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छत्तीसगढ़ में नशा और अवैध शराब का कारोबार: कांग्रेस का बड़ा हमला, साय सरकार पर लगाए गंभीर आरोप | Pradesh Khabar






कांग्रेस का आरोप: भाजपा सरकार में छत्तीसगढ़ बना अवैध शराब और सूखे नशे का गढ़


छत्तीसगढ़ बना अवैध शराब और सूखे नशे का गढ़, युवाओं का भविष्य हो रहा बर्बाद: कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला

  • सूखे नशे और शराब की वजह से प्रदेश की युवा पीढ़ी हो रही बर्बाद: सुशील आनंद शुक्ला।
  • भाजपा सरकार में शराब दुकानों का दायरा दोगुना (1400) हुआ, नई दुकानें भी खोली गईं।
  • रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, जगदलपुर और अम्बिकापुर बने सूखे नशे की बिक्री के बड़े केंद्र।
  • सरकारी दुकानों से 200 रुपये अतिरिक्त लेकर गली-मोहल्लों के कोचियों तक पहुंचाई जा रही शराब।

रायपुर: प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने भाजपा सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए आरोप लगाया है कि जब से राज्य में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी है, तब से छत्तीसगढ़ अवैध शराब और नशे के कारोबार का गढ़ बन चुका है। प्रदेश के गांव-गांव, गली और कूंचों में खुलेआम अवैध शराब बिक रही है, जिसे प्रशासनिक संरक्षण प्राप्त है। उन्होंने कहा कि सूखे नशे और शराब के कारण राज्य के युवा लगातार बर्बादी की ओर धकेले जा रहे हैं।

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‘शराब दुकानों की संख्या दोगुनी कर 1400 की गई’

सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि विपक्ष में रहते हुए शराबबंदी का वादा करने वाली और दुहाई देने वाली भाजपा ने सत्ता में आते ही प्रदेश में शराब की उपलब्धता को दोगुना कर दिया है। राज्य में पहले लगभग 700 देशी और अंग्रेजी शराब दुकानें संचालित थीं। वर्तमान सरकार ने हर देशी दुकान में अंग्रेजी तथा अंग्रेजी दुकान में देशी शराब बेचना शुरू कर दिया है, जिससे तकनीकी रूप से दुकानों की संख्या बढ़कर 1400 हो गई है। इसके अलावा पिछले वर्ष 67 और इस वर्ष 35 नई शराब दुकानें खोल दी गईं।

‘सरकारी अमले का संरक्षण, मंत्री के बयानों पर उठाए सवाल’

कांग्रेस संचार प्रमुख ने कहा कि आबकारी मंत्री यह दावा करते हैं कि सरकार शराब के राजस्व से चल रही है, इसीलिए शराब की खपत बढ़ाने पर पूरा जोर दिया जा रहा है। उन्होंने आबकारी मंत्री दयालदास बघेल के बयानों का हवाला देते हुए कहा कि मंत्री स्वयं स्वीकार कर चुके हैं कि आम व्यक्ति के पास 1 बोतल मिलने पर कार्रवाई होती है, लेकिन शराब भट्ठी से पेटी-पेटी शराब ले जाकर बेचने वालों पर कार्रवाई नहीं होती। मंत्री ने अवैध बिक्री के लिए पुलिस और आबकारी विभाग दोनों को जिम्मेदार माना है।

नशे के प्रमुख केंद्र और कोचियागिरी: राजधानी रायपुर समेत बिलासपुर, दुर्ग, जगदलपुर और अम्बिकापुर सूखे नशे की बिक्री का मुख्य केंद्र बन चुके हैं। डोंगरगढ़ बॉटलिंग प्लांट में पानी मिलाते रंगे हाथों पकड़े जाने की घटना हो या राजनांदगांव और मुंगेली की खबरें, सरकारी शराब दुकानों से ₹200 प्रति पेटी अतिरिक्त लेकर कोचियों के जरिए गांव-मोहल्लों में शराब पहुंचाई जा रही है।

‘सत्ता के संरक्षण में फल-फूल रहा अवैध कारोबार’

कांग्रेस का आरोप है कि साय सरकार में बड़े पैमाने पर नकली सरकारी होलोग्राम लगाकर शराब बेची जा रही है। बस्तर, सरगुजा से लेकर मैदानी इलाकों तक दूसरे राज्यों की शराब निर्बाध रूप से पहुंच रही है। पूर्ववर्ती रमन सिंह सरकार के कार्यकाल का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा ने ही शराब बिक्री का सरकारीकरण किया था और अब सत्ता के संरक्षण में नकली व अवैध शराब का कारोबार तेजी से फल-फूल रहा है।

“भाजपा सरकार राज्य की जनता को राहत देने के बजाय उसे शराबी बनाने पर तुली हुई है। सरकार की प्राथमिकताओं में जनकल्याण नहीं, बल्कि नशा कारोबार को संरक्षण देना शामिल हो चुका है।”
— सुशील आनंद शुक्ला, अध्यक्ष (संचार विभाग, प्रदेश कांग्रेस)


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