“कांग्रेस अध्यक्ष के बयान में अपशब्द जैसा क्या है?”: भूपेश बघेल ने मल्लिकार्जुन खरगे के विवादित बयान का किया बचाव, बीजेपी पर बोला तीखा हमला
भारतीय राजनीति में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के एक बयान को लेकर घमासान थमता नजर नहीं आ रहा है। पटना में दिए गए खरगे के एक विवादित बयान के बाद सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने आक्रामक रुख अपनाते हुए कांग्रेस पार्टी और उसके नेतृत्व पर तीखा हमला बोला है। इस पूरे राजनीतिक घटनाक्रम के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल खुलकर खरगे के समर्थन में उतर आए हैं। बघेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए बीजेपी के विरोध को दोहरे मापदंड करार दिया है।
“कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे जी के बयान में अपशब्द जैसी बात क्या है? उनसे इस भाषा का प्रयोग करवाया गया, बुलवाया गया… यह तो बस बोलने का एक तरीका है। इसकी शुरुआत तो आप लोगों ने ही की थी। कभी आप ’50 करोड़ की गर्लफ्रेंड’ की बात करते हैं, कभी ‘जर्सी गाय’ का जिक्र करते हैं, तो कभी ‘मंगलसूत्र छीन लेने’ की बात करते हैं। ये सब बातें आप ही तो कहते हैं। भारत के इतिहास में आज तक किसी प्रधानमंत्री ने ऐसी भाषा का इस्तेमाल नहीं किया है, जब वे ऐसी बातें कहते हैं, तब भाजपा के लोग चुप क्यों रहते हैं?”
विवाद की जड़: पटना में मल्लिकार्जुन खरगे का बयान
यह पूरा विवाद बिहार की राजधानी पटना में आयोजित श्री कृष्ण सिंह की 139वीं जयंती समारोह के दौरान सामने आया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जब कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे बोल रहे थे, तभी भीड़ में से किसी व्यक्ति ने व्यवधान डालते हुए टिप्पणी की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहीं नहीं जाने वाले हैं। इस पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए खरगे ने मंच से कहा था— “मोदी का बाप भी जाएगा।”
खरगे के इस बयान के सामने आते ही राजनीतिक गलियारों में भूचाल आ गया। बीजेपी ने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता का अपमान करार दिया और इसे शालीनता की सभी सीमाओं को लांघने वाला बयान बताया।
बीजेपी का आक्रामक रुख और चौतरफा हमला
भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने इस बयान को लेकर कांग्रेस पार्टी और मल्लिकार्जुन खरगे पर तीखा पलटवार किया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने कड़े शब्दों में इसकी निंदा की है।
- अमित शाह का वार: केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष ने राजनीतिक मर्यादाओं की सभी सीमाओं को तार-तार कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार चुनावी हार और वैचारिक शून्यता के कारण कांग्रेस पार्टी और उसके नेता व्यक्तिगत हमलों पर उतर आए हैं।
- राजनाथ सिंह की प्रतिक्रिया: रक्षा मंत्री ने इसे भारतीय राजनीति की गरिमा पर सीधा हमला बताया और कहा कि कांग्रेस वैचारिक और नैतिक रूप से दिवालिया हो चुकी है।
- योगी आदित्यनाथ का बयान: उत्तर प्रदेश के सीएम ने इसे 145 करोड़ भारतीयों की भावनाओं का अपमान बताते हुए देश से माफी की मांग की।
भूपेश बघेल का बचाव: “यह केवल बोलने का एक तरीका है”
बीजेपी के तीखे हमलों के बीच कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट और बयानों के जरिए जोरदार पलटवार किया है। बघेल ने सवाल किया कि खरगे के इस बयान में आखिर अपशब्द जैसा क्या है? उन्होंने तर्क दिया कि जब भाषण के दौरान कोई शख्स टोक रहा था, तब यह केवल सहज रूप से निकलने वाली प्रतिक्रिया और बोलने का एक स्थानीय व सामान्य तरीका था।
राजनीतिक बहस और दोहरे मापदंड का मुद्दा
भूपेश बघेल के अलावा पवन खेड़ा और अभिषेक मनु सिंघवी सहित कई अन्य कांग्रेस नेताओं ने भी बीजेपी पर ‘चयनात्मक नाराजगी’ (Selective Indignation) का आरोप लगाया है। कांग्रेस का कहना है कि सत्ता पक्ष खुद अपनी चुनावी रैलियों में विपक्षी नेताओं के खिलाफ अमर्यादित और तीखी शब्दावली का उपयोग करता है, लेकिन जब विपक्ष की ओर से तीखी प्रतिक्रिया आती है, तो उसे बड़ा मुद्दा बना दिया जाता है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में चुनावी राज्यों और राष्ट्रीय स्तर पर यह बयानबाजी और तेज होने वाली है। बीजेपी जहां इसे प्रधानमंत्री के परिवार और दिवंगत पिता के अपमान के रूप में जनता के बीच ले जा रही है, वहीं कांग्रेस इसे बीजेपी के पुराने बयानों और दोहरे मापदंडों की आड़ में काउंटर करने की रणनीति पर काम कर रही है।











