मध्य प्रदेश में लगातार बारिश के चलते कई इलाकों में हालात बिगड़ गए हैं। सीधी में शनिवार को ₹104 करोड़ लागत से 6 महीने पहले बनी सड़क का बड़ा हिस्सा बारिश में बह गया। नरसिंहपुर में रेतघाट पुल पानी में डूब गया है। सतना में बाइक समेत तीन लोग नाले में बह गए। इनमें दो लोग बच गए। तीसरा लापता है। पन्ना में उफनती नदी में एक डंपर बह गया।
उत्तर प्रदेश में भी बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर से 19 जिलों में बाढ़ जैसे हालात हैं। 92 गांवों की फसलें डूब गई हैं और 26 गांव टापू बन गए हैं। प्रभावित लोगों तक नाव और मोटर बोट के जरिए राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। प्रयागराज में गंगा-यमुना का जलस्तर बढ़ने से घाट और रिवर फ्रंट जलमग्न हैं।
वाराणसी में सभी 84 घाट जलमग्न हो चुके हैं। अस्सी घाट पर जहां दुकानें लगती थीं, वहां नावें चल रही हैं। दशाश्वमेध घाट की गंगा आरती अब छत पर कराई जा रही है। वरुणा नदी का पानी रिहाइशी कॉलोनियों तक पहुंच गया है। कानपुर में गंगा के साथ-साथ पांडू नदी भी उफान पर है। इससे निचले इलाकों में बने घरों में 4 से 6 फीट तक पानी भर गया है।
उत्तराखंड में लगातार बारिश के बीच उत्तरकाशी में शनिवार को लैंडस्लाइड हुआ। इसके कारण गंगोत्री हाईवे पर मलबा आने से रास्ता बंद हो गया, जबकि जोशियाड़ा इलाके में बारिश का पानी घरों में घुस गया। प्रदेश में फिलहाल 80 सड़कें बंद हैं, इनमें नैनीताल की 15, चमोली और पिथौरागढ़ की 13-13 सड़कें शामिल हैं।

















