मंत्रालय और नवा रायपुर के सरकारी कार्यालयों में काम करने वाले करीब 3500 कर्मचारियों को अगले दो से तीन महीने तक पुरानी और खस्ताहाल बसों में ही सफर करना पड़ सकता है। नई बसों के संचालन के लिए समय पर टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं होने से सामान्य प्रशासन विभाग अब तक एजेंसी नहीं चुन पाया है।
वित्त विभाग ने मंगलवार को टेंडर प्रक्रिया आगे बढ़ाने की मंजूरी दी है। अधिकारियों के मुताबिक, एजेंसी चयन में दो से तीन महीने लग सकते हैं। तब तक पुरानी एजेंसी दुर्ग अंबा बस से ही संचालन जारी रखने की तैयारी है। रायपुर नगर निगम ट्रांसपोर्ट लिमिटेड और नया रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण के बीच बस संचालन का वैकल्पिक समझौता 31 अक्टूबर को समाप्त हो रहा है।
निगम ने 98 बसों के संचालन के लिए टेंडर किया था, लेकिन फिलहाल 83 बसें ही चल रही हैं। कई बसों की हालत खराब है और कुछ के परमिट भी समाप्त होने की स्थिति में हैं। इसके बावजूद नई व्यवस्था होने तक कर्मचारियों को इन्हीं बसों पर निर्भर रहना पड़ेगा। सामान्य प्रशासन विभाग के अनुसार, टेंडर में सबसे कम दर देने वाली पात्र एजेंसी को रायपुर से नवा रायपुर तक कर्मचारियों के परिवहन की जिम्मेदारी मिलेगी।
चयन के बाद एजेंसी को बसों की व्यवस्था करनी होगी। इस बीच 31 अक्टूबर के बाद सेवा जारी रखने की चुनौती है। संचालन बंद हुआ तो कर्मचारियों को निजी वाहन, ऑटो या दूसरे साधनों से कार्यालय जाना पड़ेगा। इससे खर्च और यात्रा का समय बढ़ेगा।
















