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बेमेतरा के साजा विधानसभा क्षेत्र के 37 सरकारी स्कूलों में विधायक निधि से कंप्यूटर खरीदी को लेकर वित्तीय अनियमितता के आरोप लगे

बेमेतरा के साजा विधानसभा क्षेत्र के 37 सरकारी स्कूलों में विधायक निधि से कंप्यूटर खरीदी को लेकर वित्तीय अनियमितता के आरोप लगे हैं। आरोप है कि स्कूलों को दिए गए कंप्यूटर सेट बाजार कीमत से लगभग चार गुना अधिक दर पर खरीदे गए।

बताया जा रहा है कि साल 2024-25 और 2025-26 में एक कंप्यूटर सेट के लिए करीब 2.5 लाख रुपए का भुगतान किया गया, जबकि बाजार में इसी तरह का सेट 60 से 65 हजार रुपए में उपलब्ध है। वहीं, कांग्रेस ने इसे विधायक निधि का दुरुपयोग बताया है।

जबकि विधायक ईश्वर साहू ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि स्कूलों ने तकनीकी शिक्षा के लिए कंप्यूटर की आवश्यकता बताते हुए मांग पत्र दिए थे। उन्हीं मांग पत्रों के आधार पर कलेक्टर को प्रस्ताव भेजा गया और विधायक निधि से कंप्यूटर स्वीकृत किए गए।

इधर, मामले को गंभीरता से लेते हुए बेमेतरा कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाई ने जांच समिति गठित कर दी है।

1 करोड़ की खरीदी, 70 लाख के अंतर का दावा

जानकारी के अनुसार हर स्कूल को एक सेट में तीन कंप्यूटर, मॉनिटर, सीपीयू, की-बोर्ड और यूपीएस दिए गए। 37 स्कूलों में हुई इस खरीदी की कुल लागत करीब 1 करोड़ रुपए बताई जा रही है।

बाजार कीमत से तुलना करने पर लगभग 70 लाख रुपए के अंतर का दावा किया जा रहा है। हालांकि, इन दावों की पुष्टि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।

स्कूलों का दावा- हमने कंप्यूटर की मांग नहीं की थी

नवागांवकला, केहका, केसतरा और बीजा सहित एक दर्जन से अधिक स्कूलों के प्राचार्यों और शिक्षकों का कहना है कि उन्होंने कंप्यूटर के लिए कोई मांग पत्र नहीं भेजा था। उनके अनुसार, बिना मांग के ही स्कूलों में कंप्यूटर भेज दिए गए।

कई स्कूलों में लैब तक नहीं, अलमारी और स्टोर में रखे कंप्यूटर

कुछ स्कूलों में कंप्यूटर रखने के लिए अलग लैब या सुरक्षित कमरा भी नहीं है। ऐसे में कंप्यूटर अलमारी, स्टोर रूम या कक्षाओं के कोनों में रखे हुए हैं। इससे छात्रों के उपयोग और संसाधनों के सही इस्तेमाल पर सवाल उठ रहे हैं।

कंप्यूटर वापस ले जाने का भी आरोप

कुछ स्कूलों ने आरोप लगाया है कि विधायक के प्रतिनिधि कंप्यूटर पहुंचाने के बाद स्कूल स्टाफ के साथ फोटो खिंचवाते हैं और बाद में उन कंप्यूटरों को विधायक निवास में काम के लिए वापस ले जाते हैं। हालांकि, इस आरोप की भी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

कांग्रेस ने बताया विधायक निधि का दुरुपयोग

जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और पूर्व विधायक आशीष छाबड़ा ने इसे विधायक निधि के दुरुपयोग का मामला बताया। उन्होंने कहा कि विधायक निधि का उपयोग जनहित और लोगों की मूलभूत जरूरतों के लिए होना चाहिए। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

कलेक्टर ने बनाई जांच समिति

मामले को गंभीरता से लेते हुए बेमेतरा कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाई ने जांच समिति गठित कर दी है। समिति की अध्यक्षता डिप्टी कलेक्टर कृष्ण कुमार साहू करेंगे। जिला कोषालय अधिकारी प्रशांत प्रधान, ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर महेंद्र कुमार वर्मा और जिला सूचना विज्ञान अधिकारी रोहित चंद्रवंशी को समिति का सदस्य बनाया गया है।