Advertisement

अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस इंटर्न, पीजी रेजिडेंट, सीनियर रेजिडेंट और बॉन्डेड जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों ने स्टाइपेंड, वेतन-मानदेय में संशोधन समेत 17 सूत्रीय मांगों को लेकर कैंडल मार्च निकाला

अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस इंटर्न, पीजी रेजिडेंट, सीनियर रेजिडेंट और बॉन्डेड जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों ने स्टाइपेंड, वेतन-मानदेय में संशोधन समेत 17 सूत्रीय मांगों को लेकर कैंडल मार्च निकाला। डॉक्टरों ने मांगों पर जल्द निर्णय नहीं होने पर 24 सितंबर से ओपीडी और इमरजेंसी सेवाओं के बहिष्कार की चेतावनी दी है।

स्टाइपेंड बढ़ाने समेत अन्य मांगों को लेकर जूनियर डॉक्टरों ने अगस्त में भी आंदोलन किया था। 19 अगस्त को स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के साथ एमबीबीएस इंटर्न के स्टाइपेंड को लेकर बैठक हुई थी। बैठक के बाद सरकार की ओर से मिले आश्वासन के आधार पर डॉक्टरों ने अपना आंदोलन स्थगित कर दिया था।

24 सितंबर से OPD बंद करने की चेतावनी

17 सूत्रीय मांगों को लेकर अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने कैंडल मार्च निकाला। डॉक्टरों का कहना है कि स्वास्थ्य मंत्री के आश्वासन के बाद भी मांगों को लेकर अब तक सरकारी आदेश जारी नहीं हुआ है। इससे प्रदेशभर के चिकित्सकों में नाराजगी है।जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष विवेक राठिया ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री के आश्वासन पर पहले आंदोलन स्थगित किया गया था। अब मांगों को लेकर सांकेतिक आंदोलन शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि मांगें नहीं मानी गईं तो 24 सितंबर से ओपीडी बंद कर दी जाएगी।

Gemini_Generated_Image_fohysbfohysbfohy
WhatsApp-Image-2026-03-12-at-6.48.17-PM-1-298x300 (1)
sjjj

आंदोलन में अब पीजी डॉक्टर भी शामिल

एसोसिएशन की उपाध्यक्ष नीतिशा श्रीवास्तव ने कहा कि पहले जूनियर डॉक्टरों ने आंदोलन किया था। अब इस आंदोलन में पीजी डॉक्टर भी शामिल हैं। पीजी डॉक्टरों ने स्टाइपेंड बढ़ाने के साथ बॉन्ड की अवधि कम करने की मांग की है। उनका कहना है कि दूसरे राज्यों की तुलना में यहां स्टाइपेंड कम है। इसलिए सरकार के सामने अपनी मांगें रखी जा रही हैं।

डॉक्टरों की प्रमुख मांगें

जूनियर डॉक्टरों की 17 सूत्रीय मांगों में एमबीबीएस इंटर्न के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी, पीजी रेजिडेंट, बॉन्डेड जूनियर रेजिडेंट और सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों के वेतन व मानदेय में संशोधन प्रमुख हैं।

इसके अलावा डीएम और एमसीएच सुपर-स्पेशलिटी रेजिडेंट के स्टाइपेंड में संशोधन, डॉक्टरों से जुड़ी वेतन विसंगतियों और बॉन्ड से जुड़े मुद्दों का समाधान करने की मांग है। चिकित्सा सेवाओं से जुड़े लंबित मामलों के निराकरण की मांग भी इसमें शामिल है।

file_0000000093d882119d122d54d9d757b5
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.12.06
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.38
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.39
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.39 (1)
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.40
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.50.40 (1)
WhatsApp-Image-2026-08-15-at-00.21.47