सदैव साथ रहने वाला शिक्षा धन ही सर्वश्रेष्ठ- भगत

अम्बिकापुर : सदैव साथ रहने वाला शिक्षा धन ही सर्वश्रेष्ठ- भगत

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नौनिहालों को तिलक लगाकर शिक्षा जगत में किया गया स्वागत
जिला स्तरीय शाला प्रवेश उत्सव सम्पन्न

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छत्तीसगढ़ शासन के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री अमरजीत भगत के मुख्य आतिथ्य में गुरुवार को शासकीय बहुउद्देश्यीय उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय अम्बिकापुर में जिला स्तरीय शाला प्रवेश उत्सव मनाया गया। सर्वप्रथम अतिथियों के द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण किया गया और उनके समक्ष दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया यगा। इस अवसर पर 20 नौनिहालों को तिलक लगाकर व लड्डू खिलाकर अभिनंदन किया गया । अतिथियों के द्वारा शिक्षा जगत में कदम रखने जा रहे बच्चो को गणवेश, किताबे व स्कूल बैग प्रदान किया गया। प्रदेश स्तर पर मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े थे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री भगत ने कहा कि कोरोना काल मे पिचके दो वर्ष स्कूल बंद होने के कारण बच्चां की पढ़ाई प्रभावित हुई लेकिन ऑनलाईन व मोहल्ला क्लास के माध्यम से कक्षा संचालित रही। उन्होंने कहा कि धन-दौलत धीरे-धीरे समाप्त हो जाता है वही शिक्षा रूपी धन व्यक्ति के पास सदैव रहता है कभी कभी नष्ट नहीं होता। शिक्षा से वह धन और यश पा सकता है। शिक्षा ही सर्वश्रेष्ठ धन है। शिक्षा को आगे बढ़ाने के लिए हमारी सरकार ने पढ़ेगा छत्तीसगढ़ तो बढ़ेगा छत्तीसगढ़ के ध्येय वाक्य पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने राज्य के आर्थिक क्षेत्र में जो माहौल उत्पन्न किया है वह आने वाले समय के लिए अच्छा संकेत है।
लुंड्रा विधायक डॉ प्रीतम राम ने कहा कि लंबे समय बाद शाला प्रवेश उत्सव मनाया गया। अब स्कूलों में बच्चों की भौतिक रूप से उपस्थिति होगी। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष जो कमी रह गई थी उसे इस बार पूरा करें। एकल शिक्षकीय शाला जहां बच्चां की संख्या अधिक हो उन स्कूलों में दो शिक्षक के लिए जिन स्कूलों में विद्यार्थी संख्या के आधार पर अधिक शिक्षक है उसे सामंजस्य करें। यदि शिक्षक उपलब्ध नहीं होते तो गांव के ही शिक्षित युवा को पढ़ाने में सहयोग लें।
कलेक्टर संजीव कुमार झा ने कहा कि दो वर्ष बाद गरिमामय ढंग से शाला प्रवेश उत्सव मनाया जा रहा है। आज नव प्रवेशित बच्चों का स्वागत कर शैक्षणिक सत्र की शुरुआत किया जा रहा है। शिक्षा की निरंतरता को बनाये रखने के लिए शिक्षा विभाग को प्रयास करना होगा।
स्कूल बैग व गणवेश पाकर नैनिहालो के चेहरे खिले- शाला प्रवेश उत्सव में अतिथियों द्वारा नन्हे मुन्नों को जब स्कूल बैग, ड्रेस, किताब व लड्डू का डिब्बा दिया गया तो उनके चेहरे में मुस्कान बिखरने लगा और खुशी से बच्चे अपना सामान रखने लगे। प्राथमिक शाला सोहागा, मायापुर व पर्रा डांड के करीब 20 नव प्रवेशित बच्चे आज अपने नन्हे कदम मजबूत क्षेत्र में बढ़ाया।
कबाड़ से जुगाड़ प्रदर्शनी का अवलोकन- इस अवसर अतिथियों द्वारा जिले के विभिन्न स्कूलों के द्वारा लगाए गए कबाड़ से जुगाड़ प्रदर्शनी का अवलोकन किया गया। प्रदर्शनी में करीब 25 विद्यालयों के द्वारा प्रदर्शनी लगाई गई थी।
इस अवसर पर बीस सूत्रीय कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति के उपाध्यक्ष अजय अग्रवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मधु सिंह, महापौर डॉ अजय तिर्की, जिला पंचायत सदस्य राकेश गुप्ता, श्रीमती सरला सिंह, श्रीमती राधा रवि, पार्षद दीपक मिश्रा, छत्तीसगढ़ गौ-सेवा आयोग के सदस्य अटल बिहारी यादव, कृषक कल्याण बोर्ड के सदस्य संजय गुप्ता, हेमन्त सिन्हा, दुर्गेश गुप्ता, इरफान सिद्धीकी, परवेज आलम, जिला शिक्षा अधिकारी संजय गुहे सहित शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित थीं।