सागर के बंडा-शाहगढ़ में जहरीली शराब का कहर: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का बड़ा बयान; बोले- दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा
नई दिल्ली / भोपाल / सागर
प्रमुख बिंदु (Key Highlights)
- सागर जिले के बंडा-शाहगढ़ क्षेत्र में संदिग्ध जहरीली शराब के सेवन से हुई मौतों पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जताया गहरा शोक।
- विदेश यात्रा पर रवाना होने से पूर्व नई दिल्ली स्थित मध्य प्रदेश भवन में मीडिया प्रतिनिधियों से की विशेष बातचीत।
- प्रभारी मंत्री और आला अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचकर जांच करने और कठोरतम कार्रवाई करने के निर्देश।
- कार्रवाई के तहत 3 आबकारी अधिकारी और 2 पुलिस अधिकारी निलंबित; 1 वरिष्ठ अधिकारी ग्वालियर अटैच।
- क्षेत्र की 7 शराब दुकानों को सील कर नमूनों की जांच के निर्देश दिए गए।
- उत्तर प्रदेश के ललितपुर से शराब की अवैध आपूर्ति का शुरुआती संदेह; पुलिस और आबकारी दल जांच में जुटे।
- प्रशासन की ग्रामीणों से अपील— लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर चिकित्सा जांच कराएं।
मध्य प्रदेश के सागर जिले की बंडा तहसील और शाहगढ़ क्षेत्र में अवैध व जहरीली शराब के कथित सेवन से हुई मौतों के मामले में राज्य सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस घटना को अत्यंत पीड़ादायक, दुःखद एवं दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए स्पष्ट चेतावनी दी है कि इस आपराधिक कृत्य में संलिप्त किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री ने रविवार को अपनी विदेश यात्रा पर रवाना होने से ठीक पहले नई दिल्ली स्थित मध्य प्रदेश भवन में मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा करते हुए यह बात कही।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि जैसे ही उन्हें इस घटना की सूचना मिली, उन्होंने तुरंत सागर जिले के प्रभारी मंत्री, संभागायुक्त, आईजी, कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को मौके पर पहुंचने तथा राहत व्यवस्था का जायजा लेने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकार ने घटना को बेहद संवेदनशीलता से लिया है और निष्पक्ष जांच के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के तहत कठोरतम दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
“सागर जिले के बंडा-शाहगढ़ क्षेत्र में शराब के सेवन से नागरिकों की मृत्यु होने का समाचार अत्यंत दुःखद और दुर्भाग्यपूर्ण है। मैंने सागर जिले के प्रभारी मंत्री एवं जिम्मेदार अधिकारियों को घटना की तत्काल जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई के निर्देश दे दिए हैं। जांच के बाद इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।”
घटनाक्रम: गांवों में फैली सनसनी, अस्त-व्यस्त हुई प्रशासनिक व्यवस्था
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बंडा विकासखंड के ग्राम नौरोज, गूगरा खुर्द, पाटन और बराज सहित आसपास के गांवों में शनिवार-रविवार की दरमियानी रात कई लोगों ने शराब का सेवन किया था। इसके बाद अचानक कई लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी। मरीजों को जी मिचलाने, सिरदर्द, उल्टी, धुंधला दिखाई देने और चक्कर आने की शिकायतें होने लगीं।
परिजनों द्वारा प्रभावितों को तत्काल बंडा के सिविल अस्पताल और निजी वाहनों से सागर के बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (BMCH) लाया गया। अस्पताल पहुंचते-पहुंचते कई लोगों की मृत्यु हो चुकी थी। घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्र में हड़कंप मच गया और प्रशासनिक अमला हरकत में आया।
प्रशासकीय गाज: 5 अधिकारी निलंबित, 1 अधिकारी का तबादला
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कड़े रुख के तुरंत बाद राज्य शासन और आबकारी विभाग ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ी कार्रवाई की है। आबकारी व्यवस्था में घोर लापरवाही और अवैध शराब की रोकथाम में असफल रहने पर निम्नलिखित अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है:
निलंबित एवं हटाए गए अधिकारियों की सूची
- कीर्ति दुबे: सहायक आबकारी आयुक्त, जिला सागर (तत्काल प्रभाव से निलंबित)।
- दिलीप खंडाते: सहायक जिला आबकारी अधिकारी, सागर (तत्काल प्रभाव से निलंबित)।
- प्रोशनी उरेती: आबकारी उप-निरीक्षक, वृत्त बंडा (तत्काल प्रभाव से निलंबित)।
- थाना प्रभारी: बंडा पुलिस थाना (प्रथम दृष्टया लापरवाही पर निलंबित)।
- चौकी प्रभारी: गूगरा पुलिस चौकी (तत्काल प्रभाव से निलंबित)।
- नीरजा श्रीवास्तव: उपायुक्त एवं संभागीय फ्लाइंग स्क्वाड प्रभारी, सागर संभाग (पद से हटाकर आबकारी मुख्यालय ग्वालियर अटैच किया गया)।
अवैध नेटवर्क पर शिकंजा: ललितपुर (उत्तर प्रदेश) से जुड़ी कड़ियां
प्रारंभिक प्रशासनिक जांच और पुलिस तफ्तीश में यह बात सामने आई है कि घटना में प्रयुक्त संदिग्ध या नकली शराब की खेप पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले से अवैध रूप से मंगवाई गई थी। आबकारी और पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अंतरराज्यीय सीमा का फायदा उठाकर कुछ असामाजिक तत्व नकली शराब की पैकेजिंग इस तरह करते थे कि वह स्थानीय स्तर पर मिलने वाले वैध ब्रांडों जैसी दिखाई देती थी।
सागर Range DIG शशिन्र्द चौहान और कलेक्टर प्रतिभा पाल ने बताया कि ललितपुर के संदिग्ध गिरोहों पर शिकंजा कसने के लिए विशेष पुलिस टीमें गठित कर दी गई हैं। पीड़ितों के परिजनों की शिकायतों के आधार पर अलग-अलग धाराओं में तीन प्राथमिकियां (FIR) दर्ज की गई हैं। इसके अतिरिक्त एहतियात के तौर पर बंडा और शाहगढ़ वृत्त की 7 मदिरा दुकानों को सील कर दिया गया है तथा वहां मौजूद मदिरा के नमूने जांच प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
उप-मुख्यमंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों ने लिया जायजा
घटना की गंभीरता को देखते हुए मध्य प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने भी वरिष्ठ पुलिस और आबकारी अधिकारियों से फोन पर चर्चा कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि सरकार पीड़ितों के परिवारों के साथ खड़ी है और सभी बीमारों का मुफ्त तथा समुचित इलाज बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में कराया जा रहा है।
सागर संभाग के कमिश्नर, आईजी, कलेक्टर प्रतिभा पाल और एसपी अनुराग सुजानिया ने प्रभावित गांवों का दौरा कर पीड़ित परिवारों से संवेदना व्यक्त की। अधिकारियों की टीम घर-घर जाकर यह पता लगा रही है कि कहीं किसी अन्य व्यक्ति ने भी शराब का सेवन तो नहीं किया था ।
सागर जिला प्रशासन ने बंडा, शाहगढ़ और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में मुनादी करवाकर अपील की है कि जिन लोगों ने पिछले 24 से 48 घंटों के दौरान किसी भी स्थान से शराब का सेवन किया है और उन्हें सिरदर्द, धुंधला दिखना, उल्टी, पेट दर्द या बुखार जैसे लक्षण महसूस हो रहे हैं, वे बिना किसी डर के तुरंत निकटतम शासकीय स्वास्थ्य केंद्र या सिविल अस्पताल पहुंचकर अपनी डॉक्टरी जांच कराएं।
निष्कर्ष: अवैध मदिरा कारोबार के खिलाफ कड़े संदेश की आवश्यकता
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कड़े निर्देशों के बाद सागर जिले में हुई प्रशासनिक और दंडात्मक कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश गया है कि जनस्वास्थ्य और सुरक्षा के मामले में किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार ने राज्यस्तरीय विशेष आबकारी जांच दल को भी सीमावर्ती जिलों में सघन जांच अभियान चलाने के आदेश दिए हैं।









