आज का पंचांग: 28 सितंबर 2026, सोमवार | वैदिक पंचांग एवं शुभ-अशुभ मुहूर्त
दैनिक पंचांग सारांश: आज विक्रम संवत् 2083 के अनुसार आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि है। आज सोमवार का पावन दिन है और पितृ पक्ष की द्वितीया तिथि का श्राद्ध कर्म निष्पादित किया जाएगा। वैदिक ज्योतिष के अनुसार किसी भी शुभ अथवा मांगलिक कार्य को प्रारंभ करने से पूर्व तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार का सूक्ष्म विश्लेषण आवश्यक माना जाता है।
1. आज के पंचांग के मुख्य अंग (Main Components)
पंचांग के पाँच मूलभूत अंग माने गए हैं—तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। इनकी सही स्थिति निम्नलिखित है:
| पंचांग तत्व | विवरण एवं समय |
|---|---|
| दिनांक (Date) | 28 सितंबर 2026 (28 September 2026) |
| वार (Day) | सोमवार (Monday) |
| विक्रम संवत् | 2083 |
| शक संवत् | 1948 |
| मास (Month) | आश्विन (पूर्णिमान्त एवं अमान्त) |
| पक्ष (Paksha) | कृष्ण पक्ष (Krishna Paksha) |
| तिथि (Tithi) | द्वितीया तिथि – शाम 07:13 बजे तक (तत्पश्चात तृतीया प्रारंभ) |
| नक्षत्र (Nakshatra) | रेवती नक्षत्र – प्रातः 10:16 बजे तक (तत्पश्चात अश्विनी) |
| योग (Yoga) | ध्रुव योग – प्रातः 08:54 बजे तक (तत्पश्चात व्याघात) |
| करण (Karana) | तैतिल – प्रातः 08:15 बजे तक, तत्पश्चात गर |
| ऋतु (Season) | शरद ऋतु |
| अयन (Ayan) | दक्षिणायन |
2. सूर्य एवं चंद्रमा का समय (Sun & Moon Timings)
खगोलीय पिंडों की स्थिति दिन-रात के कालखंड को निर्धारित करती है। आज का सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय और चंद्रास्त समय नीचे तालिका में दिया गया है:
| घटना | समय (IST) |
|---|---|
| सूर्योदय (Sunrise) | प्रातः 06:12 बजे |
| सूर्यास्त (Sunset) | सायं 06:11 बजे |
| चंद्रोदय (Moonrise) | रात्रि 08:15 बजे |
| चंद्रास्त (Moonset) | प्रातः 09:30 बजे (अगले दिन) |
| सूर्य राशि | कन्या राशि |
| चंद्र राशि | मीन राशि (प्रातः 10:16 बजे तक, तत्पश्चात मेष) |
3. आज के शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)
शुभ मुहूर्त में किया गया कोई भी कार्य निर्विघ्न संपन्न होता है और उसके शुभ फल की प्राप्ति होती है। आज के प्रमुख शुभ मुहूर्त इस प्रकार हैं:
- अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:48 बजे से दोपहर 12:36 बजे तक
- ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 04:36 बजे से प्रातः 05:24 बजे तक
- विजय मुहूर्त: दोपहर 02:12 बजे से दोपहर 03:00 बजे तक
- गोधूलि मुहूर्त: सायं 06:11 बजे से सायं 06:35 बजे तक
- अमृत काल: प्रातः 07:45 बजे से प्रातः 09:15 बजे तक
4. आज के अशुभ समय व राहुकाल (Inauspicious Timings)
वैदिक परंपरा के अनुसार राहुकाल तथा अन्य अशुभ समयावधियों में नए कार्य प्रारंभ करने से बचना चाहिए।
विशेष ध्यान दें: आज राहुकाल के दौरान महत्वपूर्ण आर्थिक लेन-देन अथवा यात्रा की शुरुआत से परहेज करें।
| अशुभ काल | समय सीमा |
|---|---|
| राहुकाल (Rahu Kalam) | प्रातः 07:41 बजे से प्रातः 09:11 बजे तक |
| यमगण्ड (Yamaganda) | दोपहर 10:41 बजे से दोपहर 12:11 बजे तक |
| गुलिक काल (Gulika Kalam) | दोपहर 01:41 बजे से दोपहर 03:11 बजे तक |
| दुर्मुहूर्त (Dur Muhurtam) | दोपहर 12:36 बजे से दोपहर 01:24 बजे तक |
| वर्ज्यम (Varjyam) | सायं 04:20 बजे से सायं 05:50 बजे तक |
5. दिन व रात का चौघड़िया (Choghadiya Timing)
चौघड़िया चक्र का उपयोग यात्रा और तुरंत किए जाने वाले शुभ कार्यों का समय देखने के लिए किया जाता है:
दिन का चौघड़िया (Day Choghadiya)
| समय सीमा | चौघड़िया प्रकार | प्रकृति |
|---|---|---|
| 06:12 AM – 07:41 AM | अमृत | शुभ |
| 07:41 AM – 09:11 AM | काल (राहुकाल) | अशुभ |
| 09:11 AM – 10:41 AM | शुभ | उत्तम |
| 10:41 AM – 12:11 PM | रोग | अशुभ |
| 12:11 PM – 01:41 PM | उद्वेग | अशुभ |
| 01:41 PM – 03:11 PM | चर | सामान्य |
| 03:11 PM – 04:41 PM | लाभ | शुभ |
| 04:41 PM – 06:11 PM | अमृत | सर्वोत्तम |
6. आज का धार्मिक एवं पितृ पक्ष विशेष महत्व
आज आश्विन कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि है, जो पितृ पक्ष (श्राद्ध पक्ष) की द्वितीया श्राद्ध तिथि मानी जाती है। इस दिन पूर्वजों तथा पितरों के निमित्त तर्पण, पिंड दान तथा ब्राह्मण भोजन कराने का विशेष आध्यात्मिक विधान है ।
- द्वितीया श्राद्ध विधि: आज जिन पितरों की मृत्यु द्वितीया तिथि पर हुई हो, उनका श्राद्ध कुतुप अथवा रौहिण मुहूर्त में करें।
- सोमवार व्रत उपाय: आज के दिन भगवान शिव पर जलाभिषेक कर “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करने से मानसिक शांति प्राप्त होती है।
- दिशाशूल: आज सोमवार होने के कारण पूर्व दिशा में दिशाशूल रहेगा। यदि पूर्व दिशा में यात्रा आवश्यक हो तो दर्पण देखकर या दूध पीकर प्रस्थान करें।














