रायपुर के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) के B.Sc. कृषि फर्स्ट ईयर के प्लांट पैथोलॉजी और सेकंड ईयर के दूसरे सेमेस्टर के कीटशास्त्र पेपर लीक मामले में पुलिस ने प्रोफेसर समेत 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दो आरोपी अब भी फरार हैं। मामला तेलीबांधा थाना क्षेत्र का है।
पुलिस के मुताबिक, पहले सेकंड ईयर के कीटशास्त्र का पेपर लीक होने का मामला सामने आया। जांच आगे बढ़ी तो फर्स्ट ईयर के प्लांट पैथोलॉजी का पेपर लीक करने की बात भी सामने आई।
दुर्ग का प्रोफेसर इस पूरे मामले का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। उसने प्रश्नपत्र वाले सीलबंद लिफाफे में छेद करने के लिए सुई और नुकीले उपकरण का इस्तेमाल किया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने करीब ₹2,500 में एंडोस्कोपी करने वाला कैमरा खरीदा था। इसी कैमरे को लिफाफे में बने छोटे छेद से अंदर डालकर प्रश्नपत्र का वीडियो बनाया।
इसके बाद वीडियो से प्रश्नपत्र की सामग्री की नकल तैयार की गई और इसे अपने कॉलेज के छात्र अजय नायक समेत तीन छात्रों को ₹11 हजार में बेच दिया गया। बाद में पेपर सोशल मीडिया के जरिए आगे वायरल हो गया।
रायपुर के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) के B.Sc. कृषि फर्स्ट ईयर के प्लांट पैथोलॉजी और सेकंड ईयर के दूसरे सेमेस्टर के कीटशास्त्र पेपर लीक मामले में पुलिस ने प्रोफेसर समेत 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दो आरोपी अब भी फरार हैं। मामला तेलीबांधा थाना क्षेत्र का है।
पुलिस के मुताबिक, पहले सेकंड ईयर के कीटशास्त्र का पेपर लीक होने का मामला सामने आया। जांच आगे बढ़ी तो फर्स्ट ईयर के प्लांट पैथोलॉजी का पेपर लीक करने की बात भी सामने आई।
दुर्ग का प्रोफेसर इस पूरे मामले का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। उसने प्रश्नपत्र वाले सीलबंद लिफाफे में छेद करने के लिए सुई और नुकीले उपकरण का इस्तेमाल किया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने करीब ₹2,500 में एंडोस्कोपी करने वाला कैमरा खरीदा था। इसी कैमरे को लिफाफे में बने छोटे छेद से अंदर डालकर प्रश्नपत्र का वीडियो बनाया।
इसके बाद वीडियो से प्रश्नपत्र की सामग्री की नकल तैयार की गई और इसे अपने कॉलेज के छात्र अजय नायक समेत तीन छात्रों को ₹11 हजार में बेच दिया गया। बाद में पेपर सोशल मीडिया के जरिए आगे वायरल हो गया।
दरअसल, 7 अगस्त को B.Sc. कृषि फर्स्ट ईयर की प्लांट पैथोलॉजी और 20 अगस्त को सेकंड ईयर की कीटशास्त्र परीक्षा होनी थी। दोनों परीक्षाएं विश्वविद्यालय से जुड़े 28 कृषि कॉलेजों में आयोजित होनी थीं। पेपर लीक की जानकारी कवर्धा कृषि कॉलेज और विश्वविद्यालय के अधिकारियों को ई-मेल के जरिए मिली। इसके बाद विश्वविद्यालय प्रबंधन ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
पढ़िए पेपर लीक की पूरी कहानी…
मास्टरमाइंड प्रोफेसर का नाम योगेश सोनकेसरिया है। वह दुर्ग जिले के भारती एग्रीकल्चर कॉलेज में साल 2019 से प्रोफेसर है। पिछले करीब एक साल से वह अपने कॉलेज की उत्तर पुस्तिकाएं जमा करने और आने वाली परीक्षाओं के प्रश्न पत्र लेने के लिए रायपुर कृषि महाविद्यालय आता था।
17 अगस्त को योगेश उत्तर पुस्तिकाएं जमा करने रायपुर के जोरा स्थित कृषि महाविद्यालय आया था। इसी दौरान उसने आने वाली परीक्षाओं के प्रश्न पत्र लिए। सभी पेपर कॉलेज में रखने के बाद उसने 20 अगस्त की परीक्षा के कीटशास्त्र विषय का पेपर वाला लिफाफा अपने घर ले गया।
योगेश ने घर पर लिफाफे में सुई और नुकीले उपकरण से छोटा छेद किया। इसके बाद मोबाइल कैमरा अंदर डालकर प्रश्न पत्र का वीडियो बना लिया। फिर प्रश्न पत्र की सामग्री की नकल तैयार की और उसे अपने कॉलेज के छात्रों को 11 हजार रुपए में बेच दिया। अजय नायक ने पेपर त्रिदेव पटेल, नितिन पाण्डेय, अनुज मिंज और आदित्य साहू को दिया।














