जनजाति सुरक्षा मंच सरगुजा द्वारा डीलिस्टिंग महारैली के संबंध में प्रेस वार्ता का किया गया आयोजन …………

जनजाति सुरक्षा मंच सरगुजा द्वारा डीलिस्टिंग महारैली के संबंध में प्रेस वार्ता का किया गया आयोजन …………

P.S.YADAV/ब्यूरो चीफ/सरगुजा// जनजाति सुरक्षा मंच सरगुजा द्वारा सर्किट हाउस अंबिकापुर में आज डीलिस्टिंग महारैली के संबंध में प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। जिसमें मंच के प्रांत संरक्षक एवं अनुसूचित जनजाति आयोग के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ नंदकुमार साय एवं राज्यसभा सांसद रामविचार नेताम ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए बताया कि अनुसूचित जनजाति समाज का कोई भी व्यक्ति जिसने अपने जातिगत रीति – रिवाज, आदिमत, विश्वासों, रूढ़ि, धर्म संस्कृति को छोड़कर ईसाई या मुसलमान बन गए हैं, उनको अनुसूचित जनजाति की सूची से बाहर करके इस वर्ग को मिलने वाले आरक्षण एवं अन्य सभी संवैधानिक अधिकार, लाभ से बाहर किया जाए, धर्मान्तरित लोगों को जनजाति समाज की सभी सुविधाएं बंद होनी चाहिए।

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जनजाति सुरक्षा मंच अपने गठन के साथ ही जनजाति समाज के लिए बने संवैधानिक हक और अधिकार को प्राप्त करने के लिए धर्मान्तरित लोगों को डीलिस्टिंग करने की राज्य एवं केंद्र सरकार से माँग कर रहा है। संविधान बनने के साथ ही यह संवैधानिक अन्याय जनजाति समाज के साथ हो रहा है जिसके लिए जनजाति समाज सड़कों पर उतरकर अपने हक और न्याय की लड़ाई लड़ रहा है।

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सरगुजा एवं आसपास में बहुत बड़ी संख्या में आदिवासी लड़कियों को गैर आदिवासी मुस्लिमों द्वारा रखकर महिला के नाम पर जनजाति समाज के सभी सुविधाओं का उपभोग किया जा रहा है, उनको आदिवासी सीटों पर चुनाव में खड़ा किया जा रहा है, जमीन खरीदी जा रही है, डीलिस्टिंग कानून पास हो जाने पर जो भी धर्मान्तरित होगा उसका आरक्षण स्वतः खत्म हो जाएगा। अम्बिकापुर में 8 जून, बुधवार को पी.जी. कॉलेज मैदान अंबिकापुर में सुबह 11:00 बजे से डीलिस्टिंग महारैली का आयोजन किया गया है, जिसमें जनजाति समाज के पदाधिकारीगण, समाज प्रमुख, जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी, माताएँ – बहनें, युवा आदि सभी शामिल होने वाले हैं।

इस प्रेस वार्ता में प्रमुख रूप से प्रांत के संरक्षक बंशीधर उराँव, सह संयोजक इन्दर भगत, कार्यकारिणी सदस्य रामलखन सिंह पैंकरा, अरुणा सिंह, जिला संयोजक बिहारीलाल उराँव, सह संयोजक मंजूषा भगत, बिहारी सिंह, उपेन्द्र गुप्ता, अनिल जायसवाल आदि उपस्थित रहे।