सीमा विवाद पर कांग्रेस का केंद्र पर बड़ा हमला
ITBP महानिदेशक शत्रुजीत कपूर के बयान के बाद अरुणाचल प्रदेश में भारत-चीन मुठभेड़ पर राजनीति तेज
नई दिल्ली: भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर जारी तनाव को लेकर देश में एक बार फिर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे को छिपाने का गंभीर आरोप लगाया है। यह तीखा हमला इंडो-तिब्बत बॉर्डर पुलिस (ITBP) के महानिदेशक (DG) शत्रुजीत कपूर के उस बयान के बाद आया है, जिसमें उन्होंने अरुणाचल प्रदेश में चीनी सेना के साथ जारी झड़पों और आमने-सामने (Face-off) के हालातों की आधिकारिक पुष्टि की है।
“हमारे देश में एक 56 इंच का चीनी खिलौना है, जिसकी चाभी कई देशों के पास है। चीन को लेकर जो खबर आ रही है, उसे मोदी सरकार ने लगातार छिपाने की कोशिश की। लेकिन अब ITBP के DG शत्रुजीत कपूर ने कंफर्म किया है कि अरुणाचल प्रदेश में चीन की सेना के साथ हमारे सैनिकों की झड़प लगातार जारी है।”
— पवन खेड़ा, चेयरमैन (AICC मीडिया एवं पब्लिसिटी विभाग)
1. ITBP DG शत्रुजीत कपूर के बयान का पूरा विवरण
राजस्थान के अलवर स्थित सेंट्रल ट्रेनिंग कॉलेज (CTC) में आयोजित ‘हिमवीर सम्मान समारोह’ के दौरान आईटीबीपी के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने सीमा की स्थिति पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने आधिकारिक तौर पर स्वीकार किया कि अरुणाचल प्रदेश के कई संवेदनशील इलाकों में भारत और चीन के सैनिकों के बीच झड़पें और आमने-सामने के हालात बने हुए हैं ।
DG शत्रुजीत कपूर के वक्तव्य के मुख्य बिंदु:
- जारी है झड़प: “पिछले कुछ समय में अरुणाचल प्रदेश के कई स्थानों पर आमने-सामने (Face-off) की स्थिति पैदा हुई और यह प्रक्रिया अभी भी जारी है।”
- ‘शौर्य’ कमांडो की भूमिका: नवनिर्मित ‘शौर्य’ कमांडो दस्तों ने सीमा पर गतिरोध के दौरान बेहतरीन और अनुकरणीय प्रदर्शन किया है।
- माउंटेन गुरिल्ला फोर्स: ITBP की स्थापना एक पर्वतीय गुरिल्ला बल के रूप में हुई थी और सीमा सुरक्षा का काम इसे 2004 में सौंपा गया था। बल अपनी मूल विशेषज्ञता से पीछे नहीं हटेगा।
- भूमिगत शेल्टर का निर्माण: सीमा पर आधुनिक युद्ध तकनीकों को ध्यान में रखते हुए अगले तीन वर्षों में सभी बॉर्डर आउटपोस्ट्स पर 50% भूमिगत (Underground) शेल्टर बनाए जाएंगे।
2. पवन खेड़ा और कांग्रेस पार्टी का सरकार पर प्रहार
ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) के मीडिया एवं पब्लिसिटी विभाग के चेयरमैन पवन खेड़ा ने नई दिल्ली में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में केंद्र सरकार पर तीखे हमले बोले। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार लगातार देश से सच छिपाती आ रही है। जब सुरक्षा बलों के शीर्ष अधिकारी खुद इसकी पुष्टि कर रहे हैं, तब भी सरकार स्थिति की भयावहता को नकारने की कोशिश कर रही है ।
— पवन खेड़ा (AICC)
कांग्रेस पार्टी ने सरकार से निम्नलिखित सवाल पूछे हैं:
- जब ITBP के DG स्वयं स्वीकार कर रहे हैं कि अरुणाचल प्रदेश में आमने-सामने की स्थिति बनी हुई है, तो संसद और जनता से यह जानकारी क्यों छिपाई गई?
- क्या सरकार चीन के साथ जारी इस तनातनी पर संसद का विशेष सत्र बुलाकर देश को भरोसे में लेगी?
- चीन के साथ भारत के व्यापार घाटे को कम करने और आर्थिक निर्भरता घटाने के लिए सरकार क्या ठोस कदम उठा रही है?
3. अरुणाचल प्रदेश में ताज़ा ज़मीनी स्थिति (Asaphila & Taksing Sector)
सूत्रों और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अरुणाचल प्रदेश के अपर सुबनसिरी जिले के ताकसिंग (Taksing) सर्कल के पास असाफिला (Asaphila) क्षेत्र में भारत और चीन की सेनाओं के बीच कई हफ्तों से गतिरोध बना हुआ है। चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के सैनिकों ने भारतीय धारणा रेखा के पास टेंट गाड़े हैं, जिसके जवाब में भारतीय सेना और ITBP ने भी अपनी तैनाती कई गुना बढ़ा दी है ।
सीमा सुरक्षा विश्लेषकों का मानना है कि लद्दाख के बाद अब चीन पूर्वी सेक्टर (अरुणाचल प्रदेश) में दबाव बनाने की रणनीति पर काम कर रहा है। इसी खतरे को भांपते हुए ITBP अपनी लड़ाकू क्षमताओं को बढ़ा रही है ।
4. ITBP की रणनीतिक तैयारी और ‘शौर्य’ बटालियन
चीन की आक्रामक नीति का मुकाबला करने के लिए ITBP ने बुनियादी ढांचे और रणनीतिक बदलावों पर तेजी से काम शुरू किया है। ITBP प्रमुख ने स्पष्ट किया कि अत्यधिक ऊंचाई वाले इलाकों में चीनी रणनीति का माकूल जवाब देने के लिए बल विशेष कदम उठा रहा है ।
शौर्य कमांडो बटालियन का गठन
उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में गुरिल्ला युद्ध और त्वरित कार्रवाई के लिए एक पूरी ‘शौर्य बटालियन’ तैयार की जा रही है ।
आधुनिक भूमिगत बंकर
सीमा पर स्थित ओवरग्राउंड ठिकानों को हवाई और तोपखाने के हमलों से बचाने के लिए अंडरग्राउंड शेल्टर बनाए जा रहे हैं।
ड्रोन व आधुनिक निगरानी प्रणाली
अरुणाचल और लद्दाख सीमा पर 24 घंटे निगरानी के लिए नए ड्रोन और सर्विलांस सिस्टम तैनात किए जा रहे हैं ।
5. राजनीतिक प्रभाव और भावी रणनीति
कांग्रेस पार्टी द्वारा इस मुद्दे को उठाने के बाद देश का राजनीतिक पारा चढ़ गया है। विपक्षी दलों का कहना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए, लेकिन पारदर्शिता आवश्यक है। संसद के आगामी सत्र में इस मुद्दे के काफी गरमाने के आसार हैं ।
दूसरी ओर, रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ITBP के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर द्वारा सच सामने रखना भारतीय सुरक्षा तंत्र के आत्मविश्वास को दर्शाता है। भारत अब न केवल ज़मीन पर सैन्य रूप से मजबूती से खड़ा है, बल्कि बुनियादी ढाँचे (Roads, Tunnels, Underground Shelters) के निर्माण में भी अभूतपूर्व गति से काम कर रहा है ।















