डी.के. सोनी को मिला ‘भारत गौरव प्रतिभा रत्न सम्मान 2026’
| कार्यक्रम एवं सम्मान का संक्षिप्त विवरण | |
|---|---|
| सम्मानित व्यक्तित्व | अधिवक्ता एवं प्रसिद्ध आरटीआई कार्यकर्ता डी.के. सोनी (अंबिकापुर, छत्तीसगढ़) |
| सम्मान का नाम | भारत गौरव प्रतिभा रत्न सम्मान 2026 |
| मुख्य अतिथि | श्री तीरथ सिंह रावत (पूर्व मुख्यमंत्री, उत्तराखंड व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, बीजेपी) |
| कार्यक्रम अध्यक्ष | श्री तनवीर जफर अली (सेवानिवृत्त वरिष्ठ आईएएस अधिकारी) |
| आयोजन स्थल | पांच सितारा होटल रेडिसन ब्लू, नई दिल्ली |
| विशेष अतिथिगण | डॉ. स्वर्णलता पांचाल (रिसर्च साइंटिस्ट, एम्स दिल्ली), मुकेश कुमार त्रिपाठी (अधिवक्ता, सुप्रीम कोर्ट) |
| सम्मान का क्षेत्र | जनहित, आरटीआई, विधिक सहायता एवं सामाजिक सरोकार |
नई दिल्ली/अंबिकापुर: जनहित, कानून के शासन की स्थापना, पारदर्शी प्रशासनिक व्यवस्था और आम नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर संघर्षरत रहने वाले छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध अधिवक्ता एवं सूचना के अधिकार (RTI) कार्यकर्ता डी.के. सोनी को राष्ट्रीय स्तर पर एक ऐतिहासिक पहचान मिली है। राजधानी नई दिल्ली स्थित प्रतिष्ठित पांच सितारा होटल रेडिसन ब्लू में आयोजित भव्य समारोह में उन्हें ‘भारत गौरव प्रतिभा रत्न सम्मान 2026’ से अलंकृत किया गया।
यह भव्य गरिमामय आयोजन इंटरनेशनल अवॉर्ड काउंसिल (International Award Council) द्वारा रविवार, 4 अक्टूबर 2026 को आयोजित किया गया था। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री तथा भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री तीरथ सिंह रावत ने अपने करकमलों से अधिवक्ता डी.के. सोनी को यह प्रतिष्ठित ट्रॉफी, प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। इस दौरान सभागार में देश के विभिन्न राज्यों से आए गणमान्य नागरिक, समाजशास्त्री, वैज्ञानिक, न्यायविद और नीति-निर्धारक उपस्थित थे।
सम्मान का मुख्य उद्देश्य
‘भारत गौरव प्रतिभा रत्न सम्मान’ का मूल ध्येय देश के उन निस्वार्थ साधकों और कर्मयोगियों की खोज कर उन्हें राष्ट्रीय पहचान दिलाना है, जिन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, कानून, समाजसेवा, कला, नारी सशक्तिकरण एवं प्रशासनिक पारदर्शिता के क्षेत्र में असाधारण योगदान दिया है। डी.के. सोनी को मिला यह सम्मान उनके वर्षों के विधिक संघर्ष और भ्रष्टाचार विरोधी अभियानों का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
इंटरनेशनल अवॉर्ड काउंसिल द्वारा आयोजित ‘भारत गौरव प्रतिभा रत्न अवॉर्ड 2026’ का यह आयोजन केवल एक पुरस्कार वितरण समारोह नहीं था, बल्कि यह पूरे भारतवर्ष की विविधता, प्रतिभा और सामाजिक निष्ठा का एक जीवंत प्रतीक बन गया। देश के उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम तक के 20 से अधिक राज्यों से आई विभूतियों ने इस कार्यक्रम में शिरकत की।
समारोह के दौरान शिक्षा, चिकित्सा, जन-स्वास्थ्य, समाजसेवा, कला और संस्कृति, इलेक्ट्रॉनिक व प्रिंट मीडिया, नारी सशक्तिकरण, कानूनी साक्षरता और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले दिग्गजों को मंच पर सम्मानित किया गया। आयोजकों ने स्पष्ट किया कि इस पुरस्कार का उद्देश्य उन चेहरों को सामने लाना है जो मीडिया की सुर्खियों से दूर रहकर भी धरातल पर बदलाव की इबारत लिख रहे हैं। ऐसे साधकों को सम्मानित करने से न केवल उनका मनोबल बढ़ता है, बल्कि समाज के अन्य युवाओं को भी राष्ट्र निर्माण की दिशा में कार्य करने की प्रेरणा मिलती है।
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पधारे उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री तीरथ सिंह रावत ने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ किया। सम्मानित प्रतिभाओं को बधाई देते हुए उन्होंने अपने विचार साझा किए।
“देशभर के विभिन्न क्षेत्रों में निस्वार्थ भाव से उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों को एक मंच पर लाकर सम्मानित करना एक अत्यंत सराहनीय और प्रेरणादायक पहल है। जब किसी दूरस्थ अंचल में बैठा व्यक्ति समाज सुधार या जनहित का कार्य करता है और उसे देश की राजधानी में राष्ट्रीय पहचान मिलती है, तो यह संपूर्ण राष्ट्र के सामर्थ्य को दर्शाता है। ऐसे आयोजन युवाओं को निराशा से निकालकर आशा, लक्ष्य-प्राप्ति और राष्ट्र निर्माण की नई ऊर्जा से भर देते हैं।”
— तीरथ सिंह रावत, पूर्व मुख्यमंत्री (उत्तराखंड) व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष (बीजेपी)
श्री रावत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय कार्यक्रम ‘मन की बात’ का उल्लेख करते हुए कहा कि जिस प्रकार प्रधानमंत्री देश के अनसुलझे और कर्मठ नायकों के कार्यों को रेखांकित कर देशवासियों को प्रेरित करते हैं, ठीक उसी भावना के अनुरूप इंटरनेशनल अवॉर्ड काउंसिल का यह प्रयास है। उन्होंने उपस्थित सभी सम्मानित हस्तियों से आह्वान किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में और अधिक ऊर्जा के साथ जुटे रहें ताकि भारत को विश्वगुरु बनाने का सपना साकार हो सके।
अधिवक्ता एवं आरटीआई कार्यकर्ता डी.के. सोनी का चयन इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए किया जाना उनके वर्षों के कठिन परिश्रम और सामाजिक प्रतिबद्धता का प्रतिफल है। छत्तीसगढ़ के सरगुजा अंचल (अंबिकापुर) में कार्यरत डी.के. सोनी ने हमेशा कानून को आम जनता के अधिकार रक्षा का साधन बनाया है।
सूचना के अधिकार (RTI) का सशक्त उपयोग
पारदर्शिता और जवाबदेही किसी भी लोकतंत्र की रीढ़ होती हैं। डी.के. सोनी ने सूचना के अधिकार अधिनियम (Right to Information Act) को एक धारदार हथियार की तरह इस्तेमाल किया है। सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार उजागर करना हो, प्रशासनिक अनियमितताओं को सामने लाना हो, या जनसुविधाओं की बदहाली पर शासन का ध्यान आकर्षित करना हो—डी.के. सोनी की आरटीआई याचिकाओं ने कई बार शासन-प्रशासन की नींद उड़ाई है और सुधार के रास्ते खोले हैं।
निःशुल्क कानूनी सहायता और जनहित याचिकाएं
अदालती प्रक्रियाओं में आम और गरीब नागरिकों को न्याय दिलाना हमेशा से उनकी प्राथमिकता रही है। डी.के. सोनी ने न केवल व्यक्तिगत मामलों में बल्कि कई महत्वपूर्ण जनहित याचिकाओं (PILs) के माध्यम से आम जनता के बुनियादी अधिकारों—जैसे स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, और स्वच्छ वातावरण—के लिए विधिक लड़ाई लड़ी है।
समारोह के दौरान जब डी.के. सोनी का नाम मंच से पुकारा गया और उनके सामाजिक व कानूनी अवदानों का वाचन किया गया, तो पूरे सभागार ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका स्वागत किया। राष्ट्रीय मंच पर यह सम्मान मिलने से सरगुजा संभाग और पूरे छत्तीसगढ़ में हर्ष की लहर दौड़ गई है।
डी.के. सोनी के योगदान के मुख्य पहलू:
- भ्रष्टाचार के विरुद्ध लड़ाई: आरटीआई के माध्यम से विभिन्न विभागों में पारदर्शिता सुनिश्चित करना।
- जनहित मुद्दों का उठाव: अंबिकापुर एवं आसपास के क्षेत्रों में जनसुविधाओं और नागरिक अधिकारों के लिए सतत संघर्ष।
- विधिक साक्षरता: आम ग्रामीण व गरीब वर्ग को उनके संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक करना।
- पारदर्शी शासन की मांग: प्रशासनिक जवाबदेही तय करने के लिए कानूनी तंत्र का सकारात्मक उपयोग।
कार्यक्रम में देश की कई अग्रणी हस्तियां विशिष्ट अतिथि एवं पीठ के सदस्य के रूप में उपस्थित थीं। सभी ने समाज निर्माण में प्रतिभाओं के सम्मान के महत्व पर प्रकाश डाला।
तनवीर जफर अली (सेवानिवृत्त वरिष्ठ आईएएस अधिकारी) का अध्यक्षीय भाषण
समारोह की अध्यक्षता कर रहे पूर्व वरिष्ठ आईएएस अधिकारी तनवीर जफर अली ने कहा कि किसी भी राष्ट्र की वास्तविक संपत्ति उसके नागरिक और उनकी प्रतिभा होती है। उन्होंने कहा:
“विभिन्न राज्यों, भाषाओं, संस्कृतियों और भौगोलिक पृष्ठभूमि के प्रतिभाशाली लोगों को एक छत के नीचे सम्मानित करना सामाजिक समरसता को मजबूत करता है। यह आयोजन यह संदेश देता है कि यदि आपके कार्य में ईमानदारी और समर्पण है, तो आपकी आवाज और आपके कार्य की गूंज देश की राजधानी तक निश्चित रूप से पहुंचेगी।”
डॉ. स्वर्णलता पांचाल (रिसर्च साइंटिस्ट, एम्स नई दिल्ली) का मंतव्य
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), नई दिल्ली की वरिष्ठ शोध वैज्ञानिक डॉ. स्वर्णलता पांचाल ने प्रतिभा सम्मान की मनोवैज्ञानिक और सामाजिक आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा:
“प्रत्येक प्रतिभा और समर्पित कार्यकर्ता सम्मान का हकदार होता है। जब किसी व्यक्ति के वर्षों के त्याग, शोध या सामाजिक संघर्ष को किसी सार्वजनिक और राष्ट्रीय मंच पर स्वीकार किया जाता है, तो उससे न केवल उस व्यक्ति का आत्मबल बढ़ता है, बल्कि वह भविष्य में दोगुनी ऊर्जा के साथ समाज सेवा के लिए तत्पर होता है।”
उच्चतम न्यायालय के अधिवक्ता मुकेश कुमार त्रिपाठी ने आयोजन की व्यवस्थाओं की मुक्तकंठ से सराहना की और विधिक क्षेत्र में डी.के. सोनी के योगदान को विशेष रूप से रेखांकित किया। उन्होंने कहा:
“प्रतिभाओं को सही समय पर पहचानना और सम्मानित करना राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक अपरिहार्य कदम है। कानूनी पेशे में रहते हुए जनहित और आरटीआई के माध्यम से समाज की सेवा करना एक कठिन मार्ग है। डी.के. सोनी जैसे सजग प्रहरी समाज में न्याय और कानून के प्रति आम जन का विश्वास बहाल करते हैं।”
रेडिसन ब्लू के भव्य सभागार में जब एक-एक कर विभिन्न क्षेत्रों की महानुभावों को मंच पर आमंत्रित किया गया, तो वातावरण अत्यंत उत्साहजनक और गरिमामय हो गया। मंच पर जब अतिथियों ने डी.के. सोनी को सम्मानित किया, तो सभागार लंबे समय तक तालियों की गड़गड़ाहट से गूंजता रहा।
सम्मान प्राप्त करने के बाद अपने उद्बोधन में सम्मानित हस्तियों और डी.के. सोनी ने इस उपलब्धि को अपने जीवन का अत्यंत गौरवपूर्ण क्षण करार दिया। उन्होंने कहा कि यह पुरस्कार केवल एक व्यक्ति का सम्मान नहीं है, बल्कि उन सभी आम नागरिकों, पीड़ितों और शोषितों की उम्मीदों का सम्मान है, जिनके अधिकारों के लिए वे प्रतिदिन संघर्ष करते हैं। इस प्रकार के राष्ट्रीय सम्मान भविष्य में और अधिक निष्ठा, पारदर्शिता और निस्वार्थ भाव से कार्य करने की जिम्मेदारी और प्रेरणा देते हैं।
इंटरनेशनल अवॉर्ड काउंसिल (International Award Council) विगत कई वर्षों से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभा खोज और सम्मान समारोहों का सफलतापूर्वक आयोजन करती आ रही है। संस्था का मुख्य उद्देश्य उन व्यक्तियों और संस्थाओं को वैश्विक मंच प्रदान करना है, जिन्होंने अपने असाधारण प्रयासों से समाज में सकारात्मक बदलाव लाया है।
‘भारत गौरव प्रतिभा रत्न सम्मान 2026’ के माध्यम से काउंसिल ने एक बार फिर सिद्ध किया है कि प्रतिभा किसी एक क्षेत्र या बड़े महानगर तक सीमित नहीं होती। छोटे शहरों, कस्बों और सुदूर अंचलों में बैठकर जनसेवा करने वाले लोग भी राष्ट्र के असली नायक हैं। काउंसिल का मानना है कि इस तरह के सम्मान समारोहों से समाज में सकारात्मक प्रतिस्पर्धा बढ़ती है और लोग सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति अधिक जागरूक होते हैं।
अधिवक्ता एवं आरटीआई कार्यकर्ता डी.के. सोनी को मिला ‘भारत गौरव प्रतिभा रत्न सम्मान 2026’ केवल उनके व्यक्तिगत जीवन की एक बड़ी उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह पूरे छत्तीसगढ़ राज्य और विशेष रूप से सरगुजा अंचल के लिए एक अत्यंत गर्व का विषय है। यह सम्मान इस बात का सशक्त प्रमाण है कि ईमानदारी, समर्पण और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ किए गए कार्यों को देर से ही सही, लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर उचित पहचान और सम्मान अवश्य मिलता है।
इस आयोजन ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए जनहित के मुद्दों पर आवाज उठाने वाले, सूचना का अधिकार प्रयोग करने वाले और कानूनी प्रक्रियाओं से जनता को राहत दिलाने वाले प्रहरियों का मनोबल बढ़ाना अति आवश्यक है। डी.के. सोनी की यह सफलता निस्संदेह युवा पीढ़ी और सामाजिक कार्यकर्ताओं को निस्वार्थ भाव से समाज और राष्ट्र निर्माण के कार्यों में जुड़ने के लिए प्रेरित करती रहेगी।















