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अडानी को फायदा पहुंचाने साय सरकार ने तारा कोल ब्लॉक नीलामी के लिए लिखा पत्र: दीपक बैज | Pradesh Khabar






अडानी को फायदा पहुंचाने साय सरकार ने तारा कोल ब्लॉक नीलामी के लिए केंद्र को लिखा पत्र: दीपक बैज | Pradesh Khabar


राजनीति एवं पर्यावरण

अडानी को फायदा पहुंचाने साय सरकार ने तारा कोल ब्लॉक नीलामी के लिए केंद्र को लिखा पत्र: प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज का बड़ा हमला
दीपक बैज का आरोप: हसदेव अरण्य के 4 हजार एकड़ घने जंगल और 10 लाख से अधिक पेड़ों पर मंडराया संकट, एलीफेंट रिजर्व क्षेत्र भी होगा प्रभावित

रायपुर: प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने भारतीय जनता पार्टी की विष्णुदेव साय सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि साय सरकार ने अडानी समूह को फायदा पहुंचाने के लिए हसदेव अरण्य क्षेत्र के ‘तारा कोल ब्लॉक’ की नीलामी की सिफारिश की थी। उन्होंने कहा कि 11 दिसंबर 2025 को साय सरकार ने कोयला मंत्रालय को पत्र लिखकर तारा कोल ब्लॉक को नीलामी प्रक्रिया में शामिल करने का अनुरोध किया, जबकि इसके विपरीत पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने 23 जून 2023 को तारा सहित 9 कोल ब्लॉकों को नीलामी से बाहर रखने के लिए केंद्र को पत्र भेजा था।

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दीपक बैज के प्रेस वार्ता के मुख्य बिंदु

  • नीलामी की अनुशंसा: साय सरकार द्वारा 11 दिसंबर 2025 को केंद्र को पत्र लिखकर तारा कोल ब्लॉक की नीलामी कराने का आग्रह किया गया।
  • अडानी समूह की कंपनी को आवंटन: तारा कोल ब्लॉक की नीलामी ‘CG Syn-Gas and Chemicals Limited’ को मिली है, जो अडानी एंटरप्राइजेज की सहयोगी कंपनी मुंदड़ा सिनर्जी की सब्सिडियरी है।
  • पर्यावरण एवं वनों को भारी नुकसान: 5000 एकड़ में फैले इस ब्लॉक में 4000 एकड़ से अधिक घना जंगल है; 10 लाख से ज्यादा पेड़ कटेंगे।
  • हाथियों के कॉरिडोर पर खतरा: लेमरू एलीफेंट रिजर्व के चारों ओर खनन होने से राष्ट्रीय धरोहर पशु हाथी के आवाजाही मार्ग बाधित होंगे।

कांग्रेस सरकार बनाम मौजूदा साय सरकार का घटनाक्रम

तिथि / समय सरकार / संस्था निर्णय एवं उठाये गए कदम
26 जुलाई 2022 छत्तीसगढ़ विधानसभा सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित: हसदेव अरण्य में किसी भी कोल ब्लॉक का आवंटन या नीलामी न हो।
23 जून 2023 तत्कालीन भूपेश सरकार केंद्रीय कोयला मंत्रालय को पत्र भेजकर तारा समेत 9 कोल ब्लॉकों को नीलामी से हटाने की मांग की।
16 जुलाई 2023 तत्कालीन भूपेश सरकार सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल: हसदेव अरण्य में किसी नई खदान की आवश्यकता नहीं है।
19 अक्टूबर 2023 केंद्रीय कोयला मंत्रालय तारा कोल ब्लॉक सहित 40 कोल ब्लॉक्स को नीलामी प्रक्रिया से डीनोटिफाई (रद्द) किया।
11 दिसंबर 2025 वर्तमान विष्णुदेव साय सरकार कोयला मंत्रालय को पत्र लिखकर तारा कोल ब्लॉक की नीलामी पुनः शुरू करने का अनुरोध किया।

“जनता के लिए नहीं, अडानी के लिए सरकार चला रही है भाजपा” — दीपक बैज

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा— “छत्तीसगढ़ खनिज निगम के अध्यक्ष और भाजपा नेता झूठ बोलकर जनता को गुमराह कर रहे हैं। साय सरकार के सत्ता में आते ही राज्य के जल, जंगल और जमीन को अडानी के हवाले किया जा रहा है। दलीय चाटुकारिता में पर्यावरण से समझौता कर 10 लाख से ज्यादा पेड़ों की बलि चढ़ाने की तैयारी है। भाजपा जनता के हितों के बजाय कॉर्पोरेट मित्रों के फायदे के लिए फैसले ले रही है।”

पर्यावरण और वन्यजीवों पर गंभीर संकट

दीपक बैज ने बताया कि तारा कोल ब्लॉक लगभग 5,000 एकड़ के विशाल भूभाग में फैला हुआ है, जिसमें से 4,000 एकड़ से अधिक क्षेत्र में बेहद घना प्राकृतिक जंगल है। इस खदान के खुलने से न केवल 10 लाख से अधिक पेड़ काटे जाएंगे, बल्कि लेमरू एलीफेंट रिजर्व के आसपास खनन गतिविधियां संचालित होने से हाथियों और अन्य दुर्लभ वन्यजीव प्रजातियों के प्राकृतिक आवास व कॉरिडोर पूरी तरह तबाह हो जाएंगे।


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