Advertisement

दिव्यांग सशक्तिकरण: डोमन लाल देवांगन को मिली मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल, छत्तीसगढ़ शासन की योजना से बदला जीवन






दिव्यांग सशक्तिकरण: डोमन लाल देवांगन को मिली मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल, छत्तीसगढ़ शासन की सहायक उपकरण योजना से बदला जीवन


दिव्यांग सशक्तिकरण की दिशा में मजबूत कदम: विकासखंड छुरा के डोमन लाल देवांगन को मिली मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल, छत्तीसगढ़ शासन की योजना से आत्मनिर्भरता की नई उड़ान

ब्यूरो रिपोर्ट, प्रदेश खबर नेटवर्क | अपडेटेड: 2026 | स्थान: गरियाबंद/छुरा (छत्तीसगढ़)

छुरा/गरियाबंद: छत्तीसगढ़ शासन द्वारा संचालित समाज कल्याण विभाग की कल्याणकारी नीतियां जमीनी स्तर पर सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। इसी कड़ी में गरियाबंद जिले के अंतर्गत आने वाले विकासखंड छुरा के ग्राम कनेसर निवासी दिव्यांग डोमन लाल देवांगन के जीवन में एक बड़ा सकारात्मक परिवर्तन आया है। समाज कल्याण विभाग की “सहायक उपकरण प्रदाय योजना” के तहत डोमन लाल देवांगन को अत्याधुनिक मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल प्रदान की गई है।

डोमन लाल देवांगन 85 प्रतिशत अस्थिबाधित दिव्यांगता की श्रेणी में आते हैं। अत्यधिक शारीरिक अक्षमता के कारण उन्हें अपने दैनिक कार्यों और जीविकोपार्जन के लिए दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था। कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित एक गरिमामय कार्यक्रम के दौरान जिले के कलेक्टर बी.एस. उइके ने स्वयं उपस्थित होकर डोमन लाल देवांगन को इस मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल की चाबी सौंपी और उनके सुगम आवागमन के लिए उज्जवल भविष्य की कामना की।

“85 प्रतिशत अस्थिबाधित होने के बावजूद डोमन लाल देवांगन के हौसले बुलंद हैं। समाज कल्याण विभाग और जिला प्रशासन के त्वरित प्रयासों से शासन के नियमों के तहत पात्रता की गहन जांच के बाद उन्हें यह मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल बेहद कम समय में स्वीकृत की गई। इस पहल का मुख्य उद्देश्य दिव्यांगजनों के सामाजिक और आर्थिक जीवन को सुदृढ़ बनाना है।”

त्वरित प्रशासनिक प्रक्रिया और संवेदनशीलता की मिसाल

भौगोलिक और शारीरिक रूप से चुनौतियों का सामना कर रहे डोमन लाल देवांगन ने अपनी समस्याओं के स्थायी निराकरण के लिए समाज कल्याण विभाग में मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल हेतु नियमानुसार आवेदन प्रस्तुत किया था। दिव्यांगजन सशक्तिकरण के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए जिला प्रशासन एवं विभागीय अधिकारियों ने आवेदन पर तत्काल कार्रवाई की।

शासन के कड़े नियमानुसार आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन, दिव्यांगता प्रतिशत की डॉक्टरी जांच और पात्रता की अन्य कानूनी प्रक्रियाएं बेहद तेजी से पूर्ण की गईं। जिला समाज कल्याण विभाग द्वारा औपचारिकताएं पूर्ण होते ही बिना किसी विलंब के लाभार्थी को योजना का वास्तविक लाभ सुनिश्चित कराया गया, जो स्थानीय प्रशासन की कार्यकुशलता और पारदर्शिता को प्रदर्शित करता है।

आवागमन हुआ सुगम, आत्मनिर्भरता की ओर बढ़े कदम

मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल प्राप्त करने के बाद डोमन लाल देवांगन के चेहरे पर छाई खुशी और संतोष साफ देखा जा सकता था। वाहन की चाबी मिलते ही उन्होंने छत्तीसगढ़ शासन, जिला प्रशासन और समाज कल्याण विभाग के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया।

WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.12.06
WhatsApp Image 2026-08-14 at 23.16.05
WhatsApp Image 2026-08-15 at 00.21.47

अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए डोमन लाल देवांगन ने कहा, “शारीरिक लाचारी के कारण मुझे घर से अपनी दुकान तक आने-जाने में प्रतिदिन भारी मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना झेलनी पड़ती थी। कई बार राहगीरों से मदद मांगनी पड़ती थी जिससे आत्मसम्मान को भी ठेस पहुंचती थी। अब इस मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल के आ जाने से मेरी यह बड़ी समस्या हमेशा के लिए खत्म हो गई है। अब मैं बिना किसी रुकावट या सहायता के आसानी से समय पर अपनी दुकान आ-जा सकूंगा। इस सरकारी मदद ने मुझे पहले की तुलना में अधिक आत्मनिर्भर और सुरक्षित महसूस कराया है।”

गरिमामय वितरण समारोह में प्रशासनिक अमला रहा मौजूद

कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित इस वितरण कार्यक्रम के अवसर पर समाज कल्याण विभाग के उप संचालक डीपी ठाकुर विशेष रूप से उपस्थित थे। उन्होंने लाभार्थी को वाहन के तकनीकी संचालन और सुरक्षा नियमों के बारे में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कार्यक्रम में डोमन लाल देवांगन के परिजनों के साथ-साथ कलेक्ट्रेट के अन्य वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित रहे, जिन्होंने इस मानवीय पहल की सराहना की। अधिकारियों ने बताया कि जिला प्रशासन का यह निरंतर प्रयास है कि शासन की हर जनकल्याणकारी योजना का लाभ अंतिम छोर पर बैठे वास्तविक हकदार तक बिना किसी बिचौलिए के पहुंचे।

छत्तीसगढ़ समाज कल्याण विभाग की सहायक उपकरण प्रदाय योजना क्या है?

छत्तीसगढ़ सरकार के समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित सहायक उपकरण प्रदाय योजना राज्य के आर्थिक रूप से कमजोर और गंभीर रूप से दिव्यांग नागरिकों के लिए एक जीवनदायिनी योजना सिद्ध हो रही है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य दिव्यांगजनों की शारीरिक अक्षमता को आधुनिक उपकरणों के माध्यम से कम करना है ताकि वे समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें।

योजना के अंतर्गत दिए जाने वाले प्रमुख उपकरण:

  • मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल: गंभीर रूप से अस्थिबाधित (आमतौर पर 80% या उससे अधिक) दिव्यांगों को दी जाती है ताकि वे लंबी दूरी तय कर सकें।
  • मैनुअल ट्राईसाइकिल और व्हीलचेयर: सामान्य अस्थिबाधित दिव्यांगों के लिए।
  • श्रवण यंत्र (Hearing Aids): मूक-बधिर या सुनने की अक्षमता से ग्रसित नागरिकों के लिए।
  • कृत्रिम अंग और कैलिपर्स: दुर्घटना या जन्मजात शारीरिक कमी को पूरा करने के लिए।
  • ब्लाइंड स्टिक और स्मार्ट केन: दृष्टिबाधित नागरिकों के सुरक्षित आवागमन के लिए।

मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल के लिए आवश्यक पात्रता और मानदंड

शासन के नियमों के अनुसार मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल का लाभ उठाने के लिए कुछ कड़े प्रशासनिक और चिकित्सीय मानदंड निर्धारित किए गए हैं, ताकि योजना का लाभ केवल जरूरतमंदों को ही प्राप्त हो सके:

  • आवेदक का छत्तीसगढ़ राज्य का मूल निवासी होना अनिवार्य है।
  • दिव्यांगता का प्रतिशत न्यूनतम 80% या उससे अधिक होना चाहिए, जिसका प्रमाणीकरण जिला चिकित्सा बोर्ड (Medical Board) द्वारा जारी वैध प्रमाण पत्र के माध्यम से हो।
  • आवेदक की आयु न्यूनतम 16 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए ताकि वे मोटर चालित वाहन को सुरक्षित ढंग से संभाल सकें।
  • आवेदक की आर्थिक स्थिति कमजोर वर्ग या गरीबी रेखा के नीचे (BPL) की श्रेणी के अंतर्गत होनी चाहिए, अथवा शासन द्वारा तय वार्षिक आय सीमा के भीतर हो।

आवेदन की सरल प्रक्रिया

इस योजना का लाभ उठाने के लिए पात्र नागरिक ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों माध्यमों से आवेदन कर सकते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) और शहरी क्षेत्रों में नगर निगम/नगर पालिका के आयुक्त या मुख्य नगर पालिका अधिकारी के माध्यम से आवेदन जिला समाज कल्याण विभाग को अग्रेषित किए जाते हैं। इसके अलावा सीधे जिला कार्यालय में उप संचालक समाज कल्याण विभाग के समक्ष भी आवेदन प्रस्तुत किया जा सकता है।

डोमन लाल देवांगन के मामले में त्वरित गति से हुआ कार्य यह दिखाता है कि यदि आवेदक के पास सभी आवश्यक दस्तावेज पूर्ण हों, तो छत्तीसगढ़ का प्रशासनिक तंत्र संवेदनशीलता के साथ अत्यंत कम समय में सहायता उपलब्ध कराने की क्षमता रखता है। छुरा विकासखंड के ग्राम कनेसर में इस वितरण के बाद स्थानीय ग्रामीणों के बीच शासन की नीतियों के प्रति विश्वास और सुदृढ़ हुआ है।


ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_14_44 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_53_50 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_08_26 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_16_13 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_22_41 PM