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Ambikapur News : जीवन में सफल मुकाम हासिल करने के लिए डिग्री ही नहीं सही आचरण और व्यवहार भी जरूरी- राज्यपाल उइके………

जीवन में सफल मुकाम हासिल करने के लिए डिग्री ही नहीं सही आचरण और व्यवहार भी जरूरी- राज्यपाल उइके………

P.S.YADAV/ब्यूरो चीफ/सरगुजा// राज्यपाल एवं कुलाधिपति अनुसुईया उइके की अध्यक्षता एवं विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति में शनिवार को संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय का प्रथम दीक्षान्त समारोह गरिमामय ढंग से सम्पन्न हुआ। राजीव गांधी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय अम्बिकापुर के ऑडिटोरियम भवन में आयोजित दीक्षांत समारोह में विभिन्न संकायों के 231 उपाधिधारकों को स्वर्ण पदक, 5 पीएचडी उपाधिधारकों और 2 मानद उपाधिधारकों को सम्मानित किया गया। समारोह का शुभारंभ शोभायात्रा, दीप प्रज्ज्वलन, कुलगीत गायन एवं राष्ट्रगान के साथ हुआ। उपाधिधारकों में भित्ति चित्र कलाकार स्व. सुन्दरी बाई व वृक्षमित्र स्व. ओपी अग्रवाल शामिल हैं।

राज्यपाल एवं कुलाधिपति अनुसुईया उइके ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में उपाधिधारकों एवं उनके अभिभावकों को बधाई देते हुए कहा कि विद्यार्थियों की परिश्रम और उनके पालकों के संस्कार का प्रतिफल है कि आज उन्हें सुखद अनुभूति हो रही है। डिग्री लेना अपने आप में जीवन की बड़ी उपलब्धी हो सकती है लेकिन सफल मुकाम हासिल करने के लिए सही आचरण और व्यवहार का होना उतना ही जरूरी है। छात्र इन तीनों के अंगीकरण से समाज और देश के लिए उच्च कोटि का कार्य कर शिक्षा के माध्यम से जीवन में आगे बढ़ने की जिम्मेदारी पेश करें। विद्या को अपने तक सीमित न रखें बल्कि समाज में ले जाएं। उन्होंने कहा कि संत गहिरा गुरु ने जनजाति समाज के उत्थान के लिए अपना सम्पूर्ण जीवन समर्पित कर दिया। संत गहिरा गुरु के विचारों को विस्तारित करना जरूरी है ताकि जनजाति समाज मुख्यधारा में आगे बढ़ सकें। संत गहिरा गुरु के बताए मार्ग पर चलने से, उनका अभिसरण करने से आने वाले समय में सरगुजा संभाग प्रदेश का उत्कृष्ट संभाग बनेगा।

राज्यपाल उइके ने कहा कि विश्वविद्यालय स्थापना 2008 में होने के बाद 2022 में प्रथम दीक्षांत समारोह होना आश्चर्यजनक है। दीक्षांत समारोह बहुत पहले शुरु हो जाना चाहिए था। दो वर्ष पहले समारोह आयोजन की तैयारी की गई थी लेकिन कोरोना के कारण नहीं हो पाया। उन्होंने कहा कि प्रथम दीक्षांत समारोह में शामिल होना गर्व की बात है। विश्वविद्यालय में शोध एवं नए अकादमिक विषयों तथा अन्य संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करनी होगी। वर्तमान में शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक पदों की कमियां है जिन्हें दूर करने की आवश्यकता है। हम सभी को इसके लिए मिलकर प्रयास करना होगा। जनजातीय कार्य मंत्रालय के केन्द्रीय राज्य मंत्री रेणुका सिंह दीक्षांत समारोह हमेशा के लिए एक ऐसा विशेष अवसर होता है जिसमें हम शुरु के वर्षों के कड़ी मेहनत और लक्ष्य को हासिल करने की गतिविधियों से रू-ब-रू होते हैं। यह सुखद यात्रा अस्थायी होने के साथ शुरु होती है और आगे चलती रहती है। उन्होंने कहा छात्र-छात्राएं जीवन में कुछ पाने का संकल्प और उसके लिए सीखने की इच्छा शक्ति को अंतिम समय तक बरकरार रखें।

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छत्तीसगढ़ शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने कहा कि महान संत और समाज सुधारक के नाम पर संत गहिरा गुरु के नाम पर विश्वविद्यालय नाम होना गर्व की बात है। इसी प्रकार 13 वर्ष के बाद हमारी सरकार के कार्यकाल में अवरोध समाप्त होकर प्रथम दीक्षांत समारोह का गरिमामय आयोजन होना भी गर्व की बात है। यह समारोह प्रदेश के दूरस्थ आदिवासी अंचल में उच्च शिक्षा के प्रति हमारी सरकार की प्रतिबद्धता और परिपूर्णता का प्रतीक है। उन्होंने स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले मेधावी छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि उन सभी छात्रों के जीवन का यह अविस्मरणीय अवसर है। यह विश्वविद्यालय संभाग के 5 जिलों के 75 महाविद्यालयों में सबसे बड़ा शिक्षा संस्थान है। संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय उतरोत्तर उन्नति करे। यहां से शिक्षा-दीक्षा और उपाधि पाने वाले छात्र-छात्राएं अपने परिवार, समाज के साथ प्रदेश का नाम रोशन करें।

छत्तीसगढ़ राष्ट्र भाषा प्रचार समिति के अध्यक्षण एवं दीक्षांत समारोह के मुख्य वक्ता श्री गिरीश पंकज ने कहा कि यह समारोह दीक्षा का अंत नहीं बल्कि शुरुआत  है। दीक्षांत  जीवन में आगे बढ़कर कैसे जीवन जीना है यह बताता है। आज के उपभोक्तावादी संसार में जीवन मुल्यों और परंपरा को लोग भूलते जा रहें हैं जिससे हमारी सांस्कृतिक जडं़े छूटती जा रही हैं। भारतीय संस्कृति राष्ट्र को देवता जन्मभूमि को माता कहना सिखाती है। उन्होंने कहा कि स्वदेश से प्रेम करेंगे तभी हम आगे बढ़ेंगे। संकट के समय अपना देश याद आता है इसलिए हर समय हमारी जेहन में राष्ट्र, माता-पिता रहे। माता-पिता को बच्चे कभी न भूलें। माता-पिता से जुड़े रहेंगे तो हमारी सांस्कृतिक मूल्य भी बचें रहेंगे। उन्होंने कहा कि बड़प्पन ही हमे बड़ा बनाता है। युवा पीढ़ी को बडप्पन को आत्मसात करना चाहिए। सरगुजा विश्वविद्यालय से निकलने वाले विद्यार्थी सरगुजा के माटी को भी रोशन करेंगे। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर अशोक सिंह ने स्वागत प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए विश्वविद्यालय के अधोसंरचना, शोध एवं अकादमिक विषयों के बारे में प्रकाश डाला।

ऑडिटोरियम होगी पूर्णतः वातानुकूलित- राजीव गांधी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के ऑडिटोरियम अब पूर्णतः वातानुकूलित और हाई टेक साउंड सिस्टम से परिपूर्ण होगी। पंचायत मंत्री टीएस सिंहदेव ने अपने उद्बोधन के दौरान ऑडिटोरियम में एसी और उच्च गुणवत्ता के साउंड सिस्टम की आवश्यकता को महसूस करते हुए विधायक मद से ऑडिटोरियम को पूर्णतः वातानुकूलित और हाई टेक साउंड सिस्टम से लैस करने के लिए राशि स्वीकृत करने की घोषणा की। कुर्ता-पायजामा व साड़ी परिधान में प्राप्त किए उपाधि- दीक्षांत समारोह में पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के लिए ड्रेस निर्धारित किया गया था। पुरुष पायजामा-कुर्ता, जैकेट व गमछा तथा महिलाएं कोसे की साड़ी व गमछा के साथ पदक व उपाधि प्राप्त किए। इस अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ प्रेमसाय सिंह टेकाम, संसदीय सचिव चिंतामणी महराज एवं  पारसनाथ राजवाड़े, लुण्ड्रा विधायक डॉ प्रीतम राम, मनेन्द्रगढ़ विधायक डॉ विनय जायसवाल, छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल के अध्यक्ष शफी अहमद, आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं वनौषधि पादप बोर्ड के अध्यक्ष बालकृष्ण पाठक, महापौर डॉ अजय तिर्की, कमिश्नर जी.आर. चुरेन्द्र, कलेक्टर संजीव कुमार झा, पुलिस अधीक्षक अमित तुकाराम कांबले सहित अन्य जनप्रतिनिधि विश्वविद्यालय कार्यपरिषद के सदस्य, छात्र-छात्राएं एवं उनके अभिभावक उपस्थित थे।

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