इंडियन शुगर मिल्स एसोसिएशन (ISMA) ने सोमवार को कहा कि देश में चीनी की कमी नहीं है। आने वाले दिनों में फुटकर बाजारों में कीमतें कम होने की उम्मीद है।
पिछले एक महीने में चीनी 20% से ज्यादा महंगी होकर ₹60 प्रति किलो तक हो गई है। इसके बाद सरकार ने राहत देने के लिए ड्यूटी-फ्री इंपोर्ट की मंजूरी दी थी।
केंद्र सरकार ने 20 अगस्त को 10 लाख टन रॉ शुगर के बिना किसी सीमा शुल्क आयात की अनुमति दी है, ताकि बाजार में सप्लाई बढ़ाकर कीमतों पर काबू पाया जा सके।
नेशनल फेडरेशन ऑफ कोऑपरेटिव शुगर फैक्ट्रीज ने भी घरेलू सप्लाई को पर्याप्त बताया है। NFCSF के अध्यक्ष प्रकाश नाईकनवरे ने कहा कि फेडरेशन ने 2025-26 सीजन के लिए अपने नेट शुगर प्रोडक्शन के अनुमान को 2.79 करोड़ टन पर बरकरार रखा है।
इसमें से करीब 24 लाख टन चीनी इथेनॉल उत्पादन के लिए डायवर्ट की गई है। भारत में हर साल करीब 3 करोड़ टन चीनी उत्पादन होता है।

















