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रायपुर : 31 साल के भूपेंद्र ने लगवाई वैक्सीन, मुख्यमंत्री के निर्णय से गरीबों का टीकाकरण हुआ मुमकिन

भूपेंद्र ने कहा-अभी काम भी बंद है, वैक्सीन के लिए पैसा लेते तो लगाना मुश्किल हो जाता..

रायपुर 4 मई 2021रायपुर के गोगाँव में खपरैल वाले घर में रहने वाले भूपेंद्र के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का निर्णय एक राहत ही नहीं बल्कि उसके किसी काम से घर से बाहर जाने पर उसकी पत्नी, बच्चों के भीतर पति और पिता को लेकर बने डर को भी खत्म किया है। काम की तालाश में अक्सर पत्नी और बच्चों सहित अपनी माँ को घर में छोड़कर बाहर जाने वाला भूपेंद्र 31 वर्ष को अब कोवैक्सीन का टीका लग चुका है। यहीं उसके और परिवार के लिए सबसे बड़ी राहत है। वह बताता है कि 18 साल से ऊपर वालों के लिए लगने वाले टीका का यदि पैसा लिया जाता तो उसके लिए अभी टीकाकरण कराना मुश्किल हो जाता, क्योंकि लॉक डाउन में काम बंद है और इतने पैसे भी नहीं है कि वह टीका के लिए खर्च कर पाए। उसका कहना है कि मुख्यमंत्री ने अंत्योदय राशनकार्डधारियों और उसके परिवार को 18 साल से ऊपर होने पर कोरोना से बचाव के लिए टीका लगवाने में प्राथमिकता देने से ही गरीब परिवारों का टीकाकरण मुमकिन हो पाया है।

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गोगाँव के झुग्गी बस्ती में रहने वाले भूपेंद्र ढवगाये ने बताया कि वह काम के लिए हमेशा घर से बाहर जाता है। कोरोना संक्रमण बढ़ने के बाद जब वैक्सीन आई तो वह भी अपने बचाव के लिए इसे लगवाना चाहता था, लेकिन उसका उम्र कम होने की वजह से उसे यह वैक्सीन नहीं लग सकती थी। कुछ दिन बाद 1 मई से 18 साल से अधिक आयु वालों को वैक्सीन लगने की खबर मिली तो उसे खुशी हुई और वह भी इसे लगवाने की सोच रहा था। भूपेंद्र ने बताया कि अखबार और टीवी में वैक्सीन की कीमत देखकर पहले वह निराश हो गया था, वह सोच रहा था कि यदि पैसा देकर टीका लगवाना पड़ेगा तो वह अभी टीका कैसे लगवाएगा? उसका तो काम भी बंद है और पैसे भी नहीं है। कुछ दिन बाद जब मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा छत्तीसगढ़ में 18 साल से ऊपर वालों को निःशुल्क टीका और एक मई से अंत्योदय राशनकार्डधारियों को प्राथमिकता देने की जानकारी मिली तो बहुत खुशी हुई। उसने बताया कि अपने घर के पास ही स्वास्थ्य केंद्र में जाकर उसने अपनी माँ के नाम से जारी अंत्योदय राशनकार्ड और अपना आधार कार्ड दिखाया तो उसे वैक्सीन लगा दी गई। उसने बताया कि  यदि शुल्क लगता तो उसे बहुत लंबा इंतजार करना पड़ता। जब अतरिक्त  पैसों का इंतजाम होता तभी वह टीका लगवा पाता। भूपेंद्र ने बताया कि घर में माँ के नाम पर कार्ड है और समय पर राशन मिल जाने से परिवार चलाने में बहुत सहूलियत होती है। उसकी पत्नी ने भी पति को टीका लगने पर खुशी जताई और कहा कि बाहर से आने के बाद पति नहाते हैं और सावधानी बरतते हैं, अब टीका लगने से संक्रमण का खतरा कम होगा। कोरोना संक्रमण से बचने और परिवार के हित में टीका को जरूरी बताते हुए भूपेंद्र का कहना है कि गरीब परिवारों के हित में टीकाकरण का निर्णय लेकर मुख्यमंत्री द्वारा बहुत सराहनीय कार्य किया गया है, वरना मोबाइल से टीका के लिए न तो वे बुकिंग करा पाते और न ही अभी पैसा देकर कोरोना से बचाव का टीका लगवा पाते। उन्होंने 18 से 44 साल के सभी अंत्योदय राशनकार्डधारियों को नजदीक के टीकाकरण केंद्र में जाकर कोरोना से बचने टीका लगाने की अपील भी की है।

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