दिवाली पर रोशनी देखने और खुशियां मनाने की उम्र में ऋतिक, सत्येंद्र और कार्तिक के सामने सवाल है कि क्या वे फिर कभी पहले की तरह देख पाएंगे?
पिछले साल दिवाली पर कार्बाइड गन चलाने से तीनों की जिंदगी बदल गई। किसी की एक आंख की रोशनी चली गई, तो किसी की आंख गंभीर रूप से प्रभावित हुई।
परिवारों ने इलाज पर लाखों रुपए खर्च किए, कर्ज लिया, लेकिन रोशनी वापस नहीं लौटी। किसी को चेन्नई में इलाज कराने की सलाह मिली है, तो किसी के पिता के पास भोपाल आने तक के पैसे नहीं हैं।
दूसरी ओर, इस दिवाली को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्बाइड गन-लैम्प पर रोक, अवैध पटाखे रोकने के निर्देश दिए हैं।













