सूरजपुर में ऐतिहासिक शुरुआत: ‘विकसित भारत-रोजगार और आजीविका के लिये गारंटी मिशन (ग्रामीण)’ (वीबी-जीरामजी) का जिला स्तरीय शुभारंभ आज, मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े होंगी मुख्य अतिथि
सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण के एक नए युग का सूत्रपात होने जा रहा है। केंद्र व राज्य शासन की महत्वाकांक्षी योजना ‘विकसित भारत-रोजगार और आजीविका के लिये गारंटी मिशन (ग्रामीण)’ (VB-GRAMG / वीबी-जीरामजी) के अंतर्गत सूरजपुर जिले में जिला स्तरीय जन सम्मेलन-सह-शुभारंभ कार्यक्रम का भव्य आयोजन आज यानी 02 जुलाई 2026, गुरुवार को प्रातः 11:00 बजे से किया जा रहा है।
यह ऐतिहासिक कार्यक्रम जिला मुख्यालय के समीपस्थ डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ऑडिटोरियम, तिलसिवां, सूरजपुर में आयोजित होगा। इस जिला स्तरीय सम्मेलन के माध्यम से जिले के हजारों ग्रामीण परिवारों को सीधे तौर पर इस नई और क्रांतिकारी रोजगार गारंटी व्यवस्था से जोड़ने की कवायद शुरू होगी। प्रशासन द्वारा इसकी सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और ग्रामीणों में इस नए मिशन को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है।
हाई-प्रोफाइल अतिथि मंडल और जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति
सूरजपुर का डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ऑडिटोरियम इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनने के लिए पूरी तरह सज-धज कर तैयार है। जिला प्रशासन से प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस गरिमामयी जन सम्मेलन में क्षेत्र के तमाम शीर्ष जनप्रतिनिधि और नीति नियंता एक मंच पर नजर आएंगे:
- मुख्य अतिथि: श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े (माननीय मंत्री, महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण विभाग, छत्तीसगढ़ शासन)
- अध्यक्षता: श्री चिन्तामणि महाराज (माननीय सांसद, सरगुजा लोकसभा क्षेत्र)
- विशिष्ट अतिथि: क्षेत्र के समस्त सम्मानीय विधायकगण, जिला पंचायत के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष व सदस्यगण, जनपद पंचायतों के पदाधिकारीगण, स्थानीय निकायों के अध्यक्ष एवं अन्य वरिष्ठ जनप्रतिनिधि।
इसके साथ ही कार्यक्रम में कलेक्टर, मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) जिला पंचायत, और ग्रामीण विकास विभाग के आला अधिकारियों सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिला स्व-सहायता समूहों के सदस्य तथा श्रमिक उपस्थित रहेंगे।
क्या है वीबी-जीरामजी (VB-GRAMG) मिशन? जानिए क्यों है यह क्रांतिकारी
ग्रामीण रोजगार के क्षेत्र में देश और राज्य के भीतर यह अब तक का सबसे बड़ा नीतिगत बदलाव माना जा रहा है। दरअसल, ‘विकसित भारत-रोजगार और आजीविका के लिये गारंटी मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025’ (VB-GRAMG Act) के तहत इस नई व्यवस्था को देश भर में 1 जुलाई 2026 से प्रभावी किया गया है। यह मिशन पिछले दो दशकों से चली आ रही ‘महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम’ (मनरेगा – MGNREGA) का स्थान ले रहा है।
सरकार का उद्देश्य केवल रोजगार देना नहीं, बल्कि ग्रामीण परिवारों को ‘विकसित भारत 2047’ के विजन के साथ जोड़कर आत्मनिर्भर बनाना है। इस बदलाव के तहत न केवल कार्य दिवसों में बढ़ोतरी की गई है, बल्कि आजीविका संवर्धन, टिकाऊ सामुदायिक परिसंपत्तियों के निर्माण और अत्यधिक उन्नत डिजिटल पारदर्शिता पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
मनरेगा बनाम वीबी-जीरामजी (VB-GRAMG): मुख्य अंतर और ग्रामीणों को लाभ
इस नए कानून और मिशन के आने से ग्रामीण कामगारों के अधिकारों और लाभों में व्यापक सुधार हुआ है। इसे नीचे दी गई तालिका के माध्यम से आसानी से समझा जा सकता है:
| विशेषता / मापदंड | पुरानी व्यवस्था (मनरेगा) | नई व्यवस्था (वीबी-जीरामजी मिशन) |
|---|---|---|
| गारंटीकृत रोजगार दिवस | प्रति परिवार 100 दिन वर्ष में | प्रति ग्रामीण परिवार 125 दिन की वैधानिक गारंटी |
| न्यूनतम मजदूरी आधार | राज्यों के अनुसार भिन्न (कम औसत) | राष्ट्रीय स्तर पर अंतरिम न्यूनतम ₹300/दिन तय (औसतन 10% से अधिक वृद्धि) |
| मुख्य फोकस क्षेत्र | कच्चे-पक्के सामान्य कार्य, जल संरक्षण | टिकाऊ अवसंरचना, आजीविका संवर्धन, कौशल विकास और ग्रामीण परिसंपत्तियां |
| तकनीकी समावेशन | मैन्युअल/सीमित ऐप आधारित उपस्थिति | बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण, जियोस्पेशियल (सैटेलाइट/जीपीएस) ट्रैकिंग, रियल-टाइम डैशबोर्ड |
| जॉब कार्ड की स्थिति | पुराने कार्ड | मौजूदा जॉब कार्ड पूरी तरह मान्य (निर्बाध ट्रांजिशन) |
सूरजपुर जिले के लिए इस मिशन के मायने और आर्थिक प्रभाव
सूरजपुर जिला प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर होने के साथ-साथ एक बड़ी ग्रामीण और जनजातीय आबादी को समेटे हुए है। ऐसे में इस मिशन का यहां लागू होना स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए संजीवनी साबित होगा। जिला स्तरीय जन सम्मेलन के माध्यम से प्रशासन इस योजना के प्रमुख आयामों को धरातल पर उतारेगा:
1. 125 दिनों के रोजगार से आर्थिक स्थिरता
अब तक ग्रामीणों को साल में केवल 100 दिनों का काम मिलता था, जिससे शेष दिनों में उन्हें पलायन करना पड़ता था या तंगी का सामना करना पड़ता था। अब 125 दिनों की कानूनी गारंटी मिलने से ग्रामीण भाई-बहनों के जीवन में आर्थिक स्थिरता आएगी। अतिरिक्त 25 दिनों का रोजगार सीधे तौर पर उनके बैंक खातों में अधिक नगद प्रवाह सुनिश्चित करेगा।
2. मजदूरी दरों में ऐतिहासिक बढ़ोतरी
संशोधित दरों के तहत अब न्यूनतम मजदूरी को ₹300 प्रतिदिन के बेस पर लाया गया है, जिससे छत्तीसगढ़ के श्रमिकों को भी सीधे तौर पर बढ़ी हुई दैनिक मजदूरी का लाभ मिलेगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में क्रय शक्ति (Purchasing Power) बढ़ेगी, जिसका सीधा सकारात्मक असर स्थानीय बाजारों और व्यापार पर पड़ेगा।
3. ग्राम सभाओं का वास्तविक सशक्तिकरण
वीबी-जीरामजी योजना के तहत सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब पंचायतों में विकास कार्यों की पूरी कार्ययोजना सीधे ‘ग्राम सभा’ के माध्यम से तैयार की जाएगी। इसका मतलब है कि गांव के लोग खुद तय करेंगे कि उनके इलाके में किस बुनियादी ढांचे की सबसे ज्यादा जरूरत है। इससे नौकरशाही का हस्तक्षेप कम होगा और ‘ग्राम स्वराज’ की परिकल्पना सच होगी।
4. भ्रष्टाचार पर करारा प्रहार: अत्याधुनिक तकनीक
योजना में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ‘लेन-देन के लिए बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण’ और कार्यों की निगरानी के लिए ‘जियोस्पेशियल तकनीक’ (सैटेलाइट और जीपीएस) का अनिवार्य उपयोग किया जाएगा। इससे फर्जी हाजिरी और भ्रष्टाचार पर पूरी तरह लगाम लगेगी। हर हफ्ते सार्वजनिक रूप से डेटा साझा किया जाएगा जिससे सामाजिक अंकेक्षण (Social Audit) मजबूत होगा।
अटल आजीविका समृद्धि हाट और स्वरोजगार के नए अवसर
छत्तीसगढ़ शासन द्वारा इस मिशन को राज्य के भीतर और अधिक प्रभावी बनाने के लिए आजीविका संवर्धन के अतिरिक्त घटकों को जोड़ा गया है। मिशन के तहत गांवों में पारंपरिक हस्तशिल्प, हथकरघा, लघु प्रसंस्करण इकाइयां (जैसे दाल-चावल मिल) और लघु वनोपज आधारित लघु उद्योगों को बढ़ावा दिया जाएगा।
सूरजपुर जिले में महिलाओं को स्व-सहायता समूहों (SHGs) के माध्यम से इन उद्यमों से जोड़ा जाएगा, ताकि वे केवल मजदूरी तक सीमित न रहकर खुद उद्यमी बन सकें। इसके लिए क्लस्टर स्तर पर विशेष प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता की रूपरेखा भी आज के इस शुभारंभ कार्यक्रम में साझा की जाएगी।
प्रशासनिक मुस्तैदी: निर्बाध ट्रांजिशन की पूरी तैयारी
सूरजपुर कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ के मार्गदर्शन में विकासखंड स्तर पर पहले से ही पंचायत सचिवों, रोजगार सहायकों, तकनीकी सहायकों और कंप्यूटर ऑपरेटरों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा चुका है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि:
- पूर्व में चल रहे मनरेगा के सभी कार्य बिना किसी व्यवधान के निरंतर जारी रहेंगे।
- श्रमिकों को किसी भी नए पंजीकरण की तुरंत आवश्यकता नहीं है; उनके पुराने जॉब कार्ड इस व्यवस्था में पूरी तरह मान्य और अपडेटेड रहेंगे।
- मजदूरी का भुगतान सीधे आधार लिंक्ड बैंक खातों में (DBT के माध्यम से) समय पर सुनिश्चित किया जाएगा।
सूरजपुर के तिलसिवां स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ऑडिटोरियम में 02 जुलाई 2026 को होने वाला यह जन सम्मेलन महज एक सरकारी कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह सूरजपुर के ग्रामीण अंचलों की तकदीर बदलने वाला एक महा-अभियान है। कैबिनेट मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े और सांसद श्री चिन्तामणि महाराज की उपस्थिति इस बात का प्रमाण है कि शासन-प्रशासन इस मिशन को लेकर कितना गंभीर है।
ग्रामीण रोजगार सुरक्षा, आजीविका के नए रास्ते, पंचायती राज व्यवस्था में पारदर्शिता और सशक्त बुनियादी ढांचा—ये तमाम बिंदु मिलकर सूरजपुर समेत पूरे छत्तीसगढ़ के गांवों को आत्मनिर्भरता के पथ पर अग्रसर करेंगे। आज सुबह 11:00 बजे होने वाले इस शुभारंभ कार्यक्रम की लाइव अपडेट्स और घोषणाओं पर पूरे जिले की नजरें टिकी हुई हैं।
रिपोर्ट: सूरजपुर ब्यूरो न्यूज नेटवर्क | संपादित तिथि: 02 जुलाई 2026
*यह समाचार अपडेट जिला जनसंपर्क विभाग और शासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचना के आधार पर तैयार किया गया है।











