छत्तीसगढ़ताजा ख़बरेंब्रेकिंग न्यूज़राज्यरायपुर

राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव में शामिल होकर उत्साहित हैं उत्तराखंड के कलाकार, कहा छत्तीसगढ़ सरकार की तरह दूसरे प्रदेशों को लेनी चाहिए सीख

रायपुर : राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव में शामिल होकर उत्साहित हैं उत्तराखंड के कलाकार, कहा छत्तीसगढ़ सरकार की तरह दूसरे प्रदेशों को लेनी चाहिए सीख

WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.27.06 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 8.56.40 PM (1)
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.09.46 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.06.54 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.17.22 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.12.09 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.19.42 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.04.25 PM
WhatsApp Image 2026-01-25 at 9.31.09 PM
WhatsApp-Image-2026-01-04-at-3.52.07-PM-1-207x300 (1)
53037c58-1c56-477e-9d46-e1b17e179e86

छत्तीसगढ़ सरकार की सराहनीय पहल है राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव, आदिवासी संस्कृति को बढ़ाने का हो रहा काम

उत्तराखंड के आदिवासी कलाकारों ने प्रस्तुत किया हारूल नृत्य, छत्तीसगढ़ सरकार का किया धन्यवाद

राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव में दूसरे दिन भाग लेने वाले कलाकारों में उत्तराखंड के आदिवासी कलाकार भी शामिल हुए। नृत्य महोत्सव में उन्होंने उत्तराखंड के लोक-नृत्य हारुल की प्रस्तुति दी। उत्तराखंड के जौनसार जनजातियों के द्वारा यह नृत्य किया जाता है। लोककथाओं पर आधारित इस नृत्य के माध्यम से पांडवों के शौर्यगान किया जाता है।
2 नवंबर को दी गई इस प्रस्तुति में उत्तराखंड के इन कलाकारों ने मंच पर ही नृत्य के दौरान अपने सिर पर केतली रखकर चाय तैयार की। इसके अलावा जौनसार जनजातियों द्वारा प्रस्तुत इस नृत्य में हाथी पर बैठे एक व्यक्ति ने अस्त्र के माध्यम से कला का प्रदर्शन किया। नृत्य के दौरान उपयोग किए गए इस हाथी को कलाकारों ने अपने हाथ से तैयार किया था।

mantr
66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b

राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सवराष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव
हारूल नृत्य प्रस्तुत करने वाले उत्तराखंड के इन कलाकारों ने बातचीत के दौरान बताया कि- छत्तीसगढ़ में आकर वे बहुत ही उत्साहित हैं। टीम के लीडर नंदलाल भारती ने कहा- कि सभी राज्यों की सरकारों को छत्तीसगढ़ सरकार की ही तरह आदिवासी कलाकारों की सुध लेनी चाहिए। कलाकारों को छत्तीसगढ़ सरकार मान-सम्मान दे रही है। दूसरे राज्यों को भी इस पर ध्यान देना चाहिए।
आदिवासी कलाकार संस्कृति का गौरव होते हैं। वे संस्कृति, विरासत, जंगल, पानी और धरोहरों को बचाने का काम करते हैं। ऐसे में छत्तीसगढ़ सरकार को मैं धन्यवाद देना चाहेंगे कि उन्होंने इतनी सुंदर पहल की है। छत्तीसगढ़ के लोग जब भी हमारे प्रदेश में आएंगे तो यही मान-सम्मान उन्हें हम भी देंगे।

Ashish Sinha

e6e82d19-dc48-4c76-bed1-b869be56b2ea (2)
WhatsApp Image 2026-01-04 at 4.02.37 PM
WhatsApp Image 2026-01-04 at 3.36.04 PM
WhatsApp Image 2026-01-04 at 3.39.12 PM
WhatsApp Image 2026-01-04 at 3.44.45 PM (1)

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!