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बृहस्पति और राहु की युति बनाएंगी गुरु चांडाल योग, 6 माह 12 राशियों को रहना होगा संभलकर, जानिए किस पर पड़ेगा क्या असर

ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि 22 अप्रैल 2023 को गुरु और राहु ग्रह की युति के कारण गुरु चांडाल योग का निर्माण होगा।बता दें कि इस वर्तमान समय में राहु ग्रह मेष राशि में स्थित हैं और 22 अप्रैल को गुरु ग्रह मीन राशि से निकलकर मेष राशि में प्रवेश करेंगे और 13 महीनों तक इसी राशि में उपस्थित रहेंगे. मेष राशि में गुरु और राहु ग्रह की युति 6 महीने तक रहेगी, जिसके बाद राहु वृषभ राशि में प्रवेश कर जाएंगे।तब तक गुरु चांडाल योग बना रहेगा।

मेष राशि : गुरु नवम व द्वादश भाव का स्वामी होकर पंचम भाव से चांडाल योग बनाने से धर्म में अरुचि, विवेक का ह्रास, संतान को कष्ट, बाहरी संबंधों में बिगाड़ की संभावना को बढ़ा देता है।

वृषभ राशि : गुरु का चांडाल योग चतुर्थ भाव से बन रहा है. अत: पारिवारिक समस्याओं से जुझना पड़ेगा. सुख में कमी महसूस होगी।

मिथुन राशि : योग तृतीय भाव से बन रहा है. पराक्रम में कमी अनावश्यक शत्रुओं से परेशानी का कारण बन सकती है. छोटे भाइयों को तकलीफ हो सकती है. पत्नी, दैनिक व्यवसाय व राजनीति से जुड़े व्यक्तियों के लिए भी चिंता का विषय है.

कर्क राशि : द्वितीय धन भाव से चांडाल योग बन रहा है. ऐसे जातकों को धन से संबंधित परेशानी, वाणी दोष, कुटुम्ब के व्यक्तियों से क्षति का सामना करना पड़ सकता है. शत्रु से परेशानी, भाग्य में बाधा रहेगी।

सिंह राशि : चांडाल योग बनने से बनते काम में रुकावट, भाइयों में टकराव, मानसिक चिंता, संतान से चिंता, स्वास्थ्य में कमी महसूस हो सकती है।

कन्या राशि : द्वादश भाव से बन रहा है, यात्रा योग बने तो टालें, जरूरी होने पर सावधानी रखें. पारिवारिक मामलों में, स्त्री पक्ष के संबंधों में सतर्कता रखें व वाद-विवाद से बचकर चलें ।

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तुला राशि : एकादश आय भाव से चांडाल योग का भ्रमण होने से आय के साधनों में कमी महसूस होगी व बड़े भाइयों से मनमुटाव की संभावना रहेगी. अनैतिक कार्यों से धन आएगा. स्थायित्व नहीं रहेगा।

वृश्चिक राशि : चांडाल योग दशम भाव से होने से राजनीति के क्षेत्र में बाधा, व्यापार-व्यवसाय में रुकावटों का सामना, नौकरी में परेशानी, पिता को कष्ट जैसी समस्या से जुझना पड़ता है।

धनु राशि : नवम भाव से भ्रमण होने के कारण भाग्य में कमी, धर्म-कर्म में आस्था की कमी व पारिवारिक कष्ट सहना पड़ता है. स्थानीय राजनीति में व्यवधान भी रहता है।

मकर राशि : अष्टम भाव से चांडाल योग होने से चरित्र को सही रखें व स्वास्थ्य का ध्यान रखें. बाहरी संबंधों में सतर्कता बरतें. पराक्रम में कमी, शत्रु से बाधा रह सकती है।

कुंभ राशि : सप्तम भाव से चांडाल योग चल रहा है, ऐसी स्थिति में दैनिक व्यवसाय पर कुप्रभाव पड़ता है. स्त्री से मनमुटाव व वाद-विवाद की संभावना बढ़ती है।

मीन राशि : षष्ट भाव से भ्रमण होने से शत्रुपक्ष में बाधा, कोर्ट कचहरी के मामलों में हार का सामना करना पड़ सकता हैं।प्रभाव में कमी, पिता को कष्ट रह सकता है।

गुरु चांडाल योग का उपाय

ज्योतिष शास्त्र में गुरु चांडाल योग से बचाव के उपाय भी बताए गए हैं जिन्हें अपनाकर इस अशुभ योग के दुष्प्रभाव दूर किए जा सकते हैं।

आइए जानते हैं क्या है वो उपाय

‘गुरु चांडाल’ योग के प्रभाव को कम करने के लिए माथे पर रोजाना केसर, हल्दी का तिलक लगाना चाहिए. गुरुवार को पीले वस्त्र पहनकर पीली वस्तुओं का दान करना चाहिए. गुरुजनों का आशीर्वाद प्राप्त कर उनका आदर करना चाहिए. इसके अलावा राहु के मंत्रों का जाप करें. साथ ही बृहस्पतिवार को भगवान विष्णु की पूजा करनी चाहिए. संभव हो तो केले का पौधा लगाएं और उसकी नित्य पूजा करें।

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