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रायगढ़ जिले के बोरो रेंज में एक हाथी शावक अपने दल से बिछड़ गया

रायगढ़ जिले के बोरो रेंज में एक हाथी शावक अपने दल से बिछड़ गया। वन विभाग ने उसे झुंड से मिलाने की कोशिश की, लेकिन हाथियों के दल ने उसे स्वीकार नहीं किया। इसके बाद शावक का रेस्क्यू कर सरगुजा के रमकोला हाथी रेस्क्यू सेंटर भेजा गया है।

9 सितंबर को धरमजयगढ़ वन मंडल के बोरो परिक्षेत्र के ग्राम चाल्हा बाजार में हाथी शावक के अकेले घूमने की सूचना मिली। स्थानीय वन अमला और हाथी मित्र दल मौके पर पहुंचा। स्थानीय पशु चिकित्सक ने शावक का स्वास्थ्य परीक्षण किया।

उसे तय आहार दिया गया और लगातार निगरानी रखी गई। 10 सितंबर को शावक का मूल झुंड 7 से 8 किलोमीटर दूर ट्रैक किया गया। इसके बाद 11 और 12 सितंबर को शावक को झुंड से मिलाने की कोशिश की गई, लेकिन झुंड ने उसे स्वीकार नहीं किया। शावक वापस लौट आया।

खेतों में घूम रहा था शावक

शावक खेतों में घूम रहा था। ग्रामीण भी उसे देखने के लिए बड़ी संख्या में पहुंच रहे थे। इसे देखते हुए ग्राम चाल्हा और बताती में बैठक लेकर ग्रामीणों को जरूरी समझाइश दी गई।

झुंड में शामिल नहीं होने पर 13 सितंबर को कानन पेंडारी बिलासपुर से वन्यप्राणी शल्यज्ञ और महावत पहुंचे। टीम ने शावक का पूरी तरह स्वास्थ्य परीक्षण किया।

पैर में चोट, शरीर में कमजोरी मिली

जांच में शावक के बाएं पैर में चोट मिली। उसके शरीर में कमजोरी भी पाई गई। डॉक्टर की रिपोर्ट में बताया गया कि 5 दिनों की कोशिश के बाद भी झुंड ने शावक को स्वीकार नहीं किया। शारीरिक कमजोरी और भीड़ के दबाव के कारण उसे खुले में छोड़ना सुरक्षित नहीं है।

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ट्रेंकुलाइज कर रेस्क्यू सेंटर भेजा

डॉक्टर ने शावक को ट्रेंकुलाइज कर रमकोला रेस्क्यू सेंटर भेजने की लिखित अनुशंसा की। वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की धारा 11 (1) (क) और 12 (खख) के प्रावधानों के तहत मुख्य वन्यजीव संरक्षक (CWLW) की अनुमति प्रक्रिया के तहत शावक की जान बचाने को प्राथमिकता दी गई।

विशेष वाहन से रमकोला भेजा गया

सोमवार को अचानकमार टाइगर रिजर्व, कानन पेंडारी और रमकोला के पशु चिकित्सक डॉ. पीके चंदन, डॉ. अजीत पांडेय और महावतों की टीम ने तय प्रक्रिया के तहत शावक का सुरक्षित रेस्क्यू किया। प्राथमिक स्वास्थ्य परीक्षण के बाद शावक को विशेष वाहन से रमकोला रेस्क्यू सेंटर भेज दिया गया।

इन अधिकारियों के मार्गदर्शन में हुई कार्रवाई

यह कार्रवाई वन मंत्री केदार कश्यप, प्रधान मुख्य वन संरक्षक-वन बल प्रमुख, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी), मुख्य वन संरक्षक (बिलासपुर वृत्त), मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) और मुख्य वन संरक्षक (एलीफेंट रिजर्व) सरगुजा के मार्गदर्शन में पूरी हुई।

अभियान में वनमंडलाधिकारी धरमजयगढ़, डिप्टी डायरेक्टर एलीफेंट रिजर्व सरगुजा, उप वनमंडलाधिकारी धरमजयगढ़, वन परिक्षेत्राधिकारी बोरो, वन परिक्षेत्राधिकारी उड़नदस्ता समेत बोरो परिक्षेत्र के वन अमले, हाथी मित्र दल और चाल्हा के ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी रही।

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