
BJP Bank Balance: 11 साल में ₹781 करोड़ से ₹7,052 करोड़, कैसे भारत की सबसे अमीर पार्टी बनी बीजेपी?
BJP Assets Growth: 2014 से पहले 781 करोड़ की संपत्ति वाली भाजपा 2023 तक 7,000 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति वाली पार्टी बन गई। ADR के आंकड़े बताते हैं कि मोदी सरकार के दौर में पार्टी की आय और सरप्लस में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई।
BJP Bank Balance: 11 साल में ₹781 करोड़ से ₹7,052 करोड़, कैसे भारत की सबसे अमीर पार्टी बनी बीजेपी?
BJP Assets Growth: 2014 से पहले 781 करोड़ की संपत्ति वाली भाजपा 2023 तक 7,000 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति वाली पार्टी बन गई। ADR के आंकड़े बताते हैं कि मोदी सरकार के दौर में पार्टी की आय और सरप्लस में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई।
नई दिल्ली। भारतीय राजनीति में वित्तीय ताकत के लिहाज से भारतीय जनता पार्टी (BJP) अब निर्विवाद रूप से सबसे आगे निकल चुकी है।
एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) और पार्टी के आधिकारिक आय-व्यय खुलासों से साफ है कि 2014 में सत्ता में आने के बाद भाजपा सिर्फ राजनीतिक ताकत नहीं, बल्कि एक “फाइनेंशियल पावर हाउस” भी बन चुकी है।
₹781 करोड़ से ₹7,052 करोड़ तक का सफर
वित्तीय वर्ष 2013-14 में—
- BJP की कुल संपत्ति: ₹781 करोड़
- कुल आय: ₹674 करोड़
वहीं 2022-23 तक आते-आते—
- BJP की कुल संपत्ति: ₹7,052 करोड़ से ज्यादा
यानी करीब 9 गुना बढ़ोतरी
पार्टी ने लगातार कम खर्च और ज्यादा कमाई की रणनीति अपनाई, जिससे हर साल बड़ा सरप्लस जमा होता गया।
मोदी सरकार के दौर में आय में जबरदस्त उछाल
2014 में केंद्र में सरकार बनने के बाद भाजपा की आय में लगातार तेजी देखने को मिली।
प्रमुख आंकड़े
- 🔹 2013-14: आय ₹674 करोड़
- 🔹 2019-20 (चुनावी साल): आय ₹3,623 करोड़ (अब तक की सबसे ज्यादा)
- 🔹 2022-23: घोषित आय लगभग ₹2,360 करोड़
- 🔹 2023-24 (अनुमानित): आय बढ़कर लगभग ₹4,340 करोड़
2014 से पहले की तुलना में 250% से 400% से ज्यादा की ग्रोथ
चुनावी सालों में सबसे ज्यादा कमाई
ADR के आंकड़ों से यह भी स्पष्ट होता है कि—
- चुनावी वर्षों में पार्टी की आय में सबसे बड़ा उछाल आया
- 2019-20 और 2023-24 जैसे वर्षों में रिकॉर्ड फंड कलेक्शन हुआ
विशेषज्ञों के मुताबिक,
“बीजेपी ने संगठन, फंडिंग सिस्टम और खर्च प्रबंधन में ऐसी व्यवस्था बनाई कि हर साल बड़ा सरप्लस बनता गया।”
2014 से पहले BJP की वित्तीय स्थिति कैसी थी?
2014 के लोकसभा चुनाव से पहले—
- BJP और कांग्रेस जैसी राष्ट्रीय पार्टियों के बीच वित्तीय अंतर ज्यादा नहीं था
- पार्टी की संपत्ति सीमित थी
- आज की तुलना में फंडिंग नेटवर्क काफी छोटा था
लेकिन सत्ता में आने के बाद—
- पार्टी की आय
- संपत्ति
- चुनावी खर्च क्षमता
तीनों में अभूतपूर्व इजाफा हुआ।
राजनीतिक फंडिंग में बदलाव की तस्वीर
7000 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति और लगातार बढ़ती आय यह दिखाती है कि—
- भारत में राजनीतिक फंडिंग का स्वरूप बदला है
- BJP ने इसे सबसे बेहतर तरीके से भुनाया है
आज BJP न सिर्फ देश की सबसे बड़ी पार्टी है, बल्कि
सबसे अमीर राजनीतिक पार्टी भी बन चुकी है।












