खाद्य मंत्री भगत ने की धान उपार्जन की तैयारियों की समीक्षा

रायपुर: खाद्य मंत्री भगत ने की धान उपार्जन की तैयारियों की समीक्षा

ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_14_44 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_53_50 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_08_26 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_16_13 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_22_41 PM

खरीदी केन्द्रों में किसानों को धान विक्रय के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं दुरूस्त करने के निर्देश

सीमावर्ती जिलों से धान के अवैध परिवहन को रोकने कड़ी निगरानी रखने के दिए निर्देश

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री अमरजीत भगत ने खरीफ विपणन वर्ष 2022-23 के लिए धान उपार्जन के संबंध में विभागीय बैठक लेकर तैयारियों पर चर्चा की। एक नवम्बर 2022 से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन किया जाना है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार निरंतर धान खरीदी का रिकार्ड बना रही है। इस वर्ष भी धान खरीदी का रकबा और किसानों की संख्या में भी वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा है कि इसके लिए विभाग द्वारा पूरी तैयारी रखी जाएगी। किसानों को किसी प्रकार की तकलीफ न हो इसका पूरा ध्यान भी रखा जाएगा। मंत्री श्री भगत ने धान खरीदी केन्द्रों में आने वाले किसानों के लिए धान विक्रय संबंधी सभी आवश्यक सुविधाएं दुरूस्त करने के निर्देश दिए है।

खाद्य मंत्री भगत ने बैठक में कहा कि नवनिर्मित जिलों में धान उपार्जन प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए अधिकारियों की पदस्थापना की जा रही है। उन्होंने राज्य के सीमावर्ती जिलों से धान के अवैध परिवहन को रोकने के लिए कड़ी निगरानी रखने के लिए अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए है। भगत ने उपार्जन केन्द्रों में सॉफ्टवेयर के ट्रायल, कर्मचारियों के प्रशिक्षण, धान समर्थन मूल्य राशि के अंतरण के संबंध में अधिकारियों से विस्तृत चर्चा की।

66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-05-10 at 2.46.41 PM (1)
17a09f88-37fa-496a-8923-b0e0bac9f15d

मंत्री भगत ने कहा की धान खरीदी में किसानों को किसी प्रकार की समस्या नहीं होनी चाहिए। हर कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किया जाए। धान खरीदी की सभी व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने के लिए सभी अधिकारी अलर्ट मोड पर रहे। उन्होंने कहा की धान खरीदी के लिए सभी उपार्जन केन्द्रों में बारदानों की पूर्ण व्यवस्था सुनिश्चित कर लिया जाए, ताकि धान को व्यवस्थित और सुरक्षित रखने में किसी प्रकार की परेशानी ना हो। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई क्षेत्रों में बारिश के कारण धान कटाई सही तरीके से शुरू नहीं हुई है। किसानों को धान सुखाकर लाने के लिए जागरूक किया जाए, ताकि उन्हें धान बेचने में कोई परेशानी न हो। उन्होंने बैठक में किसानों के पंजीयन की स्थिति, बारदाना व्यवस्था, धान परिवहन की तैयारियों, संग्रह केन्द्रों में की गई तैयारियों और मिलों के पंजीयन की स्थिति की भी विस्तारपूर्वक समीक्षा की।

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष सामान्य धान 2040 रुपये प्रति क्विंटल और ग्रेड-ए धान का समर्थन मूल्य 2060 रूपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य निर्धारित किया गया है। पड़ोसी राज्यों एवं पड़ोसी जिलों से आने वाले धान के अवैध परिवहन को रोकने के लिए अलग-अलग चेक पोस्ट तैयार किए गए है। अन्य मार्गों पर भी कड़ी निगरानी के लिए आवश्यक व्यवस्था बनाई गई है। धान खरीदी के दौरान किसी भी किसान को पंजीयन, रकबा, टोकन एवं धान खरीदी से संबंधित किसी प्रकार की शिकायत होने पर खाद्य विभाग एवं जिला कलेक्टर कार्यालय में स्थापित कंट्रोल रूम में सम्पर्क कर अपनी समस्या से अवगत करा सकते हैं। बैठक में खाद्य विभाग के सचिव श्री टोपेश्वर वर्मा सहित अन्य संबंधित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।