
संविदा कर्मचारी 23 को रायपुर में नियमितीकरण माँग को लेकर रहेंगे हड़ताल पर
सभी शासकीय कार्यालयों में काम काज रहेगा बंद, आम जनता को होगा परेशानी
बेमेतरा – छत्तीसगढ़ सर्व विभागीय संविदा कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर शासन की सभी विभागों में कार्य करने वाले संविदा अनियमित कर्मचारियों का महाआंदोलन 23 जून को तूता नया रायपुर के धरना स्थल में एक सूत्रीय माँग नियमितीकरण को लेकर बड़ा प्रदर्शन करेंगे। ज्ञात हो कि तत्कलीन कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं वर्तमान में छत्तीसगढ़ प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सहित पूर्व नेता प्रतिपक्ष एवं वर्तमान स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव एवं मंत्री कवासी लखमा, मंत्री अमरजीत भगत सहित सभी कांग्रेस के बड़े बड़े नेता कर्मचारियों के मंच में आकर बोले थे कि छत्तीसगढ़ में यदि वर्ष 2018 के चुनाव में कांग्रेस की सरकार बनती हैं तो 10 दिवस में सभी संविदा अनियमित कर्मचारियों को नियमितीकरण का सौगात मिलेगा। साथ ही साथ कांग्रेस के सरकार बनने के बाद 14 फरवरी 2019 को गाँधी मैदान रायपुर में कर्मचारियों के बड़ी सभा में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल बोले थे कि इस साल किसानों के लिये किये हैं, अगले साल संविदा अनियमित कर्मचारियों को नियमितीकरण करेंगे, साथ ही मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के द्वारा विधायकों एवं विपक्ष व पत्रकार के जवाब में विधानसभा के अंदर एवं बाहर नियमितीकरण के वादा को लगातार करेंगे बोलते आ रहा हैं। लेकिन मुख्यमंत्री का वादा अभी तक अधूरा का अधूरा ही हैं। जिससे छत्तीसगढ़ के समस्त विभागों में काम करने वाले संविदा अनियमित कर्मचारियों के द्वारा अपने आप को ठगा सा महसूस कर रहें हैं।संविदा कर्मचारियों के द्वारा सरकार को उनके किया वादा को याद दिलाने लंबे समय से सरकार के सामने आवेदन, निवेदन, धरना प्रदर्शन करते आ रहे हैं, लेकिन संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण का वादा अभी तक अधूरा हैं। संविदा कर्मचारियों के द्वारा अनोखा प्रदर्शन कर सभी 33 जिला में संविदा नियमितीकरण करने के लिए रथयात्रा भी निकाल कर मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन दे रहे हैं। छत्तीसगढ़ के 33 जिला में सभी संविदा कर्मचारियों के द्वारा रथयात्रा निकाल कर नियमितीकरण का गुहार लगा रहे हैं। छत्तीसगढ़ शासन संविधान कर्मचारियों को जल्द नियमितीकरण नहीं करते हैं तो छत्तीसगढ़ में अब तक का सबसे बड़ा आंदोलन हो सकता हैं। छग सर्व विभागीय संविदा कर्मचारी महासंघ बेमेतरा कर्मचारियों ने बताया कि आगे अनिश्चत कालीन आंदोलन के लिए बड़ी रणनीति बनाया जा रहा हैं। जिलाध्यक्ष बेमेतरा पूरन आनंद, जिला प्रवक्ता गोपिका जायसवाल, गरिमा वर्मा, जिला सह सयोजक दिनेश गंगबेर, मनीष शर्मा ने बताया कि शासन यदि संविदा कर्मचारियों के लंबित मांग नियमितीकरण को अतिशिघ्र पूरा नहीं करती तो आगे अनिश्चत कालीन आंदोलन होगा, जिसका समस्त जवाबदेही शासन प्रशासन की होगी। कर्मचारियों ने बताया कि वर्तमान कांग्रेस के सरकार के कार्यकाल को साढ़े चार से भी ज्यादा वक्त को गया हैं, लेकिन अभी तक नियमितीकरण के सम्बंध में कोई भी पहल नहीं किया गया हैं।मुख्यमंत्री के मंच से घोषणा करने के बाद भी माँग अभी तक नहीं हो पाया। लोकतंत्र में मुख्यमंत्री के द्वारा किये गए घोषणा की जवाबदेही कौन होता हैं, यह आम जनता में भी अब बाते आने लगा हैं।












