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सरदार पटेल राष्ट्रीय एकता पुरस्कार 2026: गरियाबंद में आवेदन शुरू, जानें पूरी प्रक्रिया

सरदार पटेल राष्ट्रीय एकता पुरस्कार-2026 के लिए नामांकन आमंत्रित: गरियाबंद जिला प्रशासन ने सभी विभागों को व्यापक प्रचार-प्रसार के दिए निर्देश, 31 जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन का अवसर

भारत सरकार का राष्ट्रीय एकता के क्षेत्र में सर्वोच्च नागरिक सम्मान; जानिए योग्यता, चयन प्रक्रिया और आवेदन करने का पूरा तरीका

गरियाबंद, 30 जून 2026: भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा देश की एकता और अखंडता को मजबूत करने वाले उत्कृष्ट नागरिकों और संस्थाओं के लिए देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक “सरदार पटेल राष्ट्रीय एकता पुरस्कार-2026” (Sardar Patel National Unity Award-2026) के लिए आधिकारिक तौर पर ऑनलाइन नामांकन आमंत्रित किए गए हैं। गरियाबंद जिला प्रशासन से प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए पात्र एवं उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों, संस्थाओं और संगठनों के नामांकन आगामी 01 जून 2026 से शुरू होकर 31 जुलाई 2026 तक स्वीकार किए जाएंगे।

इस राष्ट्रीय पहल को जमीनी स्तर तक पहुँचाने के लिए गरियाबंद के जिला कलेक्टर एवं जिला प्रशासन ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है। जिला प्रशासन ने जिले के सभी शासकीय विभागों, स्थानीय निकायों और संबंधित नोडल अधिकारियों को अपने-अपने कार्यक्षेत्र में इस पुरस्कार से संबंधित नियमों और पात्रता की जानकारी का व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार करने के कड़े निर्देश दिए हैं। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि गरियाबंद जिले के दूरस्थ अंचलों में भी यदि कोई योग्य, कर्मठ और राष्ट्र निर्माण में उत्कृष्ट योगदान देने वाला व्यक्ति या संगठन सक्रिय है, तो उसे राष्ट्रीय स्तर पर पहचान और सम्मान मिलने का पूरा अवसर प्राप्त हो सके।


पुरस्कार की पृष्ठभूमि और मुख्य उद्देश्य: क्यों दिया जाता है यह सम्मान?

भारत सरकार ने देश के पहले उप-प्रधानमंत्री और गृह मंत्री ‘लौह पुरुष’ सरदार वल्लभभाई पटेल की विरासत और भारत के राजनीतिक व भौगोलिक एकीकरण में उनके अभूतपूर्व योगदान को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए वर्ष 2019 में इस पुरस्कार की स्थापना की थी। यह पुरस्कार प्रतिवर्ष 31 अक्टूबर को “राष्ट्रीय एकता दिवस” (National Unity Day) के विशेष अवसर पर घोषित किया जाता है।

इस पुरस्कार का प्राथमिक उद्देश्य उन सभी प्रेरक कार्यों और प्रयासों को पहचानना तथा सम्मानित करना है, जो भारत जैसे विशाल और विविधतापूर्ण देश में सामाजिक सद्भाव, राष्ट्रीय एकीकरण और आपसी भाईचारे को बढ़ावा देते हैं। सरकार इस पुरस्कार के माध्यम से समाज में एक ऐसा सकारात्मक संदेश देना चाहती है जिससे आने वाली पीढ़ियां एक मजबूत, अखंड और एकजुट भारत के निर्माण के लिए प्रेरित हो सकें।

पात्रता और मानदंड: कौन कर सकता है आवेदन?

सरदार पटेल राष्ट्रीय एकता पुरस्कार की सबसे बड़ी विशेषता इसकी समावेशी प्रकृति है। भारत सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, इस पुरस्कार के लिए पात्रता के नियम निम्नलिखित हैं:

  • जाति, धर्म और लिंग का कोई बंधन नहीं: भारत का कोई भी नागरिक, चाहे वह किसी भी धर्म, जाति, पंथ, लिंग, जन्मस्थान, आयु या व्यवसाय से संबंध रखता हो, इस पुरस्कार के लिए पूरी तरह पात्र है।
  • संस्थाएं और संगठन भी पात्र: केवल व्यक्ति ही नहीं, बल्कि भारत में पंजीकृत कोई भी गैर-सरकारी संगठन (NGO), शैक्षणिक संस्थान, सामाजिक कल्याण समितियां, शोध संस्थान या निजी व सार्वजनिक संगठन भी आवेदन कर सकते हैं जिन्होंने राष्ट्रीय एकता के लिए काम किया हो।
  • उत्कृष्ट और प्रेरक योगदान: उम्मीदवार का कार्य ऐसा होना चाहिए जिसने समाज में विभाजनकारी शक्तियों को कमजोर करने, सांप्रदायिक सौहार्द बढ़ाने, क्षेत्रीय विवादों को सुलझाने या देश की संप्रभुता को अक्षुण्ण रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई हो।

महत्वपूर्ण नोट: इस पुरस्कार के अंतर्गत किसी भी प्रकार की नकद राशि प्रदान नहीं की जाती है। विजेता को राष्ट्रपति के हस्ताक्षर और सील वाली एक सनद (प्रशस्ति पत्र) तथा सोने की परत चढ़ा हुआ चांदी का एक विशेष पदक (मेडल) प्रदान किया जाता है। एक वर्ष में अधिकतम केवल 3 पुरस्कार ही दिए जा सकते हैं, जिससे इसकी विशिष्टता और गरिमा सर्वोच्च बनी रहती है।


नामांकन और आवेदन की पूरी प्रक्रिया: स्टेप-बाय-स्टेप गाइड

भारत सरकार ने इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और सुलभ बनाने के लिए पूरी तरह से ऑनलाइन रखा है। किसी भी प्रकार का ऑफलाइन या कूरियर द्वारा भेजा गया आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। नामांकन केवल भारत सरकार के आधिकारिक राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल पर ही दर्ज किया जा सकता है।

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आवेदन के मुख्य चरण:

  1. आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं: सबसे पहले भारत सरकार के एकीकृत पुरस्कार पोर्टल www.awards.gov.in पर विजिट करें।
  2. पंजीकरण (Registration): यदि आप पहली बार पोर्टल का उपयोग कर रहे हैं, तो ‘Log In/Register’ विकल्प पर जाकर अपनी व्यक्तिगत या संस्थागत जानकारी के साथ पंजीकरण करें।
  3. पुरस्कार का चयन: चालू पुरस्कारों की सूची में से ‘Sardar Patel National Unity Award 2026’ का चयन करें।
  4. विवरण और साइटेशन (Citation) भरना: नामांकन फॉर्म में नामांकित व्यक्ति या संस्था के कार्यों का विस्तृत विवरण (अधिकतम शब्द सीमा के भीतर) भरें। इसमें स्पष्ट रूप से बताना होगा कि संबंधित व्यक्ति ने राष्ट्रीय एकता के क्षेत्र में क्या विशिष्ट कार्य किया है।
  5. दस्तावेज अपलोड करना: अपने दावों के समर्थन में आवश्यक दस्तावेज, तस्वीरें, मीडिया कवरेज की कतरनें या अनुशंसा पत्र (Recommendation Letter) पीडीएफ फॉर्मेट में अपलोड करें।
  6. फाइनल सबमिशन: सभी जानकारियों को अच्छी तरह जांचने के बाद फॉर्म को 31 जुलाई 2026 की रात 11:59 बजे से पहले फाइनल सबमिट कर दें।

गरियाबंद जिला प्रशासन की विशेष तैयारी और विभिन्न विभागों को निर्देश

छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में इस राष्ट्रीय पुरस्कार को लेकर प्रशासनिक स्तर पर सक्रियता काफी बढ़ गई है। जिला कलेक्टर ने जिला पंचायत, राजस्व विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, शिक्षा विभाग, और जनसंपर्क विभाग सहित सभी प्रमुख कार्यालयों को इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

प्रशासन द्वारा बनाई गई विशेष प्रचार योजना के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:

शासकीय विभाग का नाम प्रचार-प्रसार की मुख्य जिम्मेदारी और कार्ययोजना
जनसंपर्क विभाग (PRO) स्थानीय समाचार पत्रों, रेडियो चैनलों, सोशल मीडिया हैंडल्स और प्रेस विज्ञप्तियों के माध्यम से जिले के नागरिकों तक लगातार सूचना पहुंचाना।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास जनपद पंचायतों और ग्राम पंचायतों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में बैठकें आयोजित कर समाज सेवा और सद्भाव के क्षेत्र में काम करने वाले स्थानीय नायकों की पहचान करना।
शिक्षा विभाग (स्कूल एवं उच्च शिक्षा) शिक्षकों, प्राध्यापकों और समाज सेवा से जुड़े एनसीसी (NCC) व एनएसएस (NSS) के समन्वयकों को जानकारी देना ताकि वे योग्य युवाओं और शिक्षाविदों के नामांकन आगे बढ़ा सकें।
महिला एवं बाल विकास विभाग महिला स्व-सहायता समूहों (SHGs) और जमीनी स्तर पर काम करने वाली महिला लीडर्स के बीच जागरूकता फैलाना जिन्होंने सामुदायिक एकता में योगदान दिया हो।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई व्यक्ति स्वयं का नामांकन (Self-Nomination) करना चाहता है, तो पोर्टल पर वह सुविधा भी उपलब्ध है। इसके अलावा कोई भी अन्य नागरिक, राज्य सरकार, या केंद्रीय मंत्रालय भी किसी योग्य उम्मीदवार के नाम की सिफारिश ऑनलाइन कर सकते हैं।


कड़ी बहुस्तरीय चयन प्रक्रिया (Multi-Tier Selection Process)

चूंकि यह देश का एक बेहद प्रतिष्ठित सम्मान है, इसलिए गृह मंत्रालय द्वारा इसके चयन की प्रक्रिया को अत्यंत पारदर्शी और कड़ा बनाया गया है। प्राप्त आवेदनों को सीधे पुरस्कार नहीं मिलता, बल्कि उन्हें निम्नलिखित चरणों से गुजरना पड़ता है:

  1. स्क्रीनिंग कमेटी (Screening Committee): सबसे पहले गृह मंत्रालय के विशेष सचिव (आंतरिक सुरक्षा) की अध्यक्षता में गठित एक स्क्रीनिंग कमेटी सभी प्राप्त आवेदनों की प्रारंभिक जांच करती है। इस चरण में अधूरे और अपात्र आवेदनों को छांटकर अलग कर दिया जाता है।
  2. अथेंटिसिटी वेरिफिकेशन (सत्यापन): चयनित उम्मीदवारों द्वारा किए गए दावों की जमीनी हकीकत जानने के लिए भारत सरकार की जांच और खुफिया एजेंसियों के माध्यम से उनका बैकग्राउंड वेरिफिकेशन (Antecedents Verification) कराया जाता है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि पुरस्कार पाने वाले व्यक्ति का चरित्र और इतिहास बेदाग हो।
  3. अवार्ड कमेटी (Award Committee): इसके बाद अंतिम रूप से शॉर्टलिस्ट किए गए प्रोफाइल्स को प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में गठित उच्च स्तरीय अवार्ड कमेटी के समक्ष रखा जाता है। इस समिति में कैबिनेट सचिव, राष्ट्रपति के सचिव, गृह सचिव और समाज के कुछ प्रतिष्ठित बुद्धिजीवी शामिल होते हैं।
  4. राष्ट्रपति की मंजूरी: अवार्ड कमेटी द्वारा अनुशंसित नामों पर भारत के राष्ट्रपति अपनी अंतिम मुहर लगाते हैं, जिसके बाद 31 अक्टूबर को विजेताओं के नामों की आधिकारिक घोषणा कर दी जाती है।

गरियाबंद के सजग नागरिकों से अपील

गरियाबंद जिला अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, जनजातीय विविधता और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के लिए जाना जाता है। जिला प्रशासन ने जिले के सभी प्रबुद्ध नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, पत्रकारों और स्वैच्छिक संगठनों से अपील की है कि वे अपने आस-पास के ऐसे अनसुने नायकों (Unsung Heroes) को तलाशने में मदद करें, जिन्होंने बिना किसी प्रचार के समाज को जोड़ने, आपसी विवादों को शांत करने और राष्ट्रीय भावना को सुदृढ़ करने में अपना जीवन लगा दिया है।

समय सीमा का विशेष ध्यान रखें, क्योंकि 31 जुलाई 2026 के बाद पोर्टल स्वतः बंद हो जाएगा और किसी भी परिस्थिति में तिथि आगे नहीं बढ़ाई जाएगी। किसी भी तकनीकी सहायता या जानकारी के लिए आवेदक अपने नजदीकी ब्लॉक कार्यालय या जिला जनसंपर्क कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।

रिपोर्ट: जिला ब्यूरो, गरियाबंद (छत्तीसगढ़)

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