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Mathura News: जर्जर कांशीराम कॉलोनी खाली करने के नोटिस से हड़कंप, कांग्रेस जिलाध्यक्ष दीपक पाराशर ने खोला मोर्चा






मथुरा-वृन्दावन: कांशीराम कॉलोनी के बेघर होने की कगार पर खड़े परिवारों के समर्थन में उतरी कांग्रेस


प्रशासन की अनदेखी से कांशीराम कॉलोनी के दर्जनों परिवार बेघर होने की कगार पर; कांग्रेस पार्टी गरीबों के हक के लिए उतरी मैदान में

नगर निगम मथुरा-वृन्दावन के नोटिस के बाद उपजा मानवीय संकट, कांग्रेस जिलाध्यक्ष दीपक पाराशर ने की वैकल्पिक व्यवस्था और लिखित आश्वासन की मांग

वृन्दावन, मथुरा | ग्राउंड जीरो रिपोर्ट

कांशीराम शहरी गरीब आवासीय योजना में बना दहशत का माहौल

कांशीराम शहरी गरीब आवासीय योजना, वृन्दावन में रहने वाले दर्जनों गरीब परिवारों के सिर पर इस वक्त बेघर होने का संकट मंडरा रहा है। नगर निगम मथुरा-वृन्दावन द्वारा जारी किए गए हालिया नोटिस के बाद से ही पूरी कॉलोनी में दहशत, असमंजस और भारी आक्रोश का माहौल बना हुआ है। इस गंभीर मानवीय संकट को देखते हुए कांग्रेस के जिलाध्यक्ष दीपक पाराशर ने स्वयं ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर पीड़ितों का हाल जाना और प्रशासन की इस कार्रवाई के खिलाफ पुरजोर आवाज उठाई है।

नगर निगम के नोटिस और कार्रवाई की चेतावनी से बढ़ा असंतोष

नगर निगम मथुरा-वृन्दावन द्वारा जारी नोटिस में कॉलोनी के जीर्ण-शीर्ण एवं जर्जर हिस्सों को हटाने और मरम्मत कराने के निर्देश दिए गए हैं। नोटिस में निर्धारित समय-सीमा के भीतर मकान खाली न करने या मरम्मत कार्य शुरू न होने पर कानूनी कार्रवाई तथा संबंधित निवासियों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की चेतावनी भी दी गई है।

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हालांकि, प्रशासन के इस आदेश में इस बात का स्पष्ट उल्लेख नहीं है कि मरम्मत कार्य चलने के दौरान ये गरीब परिवार कहां रहेंगे और काम पूरा होने के बाद इन्हें उनके आवंटित मकान वापस मिलेंगे या नहीं।

मुख्य समस्याएं एवं कांग्रेस पार्टी की प्रमुख मांगें

मुद्दे / समस्याएं कांग्रेस पार्टी की प्रमुख मांगें
बिना वैकल्पिक व्यवस्था के मकान खाली कराने का आदेश उत्तर प्रदेश सरकार और नगर निगम प्रशासन अस्थायी आश्रय, भोजन व मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था करे।
आवंटित मकान वापस मिलने पर अनिश्चितता प्रत्येक आवंटी को लिखित रूप में आश्वासन दिया जाए कि मरम्मत के बाद उन्हें उनके घर वापस मिलेंगे।
बच्चों की पढ़ाई और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर असर मकान खाली करने के लिए स्पष्ट और उचित समय-सीमा तय की जाए ताकि परिवार व्यवस्थित हो सकें।
एफआईआर की चेतावनी से स्थानीय लोगों में भय धमकियों के बजाय मानवीय दृष्टिकोण अपनाकर संवाद के जरिए समाधान निकाला जाए।

ग्राउंड जीरो पर पहुंचे जिलाध्यक्ष दीपक पाराशर

कॉलोनी का दौरा करने पहुंचे जिलाध्यक्ष दीपक पाराशर ने पीड़ितों का दुख-दर्द साझा किया। स्थानीय निवासियों और बिलखती महिलाओं के सामने आने के बाद उन्होंने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। दीपक पाराशर ने सवाल खड़ा करते हुए कहा कि प्रशासन ने नोटिस तो जारी कर दिया है, लेकिन मरम्मत के दौरान ये परिवार कहां रहेंगे?

  • मासूमों व वृद्धों की चिंता: इन घरों में छोटे-छोटे बच्चे पढ़ाई करते हैं, वृद्ध और बीमार लोग रहते हैं। ऐसे में बिना वैकल्पिक व्यवस्था के उन्हें अचानक मकान खाली करने के लिए कहना गंभीर मानवीय चिंता का विषय है।
  • पुनर्वास की अनिश्चितता: निवासियों के मन में यह डर भी बना हुआ है कि एक बार मकान खाली करने के बाद उन्हें उनके आवंटित मकान वापस मिलेंगे या नहीं।
  • आंदोलन की चेतावनी: यदि प्रशासन ने बिना वैकल्पिक आवास और स्पष्ट लिखित आश्वासन के बलपूर्वक कार्रवाई की या एफआईआर की धमकियों के माध्यम से पीड़ितों को डराने का प्रयास किया, तो कांग्रेस पार्टी जनता को साथ लेकर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करेगी।

मौके पर मौजूद प्रमुख प्रतिनिधि व स्थानीय निवासी

निरीक्षण एवं विरोध प्रदर्शन के दौरान चंद्रमोहन जायसवाल, तरुण किशोर शास्त्री, पिंकी मण्डल, नारायण यादव, रिंकी मण्डल, शैफाली चक्रवर्ती, ममता, पूर्णिमा दासी, प्रभात किशोर सहित कई स्थानीय नागरिक और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


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