न्यायमूर्ति सबीना बनीं हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय की कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश

नयी दिल्ली। न्यायमूर्ति सबीना ने आज यहां हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में शपथ ग्रहण की। राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने राजभवन में आयोजित एक गरिमापूर्ण समारोह में उन्हें पद की शपथ दिलाई। इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रवि मलिमठ भी उपस्थित थे।

ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_14_44 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 05_53_50 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_08_26 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_16_13 PM
ChatGPT Image Jul 20, 2026, 06_22_41 PM

इस समारोह का आयोजन राजभवन के दरबार हाॅल में हुआ, जहां मुख्य सचिव राम सुभग सिंह ने शपथ समारोह की कार्यवाही का संचालन किया और हिमाचल प्रदेश के उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में न्यायमूर्ति सबीना के स्थानांतरण के संबंध में विधि और न्याय मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी अधिसूचना को पढ़ा।

66071dc5-2d9e-4236-bea3-b3073018714b
hotal trinetra
gaytri hospital
WhatsApp Image 2026-05-10 at 2.46.41 PM (1)
17a09f88-37fa-496a-8923-b0e0bac9f15d

अधिसूचना में कहा गया, ‘‘भारत के संविधान के अनुच्छेद 223 द्वारा प्रदत्त शक्ति का प्रयोग करते हुए राष्ट्रपति ने हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय की वरिष्ठतम न्यायाधीश न्यायमूर्ति सबीना को हिमाचल प्रदेश के मुख्य न्यायाधीश के कार्यालय के कर्तव्यों का निर्वहन करने के लिए नियुक्त किया है। यह नियुक्ति हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश अमजद एहतेशाम सैयद की सेवानिवृत्ति के परिणामस्वरूप 21 जनवरी से प्रभावी होगी।’’ उच्चतम न्यायालय में न्यायाधीशों की सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष है जबकि उच्च न्यायालयों में न्यायाधीशों के लिए सेवानिवृत्ति की आयु सीमा 62 वर्ष है।