‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ अभियान: भूपेश बघेल का असम दौरा, राजीव भवन गुवाहाटी से रणनीति तैयार; 1 नवंबर को दिल्ली में INDIA गठबंधन का शक्ति प्रदर्शन
“अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी द्वारा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ अभियान देशभर में चल रहा है। इस अभियान के तहत कांग्रेस नेता एवं कार्यकर्ता गांव, ब्लॉक और बूथ स्तर तक जाकर जनता को वोट चोरी के प्रति जागरूक कर रहे हैं।
यदि आपका वोट सुरक्षित नहीं होगा, तो देश का लोकतंत्र भी सुरक्षित नहीं रहेगा।
इसी कड़ी में 1 नवंबर को दिल्ली में इंडिया गठबंधन की विशाल रैली होगी, जिसे लेकर असम की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाएगी। राजीव भवन | गुवाहाटी (असम)”
गुवाहाटी / नई दिल्ली: अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के वरिष्ठ नेता और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने देश की वर्तमान लोकतांत्रिक व्यवस्था और चुनावी निष्पक्षता को लेकर केंद्र सरकार एवं चुनाव आयोग पर बड़ा हमला बोला है। असम के प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय ‘राजीव भवन’, गुवाहाटी पहुंचे भूपेश बघेल ने पार्टी पदाधिकारियों और पूर्वोत्तर के कार्यकर्ताओं के साथ एक उच्चस्तरीय संगठनात्मक बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य कांग्रेस के राष्ट्रव्यापी अभियान ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ की समीक्षा करना और आने वाली 1 नवंबर को नई दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में होने जा रही INDIA गठबंधन की महारैली में असम की मजबूत भागीदारी सुनिश्चित करना था।
राजीव भवन में संवाददाताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए बघेल ने स्पष्ट कहा कि लोकतंत्र की नींव ‘पारदर्शी मतदान अधिकार’ पर टिकी होती है। यदि नागरिक का वोट ही सुरक्षित नहीं रहेगा, तो भारत का संविधान और लोकतंत्र दोनों ही खतरे में पड़ जाएंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी गांव, ब्लॉक और बूथ स्तर तक जाकर आम जनता को जागरूक कर रही है।
1. ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ अभियान का मुख्य उद्देश्य
कांग्रेस पार्टी का आरोप है कि देश में मतदाता सूचियों में भारी अनियमितताएं की जा रही हैं, पात्र मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं और निष्पक्ष चुनाव की लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इसी पृष्ठभूमि में AICC ने पूरे देश में ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ जनजागरण अभियान की शुरुआत की है।
भूपेश बघेल ने बताया कि यह अभियान केवल एक राजनीतिक प्रदर्शन नहीं है, बल्कि यह देश के हर एक नागरिक के अधिकार की रक्षा का आंदोलन है। इस अभियान के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
- बूथ स्तर पर जागरूकता: कांग्रेस के कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर मतदाताओं को उनकी वोटर लिस्ट में दर्ज स्थिति की जांच करने और वोट चोरी के तरीकों के प्रति सचेत कर रहे हैं।
- चुनावी संस्थाओं की जवाबदेही: मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयोग से पारदर्शी प्रक्रियाओं का पालन करने तथा मतदाता सूचियों (SIR) में की जा रही गड़बड़ियों पर रोक लगाने की मांग की जा रही है।
- संविधान और लोकतंत्र की रक्षा: जनता को यह समझाया जा रहा है कि यदि मतदान का अधिकार कमजोर हुआ तो देश में बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा दिए गए संवैधानिक अधिकार खतरे में आ जाएंगे।
मुख्य बिंदु: राजीव भवन गुवाहाटी से भूपेश बघेल का संदेश
“जब मतदाता का वोट सुरक्षित नहीं रहेगा, तो लोकतंत्र की नींव डगमगा जाएगी। असम कांग्रेस के कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर जनता को उनके अधिकारों के प्रति जगा रहे हैं। 1 नवंबर को दिल्ली में होने वाली INDIA गठबंधन की रैली में असम का संदेश स्पष्ट और बुलंद होगा।”
2. राजीव भवन गुवाहाटी में हुई संगठनात्मक बैठक
असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (APCC) के मुख्यालय राजीव भवन में आयोजित इस बैठक में पूर्वोत्तर राज्यों के कई वरिष्ठ नेता, विधायक और अग्रिम संगठनों के पदाधिकारी शामिल हुए। बैठक के दौरान भूपेश बघेल ने असम कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के साथ विस्तृत संवाद किया और 1 नवंबर की दिल्ली रैली के लिए रणनीति बनाई।
असम से दिल्ली के लिए विशेष रणनीति:
भूपेश बघेल ने बताया कि असम से हजारों की संख्या में कार्यकर्ता और आम नागरिक 1 नवंबर को दिल्ली पहुंचेंगे। इसके लिए रेलवे, बसों और अन्य माध्यमों से जत्थों को दिल्ली भेजने की व्यवस्था की जा रही है। पूर्वोत्तर की समस्याओं और असम में मतदाता सूचियों से जुड़े मुद्दों को भी राष्ट्रीय मंच पर उठाया जाएगा।
- असम के प्रत्येक जिले से विशेष प्रतिनिधिमंडल तैयार किए गए हैं।
- युवा कांग्रेस और एनएसयूआई (NSUI) के कार्यकर्ताओं को दिल्ली की महारैली में युवाओं की आवाज उठाने की जिम्मेदारी दी गई है।
- असम के चाय बागान क्षेत्रों, जनजातीय इलाकों और ग्रामीण अंचलों में भी ‘वोट बचाओ’ अभियान के तहत विशेष चौपालें लगाई जा रही हैं।
3. 1 नवंबर: दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन का महाजुटान
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के आह्वान पर 1 नवंबर को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन की विशाल ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ जन मार्च और महारैली का आयोजन किया जा रहा है।
इस महारैली में देश के प्रमुख विपक्षी दलों के शीर्ष नेता एक मंच पर दिखाई देंगे। राहुल गांधी ने हाल ही में अपने संबोधन में कहा है कि यह लड़ाई केवल कांग्रेस या किसी एक दल की नहीं है, बल्कि देश के किसान, मजदूर, छात्र, महिला, नौजवान और व्यापारी—हर उस नागरिक की है जिसे भारत के लोकतंत्र की फिक्र है।
“हमारा वोट चुराया जा रहा है और यह हम किसी हाल में चुपचाप नहीं सहेंगे। अब जवाब देश देगा। 1 नवंबर—चलो दिल्ली। वोट आपका है, लड़ाई भी आपकी है।”
— राहुल गांधी (कांग्रेस नेता)
4. राजनीतिक घमासान: विपक्ष की महारैली बनाम सत्तापक्ष की पदयात्राएं
1 नवंबर की रैली को लेकर देश में राजनीतिक पारा चढ़ चुका है। एक तरफ जहां INDIA गठबंधन रामलीला मैदान में लाखों लोगों को जुटाकर शक्ति प्रदर्शन करने की तैयारी में है, वहीं भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने भी इसके जवाब में 1 नवंबर से राष्ट्रव्यापी जनसंपर्क और पदयात्राओं का ऐलान किया है।
भाजपा का कहना है कि विपक्ष चुनाव आयोग और मतदाता सूचियों (SIR) को लेकर देश में भ्रम फैला रहा है
Ashish Sinha
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