जगदलपुर: प्राकृतिक आपदा से पीड़ित दो परिवारों के लिए 8 लाख रुपये की सहायता राशि स्वीकृत, कलेक्टर आकाश छिकारा ने दिए निर्देश
छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में प्रशासन ने संवेदनशीलता की एक और मिसाल पेश करते हुए प्राकृतिक आपदाओं में जान गंवाने वाले नागरिकों के आश्रित परिवारों को त्वरित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। बस्तर जिले के कलेक्टर श्री आकाश छिकारा द्वारा राजस्व पुस्तक परिपत्र (आरबीसी) 6-4 के संशोधित प्रावधानों के तहत एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया गया है। इस आदेश के अंतर्गत, प्राकृतिक आपदाओं के कारण अकाल मृत्यु का शिकार हुए दो अलग-अलग पीड़ित परिवारों के लिए कुल 08 लाख रुपये की सहायता राशि स्वीकृत की गई है। प्रत्येक पीड़ित परिवार को चार-चार लाख रुपये की सहायता प्रदान की जा रही है।
- स्वीकर्ता: कलेक्टर श्री आकाश छिकारा, जगदलपुर (बस्तर)।
- योजना/नियम: राजस्व पुस्तक परिपत्र (RBC) 6-4 के संशोधित प्रावधान।
- कुल स्वीकृत राशि: 08 लाख रुपये (प्रत्येक परिवार को 4-4 लाख रुपये)।
- लाभार्थी प्रकरण: सांप काटने से मृत्यु और पानी में डूबने से मृत्यु के कुल 2 मामले।
घटनाओं का विवरण और प्रशासनिक संवेदनशीलता
प्रशासन से प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, जिले के विभिन्न क्षेत्रों में हाल ही में दो अलग-अलग दुर्भाग्यपूर्ण प्राकृतिक एवं आकस्मिक दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें दोिनयों नागरिकों की जान चली गई। इन मामलों में नियमानुसार पीड़ित परिवारों को आर्थिक संबल प्रदान करने के लिए त्वरित गति से प्रकरण तैयार किए गए थे, जिन्हें कलेक्टर श्री आकाश छिकारा के समक्ष प्रस्तुत किया गया। कलेक्टर द्वारा सभी औपचारिकताएं पूरी करने के पश्चात तत्काल सहायता राशि के वितरण की स्वीकृति प्रदान कर दी गई है।
स्वीकृत किए गए दोनों मामलों का विवरण निम्नलिखित रूप में है:
| क्र. | तहसील एवं ग्राम | मृतक का नाम एवं आयु | दुर्घटना का प्रकार | लाभार्थी (आश्रित परिजन) | स्वीकृत सहायता राशि |
|---|---|---|---|---|---|
| 1. | बास्तानार (ग्राम बोरजा) | पोदिये मण्डावी (61 वर्ष) | सांप काटने से मृत्यु (सर्पदंश) | श्री दशो मण्डावी (पति) | ₹ 4,00,000/- |
| 2. | बस्तर (ग्राम खोरखोसा) | मधु बघेल | पानी में डूबने से मृत्यु | श्री कोदूराम (भाई) | ₹ 4,00,000/- |
राजस्व पुस्तक परिपत्र (RBC) 6-4 के प्रावधानों के तहत सहायता
छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा प्राकृतिक आपदाओं से पीड़ित परिवारों को राहत पहुंचाने के लिए राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के तहत स्पष्ट दिशा-निर्देश तय किए गए हैं। इसके संशोधित प्रावधानों के अंतर्गत सर्पदंश, पानी में डूबने, आकाशीय बिजली (वज्रपात), आग लगने, जंगली जानवरों के हमले और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से होने वाली मौतों के मामलों में मृतकों के वैध वारिसों या आश्रितों को तुरंत आर्थिक मदद दी जाती है।
जिला प्रशासन बस्तर इस बात के लिए लगातार प्रयासरत है कि आपदा की इस घड़ी में किसी भी पीड़ित परिवार को सरकारी औपचारिकताओं के चक्कर में न उलझना पड़े और उन्हें कम से कम समय में सहायता राशि उनके बैंक खातों या माध्यमों से प्राप्त हो सके। कलेक्टर श्री आकाश छिकारा के निर्देशों के बाद संबंधित तहसीलदारों को यह भी निर्देशित किया गया है कि वे स्वीकृत राशि का वितरण जल्द से जल्द पारदर्शिता के साथ लाभार्थियों तक पहुंचाना सुनिश्चित करें।
पीड़ित परिवारों को मिलेगा संबल
प्राकृतिक आपदाओं के कारण घर के कमाऊ सदस्य या अपनों को खोने वाले परिवारों के लिए यह आर्थिक मदद बेहद मददगार साबित होती है। ग्रामीण क्षेत्रों में कई परिवार पूरी तरह से दैनिक मजदूरी या कृषि पर निर्भर होते हैं। ऐसे में अचानक हुई दुर्घटनाओं से उनका पूरा जीवन अस्त-व्यस्त हो जाता है। चार-चार लाख रुपये की यह सहायता राशि इन शोक-संतप्त परिवारों को इस कठिन समय से उबरने और अपनी बुनियादी जरूरतों को पूरा करने में संबल प्रदान करेगी।
बस्तर जिले में प्रशासन के इस संवेदनशील और त्वरित निर्णय की स्थानीय नागरिकों तथा जनप्रतिनिधियों द्वारा सराहना की जा रही है। जिला प्रशासन ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि शासन की योजनाएं अंतिम छोर पर बैठे जरूरतमंद व्यक्ति तक पूरी निष्ठा और पारदर्शिता के साथ पहुंच रही हैं।












