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उत्तर बस्तर कांकेर: तालाब में डूबने और सर्प दंश से मौत पर 4-4 लाख की आर्थिक सहायता मंजूर, कलेक्टर ने दिए आदेश






उत्तर बस्तर कांकेर: डूबने और सर्प डंस से मौत पर 4-4 लाख की आर्थिक सहायता मंजूर, कलेक्टर ने जारी किए आदेश


उत्तर बस्तर कांकेर: तालाब में डूबने और सर्प काटने से मृत्यु के मामलों में 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत

स्थान: कांकेर | दिनांक: 05 अगस्त 2026 | प्रसारण: प्रदेश खबर न्यूज़ नेटवर्क

उत्तर बस्तर कांकेर: छत्तीसगढ़ के उत्तर बस्तर कांकेर जिले में प्रशासन ने प्राकृतिक आपदा और दुर्घटनाओं के मामलों में संवेदनशीलता दिखाते हुए त्वरित सहायता प्रदान करने का निर्णय लिया है। कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने राजस्व पुस्तक परिपत्र (आरबीसी) खंड 6-4 के तहत प्रदत्त अधिकारों का उपयोग करते हुए दो अलग-अलग दुर्घटनाओं में जान गंवाने वाले नागरिकों के निकटतम परिजनों के लिए कुल 8 लाख रुपये की सहायता राशि मंजूर की है। इन मामलों में तालाब में डूबने और सर्प काटने (सर्प दंश) से हुई मौतों के प्रकरण शामिल हैं, जिनमें प्रत्येक पीड़ित परिवार को चार-चार लाख रुपये की सहायता दी जाएगी।

राजस्व पुस्तक परिपत्र खंड 6-4 के तहत मिला अधिकार

राज्य शासन द्वारा आपदा प्रबंधन और मानवीय दृष्टिकोण के तहत राजस्व पुस्तक परिपत्र (आरबीसी) खंड 6-4 के प्रावधानों का निर्माण किया गया है। इसके अंतर्गत बाढ़, आगजनी, वज्रपात, सर्प दंश, पानी में डूबने जैसी विभिन्न दुर्घटनाओं में मृत्यु होने पर पीड़ित परिवारों को आर्थिक संबल प्रदान करने का प्रावधान है। इसी प्रक्रिया के अनुपालन में कांकेर जिला प्रशासन द्वारा प्रभावित परिवारों के प्रकरणों का त्वरित निराकरण करते हुए सहायता राशि स्वीकृत की गई है, ताकि इस कठिन समय में परिवारों को आर्थिक संबल मिल सके।

प्रमुख बिंदु:

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  • जिला: उत्तर बस्तर कांकेर
  • कुल स्वीकृत राशि: 8,00,000 रुपये (दो प्रकरणों में 4-4 लाख रुपये)
  • प्राधिकार: कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर
  • योजना/नियम: राजस्व पुस्तक परिपत्र (आरबीसी) खंड 6-4
  • भुगतान माध्यम: डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से सीधे बैंक खाते में

पहला मामला: सरोना तहसील के देवरीबालाजी में तालाब में डूबने से मौत

पहला मामला कांकेर जिले के सरोना तहसील अंतर्गत आने वाले ग्राम देवरीबालाजी से जुड़ा हुआ है। यहां रहने वाले 84 वर्षीय छतरू राम सलाम की तालाब में डूबने से असामयिक मृत्यु हो गई थी। इस दुर्घटना के बाद स्थानीय प्रशासन द्वारा जांच और कागजी कार्रवाई पूरी की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने राजस्व पुस्तक परिपत्र के प्रावधानों के तहत मृतक के निकटतम परिजनों के लिए सहायता राशि स्वीकृत की है।

मृतक छतरू राम सलाम के निकटतम कानूनी वारिसों और परिजनों—नीराबाई, पुष्पाबाई और नीरबत्ती के लिए संयुक्त रूप से 4,00,000 रुपये (चार लाख रुपये) की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई है। इस सहायता राशि से परिवार को इस अप्रत्याशित संकट की घड़ी में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

दूसरा मामला: अंतागढ़ तहसील के सरण्डी में सर्प काटने से 3 वर्षीय बच्चे की मृत्यु

दूसरा दुखद मामला अंतागढ़ तहसील के ग्राम सरण्डी का है। यहां मात्र 3 वर्षीय मासूम निशिता ध्रुव की सर्प काटने (सर्प दंश) के कारण मौत हो गई थी। इतनी कम उम्र में बच्चे की असामयिक मृत्यु से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई थी। जिला प्रशासन ने इस संवेदनशील मामले पर त्वरित संज्ञान लिया और मृतका के परिजनों को सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया।

इस प्रकरण में मृतका निशिता ध्रुव के परिजन गजेन्द्र ध्रुव के पक्ष में 4,00,000 रुपये (चार लाख रुपये) की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में सर्प दंश की घटनाओं पर अंकुश लगाने और इस तरह के मामलों में तत्काल सहायता पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है.

डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से सीधे बैंक खाते में आएगी राशि

प्रशासन द्वारा यह सुनिश्चित किया गया है कि स्वीकृत की गई सहायता राशि पूरी पारदर्शिता के साथ सीधे पात्र हितग्राहियों तक पहुंचे। प्रक्रिया के अनुसार, स्वीकृत सहायता राशि का भुगतान संबंधित क्षेत्र के तहसीलदार के माध्यम से सीधे हितग्राहियों के बैंक खातों में डीबीटी (Direct Benefit Transfer) तकनीक के जरिए किया जाएगा। इससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त होती है और सहायता राशि बिना किसी विलंब के सीधे पीड़ित परिवार के बैंक खाते में सुरक्षित पहुंच जाती है।

जिला प्रशासन के इस त्वरित और संवेदनशील निर्णय से प्रभावित परिवारों को बड़ी राहत मिली है। स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन के इस कदम की सराहना की है, जिससे यह संदेश जाता है कि आपदा या दुर्घटना की स्थिति में शासन-प्रशासन पूरी तत्परता के साथ नागरिकों के साथ खड़ा है।


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