RSS प्रमुख मोहन भागवत ने शुक्रवार को कहा कि भारत में धर्म और राष्ट्र अलग नहीं हैं। राष्ट्र का उद्देश्य धर्म है और धर्म राष्ट्र को बनाए रखने में मदद करता है। धर्म संकट में आया तो देश खामियाजा भुगतेगा।
मोहन भागवत ने कहा, हमारा राष्ट्र और धर्म अलग नहीं हैं। राष्ट्र का उद्देश्य धर्म है और धर्म राष्ट्र को बनाए रखता है। दोनों एक-दूसरे पर निर्भर हैं। अगर एक मौजूद है, तो दूसरा भी मौजूद है। अगर एक नहीं है, तो दूसरा भी नहीं है।
भागवत ने मुंबई में ऑल इंडिया विहार सेवा ग्रुप के 14वें सम्मेलन को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि दुनिया विकास और पर्यावरण सुरक्षा, व्यक्तिगत स्वतंत्रता और पारिवारिक जीवन के बीच संतुलन खोज रही है।

















