दोषसिद्ध बंदियों को रिहा करने ’’उन्मुक्त’’ अभियान

दोषसिद्ध बंदियों को रिहा करने ’’उन्मुक्त’’ अभियान

प्रभा सिंह यादव/ब्यूरो चीफ/सरगुजा//  छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण राज्य बिलासपुर एवं जेल विभाग रायपुर के संयुक्त तत्वावधान में उन्मुक्त अभियान प्रारंभ किया गया है जिसके अंतर्गत उन दोषसिद्ध सजायाफता बंदियों को रिहा किया जाएगा जो राज्य शासन द्वारा बनाए गए नीति के अनुसार समयपूर्व रिहाई हेतु पात्र है।

ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_14_44 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_53_50 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_08_26 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_16_13 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_22_41 PM

 

यह अभियान उच्चत्तम न्यायालय के द्वारा पक्षकार सोनाधर विरूद्ध छत्तीसगढ़ राज्य में दिए गए निर्देष के आधार पर प्रारंभ किया गया है। छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य, सचिव  सिद्धार्थ अग्रवाल ने बताया है कि न्यायमूर्ति  प्रषांत कुमार मिश्रा कार्यपालक अध्यक्ष सालसा के द्वारा इस अभियान की बारिकी से निगरानी की जा रही है एवं इस बावत् राज्य के समस्त जिला विधिक प्राधिकरणों के जिला न्यायधीष को यह आदेष दिया गया है कि वे जेल प्रषासन की अवष्य मद्द करें।

66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-05-10 at 2.46.41 PM (1)
17a09f88-37fa-496a-8923-b0e0bac9f15d

 

यह अभियान 4 प्रमुख चरणों से गुजरेगा जिसमें प्रथम चरण के अंतर्गत पात्र दोषसिद्ध बंदियों की पहचान करते हुए उनकी ओर से आवेदन प्रस्तुत कराकर एवं आवष्यक दस्तावेज संकलित कर उन्हें रिहा किए जाने बावत् कार्यवाही की जाएगी एवं यदि किसी पात्र बंदी का आवेदन निरस्त किया जाता है तब राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के द्वारा ऐसे बंदियों की और विधिक सहायता उपलब्ध कराकर अपील की कार्यवाही सुनिष्चित की जाएगी।

 

इसके पूर्व कार्यपालक अध्यक्ष सालसा न्यायमूर्ति  प्रषांत कुमार मिश्रा के द्वारा रिट पिटीषन क्रमांक 78/2017 पक्षकार अमरनाथ विरूद्ध छत्तीसगढ़ राज्य के अंतर्गत जिला न्यायालयों में पदस्थ न्यायिक अधिकारियों को पूर्व से ही यह निर्देष जा चुकें है कि वह दोषसिद्ध बंदियों को धारा 432 (2) कें अंतर्गत रिहा किए जाने के संबंध में अपना अभिमत दिए जाने की कार्यवाही 3 माह के भीतर पूर्ण करेंगे।