विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर सूरजपुर में विधिक जागरूकता शिविर का सफल आयोजन
सूरजपुर। विश्व आदिवासी दिवस के पावन अवसर पर, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) सूरजपुर द्वारा एक अत्यंत महत्वपूर्ण विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम आदिवासी आवासीय कन्या परिसर विद्यालय, चंपक नगर, सूरजपुर में संपन्न हुआ। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य आदिवासी समुदाय के बच्चों, उनके अभिभावकों एवं स्थानीय नागरिकों को उनके कानूनी अधिकारों, सरकारी योजनाओं एवं विभिन्न संरक्षणात्मक कानूनों के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम की रूपरेखा एवं नेतृत्व
यह भव्य आयोजन प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सूरजपुर,थॉमस एक्का के कुशल मार्गदर्शन एवं दिशा-निर्देशों में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता के रूप में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश, फास्ट ट्रैक कोर्ट,आनंद प्रकाश वारियाल ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई।
न्यायाधीश वारियाल ने सरल और सहज भाषा का प्रयोग करते हुए जटिल कानूनी प्रावधानों को आम जनमानस के लिए सुबोध बनाया। उनका मुख्य उद्देश्य कानून को ‘किताबी’ न रखकर उसे ‘व्यावहारिक’ रूप से छात्राओं तक पहुँचाना था।
विश्व आदिवासी दिवस का महत्व
विश्व आदिवासी दिवस की शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए न्यायाधीश वारियाल ने इसके ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि प्रतिवर्ष 09 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस मनाया जाता है। इसका मूल उद्देश्य विश्व भर के आदिवासी समुदायों के अद्वितीय योगदान, उनकी संस्कृति, परंपराओं एवं ज्ञान को सम्मानित करना है। साथ ही, यह दिवस उनके अधिकारों के संरक्षण हेतु वैश्विक स्तर पर जागरूकता फैलाने का एक सशक्त माध्यम है।
संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 23 दिसंबर 1994 को एक ऐतिहासिक प्रस्ताव पारित किया था, जिसके बाद से ही प्रतिवर्ष इस तिथि को विश्व आदिवासी दिवस के रूप में मनाया जा रहा है।
विधिक प्रावधानों पर विस्तृत चर्चा
शिविर में पॉक्सो (POCSO) एक्ट, किशोर न्याय अधिनियम, मोटर व्हीकल एक्ट, और बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चर्चा की गई:
- पॉक्सो (POCSO) एक्ट: बच्चों को लैंगिक अपराधों से सुरक्षा प्रदान करने के लिए यह एक अत्यंत कड़ा और महत्वपूर्ण कानून है। यह बालक और बालिका दोनों पर समान रूप से लागू होता है।
- किशोर न्याय अधिनियम: 16 से 18 वर्ष की आयु के किशोरों द्वारा जघन्य अपराध किए जाने की स्थिति में कानून किस प्रकार से अलग प्रक्रिया अपनाता है, इस पर विस्तार से जानकारी दी गई।
- मध्यस्थता एवं लोक अदालत: विवादों के आपसी सहमति और सौहार्दपूर्ण समाधान हेतु ये विकल्प न केवल समय की बचत करते हैं, बल्कि धन का भी अपव्यय रोकते हैं।
शिक्षा, करियर और भविष्य
कार्यक्रम के अंतिम चरण में छात्राओं को शिक्षा के महत्व और अपने करियर के प्रति जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया गया। उन्हें बताया गया कि शिक्षा ही एकमात्र माध्यम है जिससे वे अपने समुदाय को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकती हैं। लक्ष्य निर्धारित करना और निरंतर मेहनत करना ही सफलता की कुंजी है।













