आज का पंचांग: 24 अक्टूबर 2026, शनिवार (आश्विन शुक्ल पक्ष त्रयोदशी)
विशेष दैनिक पंचांग एवं ज्योतिषीय विश्लेषण: भारतीय सनातन परंपरा में वैदिक पंचांग का विशेष महत्व है। पंचांग के माध्यम से हम तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण—इन पांच प्रमुख अंगों का अध्ययन करके अपने दैनिक कार्यों, धार्मिक अनुष्ठानों और शुभ संस्कारों का सटीक समय निर्धारित करते हैं। आज 24 अक्टूबर 2026, दिन शनिवार है। विक्रम संवत 2083 के आश्विन मास की शुक्ल पक्ष त्रयोदशी तिथि आज दोपहर तक व्याप्त रहेगी, तत्पश्चात चतुर्दशी तिथि का आगमन होगा। शनिवार का दिन न्याय के देवता भगवान शनिदेव और संकटमोचन हनुमान जी की साधना के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है।
आज के मुख्य आकर्षण व पंचांग सार:
- तिथि: शुक्ल पक्ष त्रयोदशी (दोपहर 01:36/01:39 PM तक), तत्पश्चात शुक्ल चतुर्दशी
- विक्रम संवत: 2083 (रौद्र संवत्सर)
- नक्षत्र: उत्तर भाद्रपद (रात्रि 08:32 PM तक), तत्पश्चात रेवती नक्षत्र
- योग: व्याघात योग (रात्रि 08:00 PM तक), तत्पश्चात हर्षण योग
- चंद्र राशि: मीन राशि में संचरण
- सूर्य राशि: तुला राशि में संचरण
- शुभ मुहूर्त: अभिजित मुहूर्त दोपहर 11:42 AM से 12:27 PM तक
- राहुकाल: प्रातः 08:55 AM से 10:21 AM (स्थान भेद अनुसार)
1. पंचांग के पांच मुख्य अंग (Panchang Elements)
वैदिक ज्योतिष के अनुसार पंचांग शब्द ‘पंच’ और ‘अंग’ से मिलकर बना है। किसी भी शुभ या मांगलिक कार्य के संपादन हेतु इन पांचों तत्त्वों की स्थिति का सूक्ष्म विश्लेषण अनिवार्य होता है।
| पंचांग अंग | आज की स्थिति (24 अक्टूबर 2026) | ज्योतिषीय महत्व व विवरण |
|---|---|---|
| तिथि (Tithi) | शुक्ल पक्ष त्रयोदशी (दोपहर 01:36 PM तक) तत्पश्चात शुक्ल चतुर्दशी |
त्रयोदशी तिथि जयप्रदा श्रेणी में आती है, जो विजय और सिद्धि प्रदायक मानी जाती है। दोपहर बाद चतुर्दशी प्रारंभ होगी। |
| वार (Day) | शनिवार (Saturday) | शनिदेव एवं हनुमान जी का दिन। न्याय, अनुशासन, तकनीकी कार्य और भूमि संबंधी कार्यों के लिए उपयुक्त। |
| नक्षत्र (Nakshatra) | उत्तर भाद्रपद (रात्रि 08:32 PM तक) तत्पश्चात रेवती |
उत्तर भाद्रपद स्थिर नक्षत्रों में गिना जाता है। यह स्थायी निर्माण, निवेश व शांत स्वभाव के कार्यों के लिए श्रेष्ठ है। |
| योग (Yoga) | व्याघात योग (रात्रि 08:00 PM तक) तत्पश्चात हर्षण योग |
व्याघात योग अशुभ श्रेणी में आता है, जिसमें नवीन या जोखिम भरे कार्यों से बचना चाहिए। हर्षण योग आनंददायक है। |
| करण (Karana) | तैतिल करण (दोपहर 01:36 PM तक) तत्पश्चात गर करण |
तैतिल चर करण है जो दैनिक व सामाजिक कार्यों के लिए शुभ फलदायी माना गया है। |
2. सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्र गणना (Sun & Moon Timings)
अक्षांश एवं देशांतर के अनुसार सूर्योदय और सूर्यास्त के समय में आंशिक अंतर संभव है। छत्तीसगढ़ के क्षेत्रीय समय (अंबिकापुर/रायपुर) व मानक भारतीय समयानुसार मुख्य गणनाएँ निम्नलिखित हैं:
| घटना / ग्रह | समय / स्थिति | विशेष विवरण |
|---|---|---|
| सूर्योदय (Sunrise) | प्रातः 06:02 AM – 06:27 AM | स्थान के अनुसार प्रातःकालीन सूर्य उपासना हेतु समय। |
| सूर्यास्त (Sunset) | सायंकाल 05:32 PM – 05:42 PM | सायंकालीन संध्या व आरती का उपयुक्त समय। |
| चंद्रोदय (Moonrise) | दोपहर 03:45 PM के उपरांत | शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी का चंद्रमा अपराह्न में उदित होता है। |
| सूर्य राशि (Sun Sign) | तुला राशि (Libra) | सूर्य देव नीच राशि तुला में स्वाति/विशाखा नक्षत्र में विद्यमान हैं। |
| चंद्र राशि (Moon Sign) | मीन राशि (Pisces) | चंद्रमा पूरे दिन-रात बृहस्पति की जलतत्त्व राशि मीन में संचार करेंगे। |
| ऋतु व अयन (Season) | शरद ऋतु | दक्षिणायन | प्राकृतिक रूप से स्वास्थ्य संवर्धन एवं साधना का उत्तम काल। |
3. शुभ एवं अशुभ मुहूर्त (Shubh & Ashubh Timings)
किसी भी नए कार्य की शुरुआत, यात्रा, व्यापारिक लेन-देन या महत्वपूर्ण दस्तावेजों पर हस्ताक्षर के लिए शुभ मुहूर्त का चयन अत्यंत लाभकारी होता है। वहीं राहुकाल व वर्ज्यम् जैसे अशुभ समय में नए कार्यों से बचना चाहिए।
आज के शुभ मुहूर्त (Positive Muhurat)
| शुभ काल | समय अवधि | उपयोगिता |
|---|---|---|
| ब्रह्म मुहूर्त | प्रातः 04:26 AM से 05:14 AM तक | योग, ध्यान, ईश्वर भक्ति व अध्ययन हेतु सर्वोत्तम काल। |
| अभिजित मुहूर्त | दोपहर 11:24 AM से 12:10 PM तक | दिन का सबसे शक्तिशाली शुभ समय। इसमें सभी कार्य सिद्ध होते हैं। |
| अमृत काल | अपराह्न 03:49 PM से 05:23 PM तक | सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह, मांगलिक कार्य हेतु श्रेष्ठ। |
| विजय मुहूर्त | दोपहर 01:45 PM से 02:30 PM तक | शत्रु विजय, वाद-विवाद व कानूनी कार्यों हेतु शुभ। |
आज के अशुभ काल (Ashubh Samay – सावधान रहें)
| अशुभ काल | समय अवधि | सावधानी |
|---|---|---|
| राहुकाल (Rahu Kalam) | प्रातः 08:55 AM से 10:21 AM तक | इस अवधि में कोई भी नया कार्य, अनुबंध या यात्रा न करें। |
| यमगण्ड (Yamaganda) | दोपहर 01:13 PM से 02:40 PM तक | आर्थिक लेन-देन और जोखिम भरे फैसलों से बचें। |
| गुलिक काल (Gulika Kaal) | प्रातः 06:02 AM से 07:28 AM तक | अस्थिरता उत्पन्न करने वाला समय, नया निर्माण कार्य न रोकें/शुरू न करें। |
| दिशा शूल (Disha Shool) | पूर्व दिशा (East) | पूर्व दिशा में अनावश्यक यात्रा से बचें। यदि आवश्यक हो तो अदरक या तिल खाकर प्रस्थान करें। |
4. आज का दिन एवं रात्रि चौघड़िया (Choghadiya Muhurat)
चौघड़िया चक्र का उपयोग यात्रा, व्यापार और तात्कालिक शुभ समय का चयन करने के लिए किया जाता है। शनिवार का दिन होने के कारण काल और रोग चौघड़िया पर विशेष ध्यान दें।
दिन का चौघड़िया (Day Choghadiya)
| चौघड़िया का प्रकार | समय अवधि | प्रकृति व फल |
|---|---|---|
| काल (Kaal) | 06:02 AM – 07:28 AM | अशुभ (शनि का प्रभाव) |
| शुभ (Shubh) | 07:28 AM – 08:55 AM | उत्तम (धार्मिक व मांगलिक कार्य) |
| रोग (Rog) | 08:55 AM – 10:21 AM | अशुभ (स्वास्थ्य हानि से बचें) |
| उद्वेग (Udveg) | 10:21 AM – 11:47 AM | अशुभ (मानसिक तनाव संभव) |
| चर (Char) | 11:47 AM – 01:13 PM | सामान्य (यात्रा हेतु उपयुक्त) |
| लाभ (Labh) | 01:13 PM – 02:40 PM | शुभ (व्यापारिक व वित्तीय लाभ) |
| अमृत (Amrit) | 02:40 PM – 04:06 PM | सर्वोत्तम (सभी कार्यों के लिए सर्वश्रेष्ठ) |
| काल (Kaal) | 04:06 PM – 05:32 PM | अशुभ (नया कार्य आरंभ न करें) |
रात्रि का चौघड़िया (Night Choghadiya)
| चौघड़िया का प्रकार | समय अवधि | प्रकृति व फल |
|---|---|---|
| लाभ (Labh) | 05:32 PM – 07:06 PM | शुभ |
| उद्वेग (Udveg) | 07:06 PM – 08:40 PM | अशुभ |
| शुभ (Shubh) | 08:40 PM – 10:13 PM | उत्तम |
| अमृत (Amrit) | 10:13 PM – 11:47 PM | सर्वोत्तम |
| चर (Char) | 11:47 PM – 01:21 AM | सामान्य |
5. धार्मिक महत्व एवं शनिवार के विशेष उपाय (Religious Significance & Remedies)
आश्विन शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी का दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत पवित्र माना जाता है। आज का दिन प्रदोष व्रत और शनि-साधना का अद्भुत संयोग लेकर आया है। जिन जातकों की कुंडली में शनि ढैय्या, साढ़ेसाती या शनि दोष चल रहा है, उनके लिए आज के उपाय संजीवनी के समान फलदायी साबित होंगे।
शनिवार के अचूक एवं सरल उपाय:
- पीपल वृक्ष पूजा: आज सूर्यास्त के पश्चात पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं और 11 बार परिक्रमा करें। इसमें थोड़ा सा काला तिल डालना विशेष फलदायी होता है।
- हनुमान जी की आराधना: शनिवार को हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करने से शनिजन्य कष्टों से मुक्ति मिलती है। हनुमान जी को चमेली के तेल में सिंदूर मिलाकर अर्पित करें।
- शनि मंत्र जप: “ॐ शं शनैश्चराय नमः” अथवा “ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः” का 108 बार रुद्राक्ष की माला से जाप करें।
- दान-पुण्य: आज के दिन काले तिल, उड़द की दाल, काला कपड़ा, लोहे के बर्तन या जूते-चप्पल का किसी जरूरतमंद को दान करने से सभी बिगड़े काम बनने लगते हैं।
6. आज का दैनिक राशिफल व उपाय (Daily Horoscope – 24 Oct 2026)
चंद्रमा आज पूरे दिन मीन राशि में भ्रमण करेंगे। सभी 12 राशियों के लिए आज का दिन कैसा रहेगा, संक्षेप में जानें:
| राशि | आज का राशिफल प्रभाव | सरल ज्योतिषीय उपाय |
|---|---|---|
| मेष (Aries) | अनावश्यक खर्चों में वृद्धि हो सकती है। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। | हनुमान जी को गुड़ अर्पित करें। |
| वृषभ (Taurus) | आर्थिक लाभ के नए मार्ग खुलेंगे। मित्रों का भरपूर सहयोग मिलेगा। | शनि मंदिर में सरसों तेल दान करें। |
| मिथुन (Gemini) | कार्यक्षेत्र में पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि। अधिकारी वर्ग प्रसन्न रहेगा। | पक्षियों को दाना डालें। |
| कर्क (Cancer) | भाग्य का साथ मिलेगा। धार्मिक यात्रा की योजना बन सकती है। | शिवलिंग पर कच्चा दूध अर्पित करें। |
| सिंह (Leo) | वाहन सावधानी से चलाएं। अज्ञात भय या तनाव रह सकता है। | सूर्य देव को अर्घ्य दें। |
| कन्या (Virgo) | दाम्पत्य जीवन में मधुरता रहेगी। व्यापारिक साझीदारी में लाभ होगा। | गणेश जी को दूर्वा चढ़ाएं। |
| तुला (Libra) | प्रतिस्पर्धियों पर विजय मिलेगी। स्वास्थ्य में सुधार संभव है। | किसी निर्धन को भोजन कराएं। |
| वृश्चिक (Scorpio) | विद्यार्थियों के लिए उत्तम दिन। संतान पक्ष से शुभ समाचार मिलेगा। | सुंदरकांड का पाठ करें। |
| धनु (Sagittarius) | पारिवारिक सुख में वृद्धि होगी। भूमि-भवन के योग बन रहे हैं। | चना दाल का दान करें। |
| मकर (Capricorn) | साहस व पराक्रम में वृद्धि होगी। छोटी दूरी की यात्रा लाभदायक रहेगी। | शनि चालीसा का पाठ करें। |
| कुंभ (Aquarius) | धन संचय में सफलता मिलेगी। वाणी पर संयम बनाए रखें। | काले उड़द का दान करें। |
| मीन (Pisces) | चंद्रमा आपकी राशि में है। मानसिक शांति व आत्मविश्वास बना रहेगा। | माता-पिता के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लें। |













