan) बनाकर पूरी निष्ठा के साथ फील्ड पर उतरने की हिदायत दी गई।


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