गोधन न्याय योजना के तहत जिले में गौठान मेला का आयोजन

राजनांदगांव : गोधन न्याय योजना के तहत जिले में गौठान मेला का आयोजन

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कलेक्टर की पहल पर गौठानों को आजीविका केन्द्र के रूप में विकसित करने के लिए किया गया नवाचार

खुशी के माहौल में जिले में गौठान मेला आयोजित

मिनी राईस मिल, मसाला पीसने की मशीन एवं आईल ऐक्सपेलर मशीन का दिया गया डेमोंस्टे्रशन

पशुओं के लिए उपयुक्त चारा एजेला उत्पादन करने की तकनीक के संबंध में दी गई जानकारी

रागी का इडली एवं हलवा, सीताफल की आईसक्रीम, बेल शरबत बनाने के लिए दिया गया प्रशिक्षण

जिले के सभी विकासखंडों में शासन की महत्वपूर्ण गोधन न्याय योजना के तहत गौठान मेला का आयोजन आज किया गया। राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम सांकरा, रेंगाकठेरा, चारभांठा, डोंगरगढ़ विकासखंड के ग्राम भोथली, पिनकापार, सिवनीकला, डोंगरगांव विकासखंड के ग्राम दिवानभेड़ी, छुरिया विकासखंड के ग्राम घोरतलाव में गौठान मेला का आयोजन किया गया। कलेक्टर श्री डोमन सिंह की पहल पर नवाचार के तौर पर शासन की महत्वाकांक्षी गोधन न्याय योजना के तहत गोबर क्रय, वर्मी कम्पोस्ट उत्पादन एवं विक्रय, चारागाह निर्माण एवं मल्टीएक्टीविटी को बढ़ावा देने के लिए जिले के सभी विकासखंड में क्लस्टरवार गौठानों में गौठान मेला का आयोजन किया गया। इसके अंतर्गत गौठानों को आजीविका केन्द्र के रूप में विकसित करने के लिए कार्य किया जा रहा है। महिला स्वसहायता समूहों द्वारा तैयार प्रोड्क्ट को स्थापित करने के उद्देश्य से क्लस्टर में गौठान ग्राम चिन्हांकित कर गौठान मेला का आयोजन किया जा रहा है। खुशी के माहौल में जिले में गौठान मेला में जनप्रतिनिधि, ग्रामवासी, समूह की महिलाएं शामिल हुए। जिला पंचायत सीईओ श्री अमित कुमार के मार्गदर्शन में गौठान मेला का सफल आयोजन किया गया। इसके अंतर्गत समूह की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए कार्य किए जा रहे हैं। आगामी 17 मार्च को जिले के मुख्य गौठानों में गौठान मेला आयोजन किया जाएगा।

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गौठान मेला में समूह की महिलाओं को वर्मी कम्पोस्ट निर्माण, गौमूत्र से कीटनाशक ब्रम्हास्त्र बनाने की तकनीक, डी-कम्पोजर के माध्यम से गोबर को वर्मी कम्पोस्ट में बदलने की तकनीक, एजेला उत्पादन करने की तकनीक के संबंध में जानकारी दी जा रही है। एजेला पशुओं के लिए पौष्टिक चारा है जिससे दुग्ध उत्पादन बढऩे के साथ ही गोबर की गुणवत्ता अच्छी होती है। समूह की महिलाओं को मशरूम उत्पादन देने के साथ ही सीताफल की आईसक्रीम, बेल शरबत, रागी का इडली एवं हलवा बनाने की तकनीक का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। मिनी राईस मिल, मसाला पीसने की मशीन एवं आईल ऐक्सपेलर मशीन का डेमोंस्टे्रशन दिया जा रहा है। इस अवसर पर शासन की योजनाओं की जानकारी किसानों एवं समूह की महिलाओं को दी गई। जनप्रतिनिधियों एवं किसानों ने अपने विचार साझा किए। कृषि विभाग द्वारा शासन की सुराजी गांव योजना, राजीव गांधी किसान न्याय योजना, जैविक खेती मिशन, शाकंभरी योजना, किसान समृद्धि योजना, स्वायल हेल्थ कार्ड योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, आत्मा योजना सहित अन्य योजनाओं के लाभ के बारे में बताया गया। उद्यानिकी विभाग द्वारा सामुदायिक बाड़ी के लिए खेती-किसानी के उन्नत तकनीक की जानकारी दी गई। मल्चिंग विधि, राष्ट्रीय बागवानी मिशन, टिश्यू कल्चर, ड्रिप सिंचाई सहित अन्य योजनाओं के बारे में बताया गया। मत्स्य पालन विभाग द्वारा मछुआ सहकारिता, मत्स्यजीवियों का दुर्घटना बीमा, प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के बारे में बताया गया। पशुधन विकास विभाग द्वारा बैकयार्ड कुक्कुट पालन, पशुधन मित्र योजना तथा कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिकों द्वारा कृषि के उन्नत तकनीक के बारे में जानकारी दी गई।